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Blog / 12 Mar 2025

इन्फ्लूएंजा बी और स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि

सन्दर्भ:

हाल ही में दिल्ली में फ्लू के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। शहर के विभिन्न अस्पतालों ने इन्फ्लूएंजा बी और एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) वायरस से प्रभावित रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की है।

फ्लू  ने सभी आयु समूहों को प्रभावित किया है। मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, थकान और ऊपरी श्वसन पथ संक्रमण (Upper Respiratory Tract Infection) शामिल हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष का फ्लू वायरस अधिक संक्रामक और गंभीर प्रकृति का है, जिसके परिणामस्वरूप अस्पतालों में गंभीर मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।

इन्फ्लूएंजा के बारे में:

    इन्फ्लूएंजा, जिसे सामान्यतौर पर फ्लू के रूप में जाना जाता है, एक तीव्र वायरल संक्रमण (Acute Viral Infection) है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र (Respiratory System) को प्रभावित करता है। इसे दुनिया के सबसे घातक संक्रामक रोगों में से एक माना जाता है।

    यह संक्रमित व्यक्तियों के सीधे संपर्क, दूषित वस्तुओं और हवा में मौजूद वायरस कणों (Aerosolized Virus Particles) के माध्यम से फैलता है। संक्रमण की उच्च दर और तेज़ी से प्रसार क्षमता इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनाती है।

इन्फ्लूएंजा के प्रकार:

इन्फ्लूएंजा वायरस के चार मुख्य प्रकार हैं:

        टाइप A : प्रकार A यह मौसमी महामारी (Seasonal Epidemics) और वैश्विक महामारी (Pandemics) का प्रमुख कारण बनता है। इसे उपप्रकारों में विभाजित किया जाता है, जैसे A(H1N1) और A(H3N2)

        टाइप बी : मौसमी महामारी का कारण बनता है, लेकिन उपप्रकारों में वर्गीकृत नहीं है। इसे दो वंशों में विभाजित किया जा सकता है: बी/यामागाटा और बी/विक्टोरिया।

        टाइप सी : यह हल्के संक्रमण (Mild Infections) का कारण बनता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कम महत्वपूर्ण है।

        टाइप डी : मुख्यतः मवेशियों को प्रभावित करता है तथा मनुष्यों में बीमारी का कारण नहीं बनता।

A(H1N1) और A(H3N2) में क्या अंतर है ?

दोनों इन्फ्लूएंजा A वायरस के उपप्रकार हैं जो मनुष्यों में प्रसारित होते हैं।

        (एच1एन1) : यह वायरस 2009 की महामारी का कारण बना। इसे A/(H1N1)pdm09 के नाम से भी जाना जाता है।

        (एच3एन2) : यह इन्फ्लूएंजा का एक और सामान्य उपप्रकार है जोकि अधिक गंभीर मौसमी फ्लू (Severe Flu Seasons) से जुड़ा होता है।

इन्फ्लूएंजा का वैश्विक प्रभाव:

    हर साल लगभग 1 अरब लोग मौसमी इन्फ्लूएंजा से प्रभावित होते हैं। इनमें से 30 से 50 लाख (3-5 मिलियन) मामले गंभीर होते हैं।

    हर साल अनुमानित 2.9 लाख से 6.5 लाख मौतें इन्फ्लूएंजा से संबंधित श्वसन संक्रमणों के कारण होती हैं।

    5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इन्फ्लूएंजा से संबंधित 99% मौतें विकासशील देशों में होती हैं।

निष्कर्ष:

दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा एक सामान्य बीमारी है जो गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं को जन्म दे सकती है, विशेषकर कमजोर समूहों में। टीकाकरण और अच्छी स्वच्छता प्रथाएँ इन्फ्लूएंजा को रोकने और इसके प्रसार को कम करने के सर्वोत्तम तरीके हैं। यदि लक्षण दिखाई देते हैं, तो प्रारंभिक उपचार बीमारी को प्रबंधित करने और गंभीर परिणामों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते है।