सन्दर्भ : हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका TRUST पहल की शुरुआत की गई। यह पहल विशेष रूप से फार्मास्युटिकल उत्पादन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करने में सहायक होगी। भारत, जो चीन के बाद सक्रिय फार्मास्युटिकल संघटक (Active Pharmaceutical Ingredients - APIs) का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है, इस पहल से विशेष रूप से लाभान्वित हो सकता है।
भारत-अमेरिका TRUST पहल के बारे में:
· यह पहल भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसका मुख्य फोकस लिथियम, दुर्लभ पृथ्वी तत्व (रेयर अर्थ एलिमेंट्स) और अन्य रणनीतिक संसाधनों पर है। यह पहल भारत की हाल ही में अमेरिका-नेतृत्व वाले खनिज सुरक्षा वित्त नेटवर्क (एमएसएफएन) और खनिज सुरक्षा साझेदारी (एमएसपी) में सदस्यता के आधार पर आगे बढ़ी है।
पहल के प्रमुख उद्देश्य:
- महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाना और किसी एक स्रोत पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना।
- प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना और निर्यात नियंत्रण से जुड़ी बाधाओं को दूर कर रणनीतिक उद्योगों में व्यापार और नवाचार को मजबूत करना।
- रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अर्धचालक और जैव प्रौद्योगिकी जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में व्यापार और सहयोग को मजबूत करना।
- फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए आवश्यक खनिजों, जैसे लिथियम और जिंक, की आपूर्ति श्रृंखला को विकसित करना।
- नवाचार और सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए सरकारों, अनुसंधान संस्थानों और निजी उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना।
खनिज सुरक्षा साझेदारी (Mineral Security Partnership):
यह एक वैश्विक पहल है, जिसे 2022 में महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला में जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य खनिजों के निष्कर्षण, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में निवेश को बढ़ावा देना है।
सदस्यता और वित्तीय सहायता:
· MSP में 14 देश और यूरोपीय आयोग शामिल हैं, जो सामूहिक रूप से वैश्विक GDP का 50% से अधिक योगदान देते हैं।
· प्रमुख वित्तीय संस्थानों में अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त निगम (DFC), यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) और जापानी अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) शामिल हैं।
· MSP की वित्तीय सहायता केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वैश्विक परियोजनाओं में निवेश कर विविध आपूर्ति श्रृंखलाएं (Diversified Supply Chains) बनाना है।
· भारत 2023 में MSP का सदस्य बना और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में योगदान दे रहा है।
महत्वपूर्ण खनिज और उनका महत्व:
महत्वपूर्ण खनिज आधुनिक तकनीक का अभिन्न अंग हैं, लेकिन सीमित उत्पादन स्रोतों और भू-राजनीतिक कारकों के कारण इनकी आपूर्ति श्रृंखला अस्थिर बनी रहती है।
· उदाहरण: लिथियम, कोबाल्ट, निकल, तांबा और दुर्लभ पृथ्वी तत्व।
· भारत में महत्वपूर्ण खनिज: भारत ने 30 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान की है, जिनमें एंटिमनी, ग्रेफाइट, गैलियम और मोलिब्डेनम शामिल हैं। ये खनिज दूरसंचार, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा उद्योगों के लिए आवश्यक हैं।
महत्व:
- आर्थिक: इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन और दूरसंचार उद्योग के लिए अनिवार्य।
- पर्यावरणीय: सौर पैनल, पवन टरबाइन और अर्धचालकों जैसी नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों के लिए आवश्यक।
- सुरक्षा: रक्षा क्षेत्र में विमानों और मिसाइल प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण भूमिका।
निष्कर्ष
भारत-अमेरिका TRUST पहल महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। हालांकि, यह पहल अमेरिकी मुद्रास्फीति न्यूनीकरण अधिनियम (Inflation Reduction Act - IRA) के तहत भारतीय कंपनियों को जापान के समान कर प्रोत्साहन नहीं देती, लेकिन यह उच्च-तकनीकी उद्योगों में सहयोग के नए अवसर प्रदान करती है।
इस पहल के माध्यम से खनिज सुरक्षा वित्त नेटवर्क (MSFN) और खनिज सुरक्षा साझेदारी( MSP) के पूर्व प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और विविध बनाया जा सकेगा, जिससे भारत और अमेरिका दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।