संदर्भ:
हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को सेंट्रल बैंकिंग, लंदन द्वारा प्रतिष्ठित डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। इसमें RBI की परिवर्तनकारी डिजिटल पहलों, विशेष रूप से 'सारथी' और 'प्रवाह' कार्यक्रमों को वित्तीय और नियामक प्रगति हेतु मान्यता प्रदान दी गयी है। यह पुरस्कार डिजिटल नवाचार और प्रौद्योगिकी-संचालित शासन में उत्कृष्टता को मान्यता देता है।
डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार 2025 के बारे में:
· सेंट्रल बैंकिंग, लंदन द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला यह पुरस्कार वैश्विक केंद्रीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिया जाता है, जिन्होंने डिजिटल तकनीकों को अपनाकर अपने प्रशासन और परिचालन दक्षता को उल्लेखनीय रूप से सुधारने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
· यह पुरस्कार दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों, वित्तीय नियामकों और मौद्रिक संस्थानों को प्रदान किया जाता है। यह उन संस्थानों को मान्यता देता है जिन्होंने बेहतर मौद्रिक नीतियों और वित्तीय संचालन में योगदान देने वाले डिजिटल सुधारों को सफलतापूर्वक लागू किया है।
RBI के डिजिटल कार्यक्रम:
· RBI को इसकी अभूतपूर्व पहलों, 'सारथी' और 'प्रवाह', के लिए मान्यता दी गई, जिन्होंने संस्था के आंतरिक संचालन और बाहरी हितधारकों के साथ संवाद करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव किया है। ये दोनों पहल RBI द्वारा अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने, संचालन को सुव्यवस्थित करने और वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
सारथी पहल के विषय में:
· सारथी' RBI के कर्मचारियों के लिए डिज़ाइन की गई एक आंतरिक डिजिटलीकरण प्रणाली है। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को स्वचालित करना, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार करना और विभिन्न विभागों के बीच निर्बाध संचार की सुविधा प्रदान करना है, जिससे संस्था के आंतरिक संचालन को अधिक कुशल और प्रभावी बनाया जा सके।
मुख्य उद्देश्य और प्रभाव:
स्वचालन और डेटा प्रबंधन:
· इस प्रणाली ने कई कार्यों को स्वचालित करके मैन्युअल कागजी कार्रवाई की आवश्यकता को काफी कम कर दिया है। इससे न केवल आंतरिक प्रक्रियाओं की गति और सटीकता में सुधार हुआ है, बल्कि RBI के विभिन्न विभागों में डेटा ट्रैकिंग और सहयोग को भी बढ़ावा मिला है।
एकीकृत प्रणाली एकीकरण:
· सारथी सभी आंतरिक विभागों को एक एकीकृत प्रणाली के तहत लाता है, जिससे कार्य ट्रैकिंग और रिकॉर्ड-कीपिंग सरल हो जाती है। एकीकरण के इस स्तर ने RBI के भीतर बेहतर समन्वय को बढ़ावा दिया है, जिससे संचालन अधिक सुचारू और पारदर्शी हो गया है।
प्रवाह पहल के विषय में:
· प्रवाह एक डिजिटल विनियामक अनुप्रयोग प्लेटफ़ॉर्म है जोकि बाहरी उपयोगकर्ताओं को RBI को इलेक्ट्रॉनिक रूप से विनियामक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की अनुमति देता है। यह पहल RBI द्वारा संभाले जाने वाले 70 से अधिक विनियामक अनुप्रयोगों को डिजिटल बनाने पर केंद्रित है, जिससे प्रक्रिया अधिक कुशल और सुरक्षित हो जाती है।
मुख्य उद्देश्य और प्रभाव:
· कागजी कार्रवाई में कमी: सारथी के साथ डिजिटल लिंक बनाकर, प्रवाह ने भौतिक कागजी कार्रवाई की आवश्यकता को काफी कम कर दिया है, जिससे दस्तावेज़ों को तेज़ी से और अधिक सुरक्षित तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।
· बेहतर पारदर्शिता और साइबर सुरक्षा: प्लेटफ़ॉर्म ने सबमिशन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बना दिया है, साथ ही वित्तीय दस्तावेज़ीकरण हेतु साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल को भी मजबूत किया है। परिणामस्वरूप, बाहरी उपयोगकर्ताओं को RBI के विनियामक कार्यों से निपटने में एक सहज अनुभव होता है।
निष्कर्ष:
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025 RBI की प्रशासनिक दक्षता और परिचालन सुधार में डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग की पुष्टि करता है। ‘सारथी’ और ‘प्रवाह’ जैसी पहलें न केवल केंद्रीय बैंकों के भीतर डिजिटल परिवर्तन का एक वैश्विक मानक स्थापित करती हैं, बल्कि भारत की वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जैसे-जैसे डिजिटल तकनीकों का विकास हो रहा है, RBI की नवाचार-प्रधान रणनीति इसे वैश्विक वित्तीय शासन और नियामकीय ढांचे में अग्रणी बनाए रखेगी। यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और समावेशी वित्तीय प्रणाली को भी मजबूती प्रदान करेगा।