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Blog / 08 Mar 2025

AI कोष (Kosha)

संदर्भ:

हाल ही में भारत सरकार ने AI कोष लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य शोधकर्ताओं, उद्यमियों और स्टार्टअप्स को उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एप्लिकेशन विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण डेटासेट, कंप्यूटिंग संसाधनों और आवश्यक उपकरणों तक पहुँच प्रदान करना है।

·        यह पहल व्यापक इंडियाएआई मिशन  का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नवाचार को बढ़ावा देना और AI-संचालित समाधानों के विकास के माध्यम से देश के AI पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है।

AI कोष की मुख्य विशेषताएँ-

AI कोष कई प्रमुख विशेषताएँ प्रदान करता है जो पूरे भारत में AI शोधकर्ताओं और इनोवेटर्स को लाभान्वित करेंगी:

·        डेटासेट:  AI कोष में 316 डेटासेट शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश भाषा अनुवाद उपकरणों के विकास पर केंद्रित हैं। यह डेटासेट बहुभाषी AI मॉडल विकसित करने के लिए AI शोधकर्ताओं और डेवलपर्स के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में काम करेगें।

·        कंप्यूटिंग क्षमता:  यह प्लेटफ़ॉर्म 14,000+ ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) तक पहुँच प्रदान करता है, जिसे तिमाही आधार पर और बढ़ाया जाएगा। GPU AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं, और यह संसाधन स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को अपनी AI परियोजनाओं में तेज़ी लाने में सक्षम बनाएगा।

·        लागत-प्रभावशीलता: AI कोष की एक बड़ी विशेषता इसकी सुलभता है। GPU उपयोग की लागत मात्र 67 प्रति घंटे निर्धारित की गई है, जिससे यह MSMEs, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के लिए AI मॉडल के अनुसंधान, विकास और परीक्षण का एक सस्ता और सुलभ माध्यम बन जाता है।

इंडियाएआई मिशन  के बारे में:

·        AI कोष, इंडिया एआई मिशन  का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में AI अनुसंधान और तैनाती को बढ़ावा देना है। 10,370 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ, इस मिशन को भारत में एक मज़बूत AI पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें सात प्रमुख स्तंभ शामिल हैं, और इंडिया एआई मिशन  डेटासेट प्लेटफ़ॉर्म, जिसका AI कोष एक हिस्सा है, AI नवाचार के लिए आवश्यक डेटा और संसाधन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

AI अनुसंधान के लिए सरकार का प्रयास :

·        भारत सरकार AI अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने में सक्रिय रही है। 2018 में, सरकार ने AI विकास को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स और सरकारी एजेंसियों को गैर-व्यक्तिगत डेटा (जैसे, राइड-शेयरिंग ऐप्स से ट्रैफ़िक डेटा) तक पहुँच प्रदान करने की संभावना तलाशने के लिए एक समिति का गठन किया था। हालांकि, इस पहल को तकनीकी उद्योग के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार ने AI अनुसंधान को आगे बढ़ाने के अपने प्रयास जारी रखे हैं। इससे भारत को AI में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने की उसकी प्रतिबद्धता और मज़बूत हुई है।

आगे की राह:

AI कोष का शुभारंभ भारत में AI अनुसंधान के एक नए युग की शुरुआत करता है। इस पहल के तहत, भारतीय शोधकर्ता और स्टार्टअप्स को महत्वपूर्ण डेटासेट और उन्नत कम्प्यूटेशनल संसाधनों तक पहुँच मिलेगी, जिससे वे ऐसे AI समाधान विकसित कर सकेंगे, जो देश की चुनौतियों का समाधान कर सकेगे यह प्लेटफ़ॉर्म भारत को AI नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करता है। जैसे-जैसे सरकार AI अनुसंधान का समर्थन करना जारी रखेगी, भारत AI तकनीक और नवाचार में एक प्रमुख देश बन कर वैश्विक नेतृत्व की और आगे बढेगा।