संदर्भ: हाल ही में 20वीं एसोसिएशन ऑफ ऑन्कोलॉजिस्ट्स ऑफ नॉर्थईस्ट इंडिया (AONEI) सम्मेलन का आयोजन ईटानगर में किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देशभर से 150 से अधिक अग्रणी ऑन्कोलॉजिस्टों ने सहभागिता की, जिसमें विशेष रूप से नॉर्थईस्ट राज्यों से उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कैंसर उपचार की नवीनतम विधियों पर विचार-विमर्श करना तथा क्षेत्र में ऑन्कोलॉजी प्रथाओं और रोगी देखभाल को उन्नत बनाना था।
20वीं एसोसिएशन ऑफ ऑन्कोलॉजिस्ट्स ऑफ नॉर्थईस्ट इंडिया के बारे में:
एसोसिएशन ऑफ ऑन्कोलॉजिस्ट्स ऑफ नॉर्थईस्ट इंडिया (AONEI) की स्थापना 2004 में की गई थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में कैंसर अनुसंधान, उपचार और जागरूकता को बढ़ावा देना था।
· इस एसोसिएशन का विचार पहली बार डॉ. C. भुइयाँ और डॉ. जुदिता सियेमलियह ने शिलॉन्ग में एक नाश्ते की बैठक में प्रस्तुत किया था।
· इसके बाद, दिसंबर 2004 में होटल पोलो टावर, शिलॉन्ग में एक औपचारिक स्थापना बैठक हुई, जिसमें 20 ऑन्कोलॉजिस्टों ने समर्थन दिया था।
AONEI के उद्देश्य:
· ऑन्कोलॉजिस्टों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान साझा करना।
· नॉर्थईस्ट इंडिया में ऑन्कोलॉजी प्रैक्टिस को सुधारना।
· अन्य चिकित्सा पेशेवरों, जैसे सर्जन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ और हेमाटोलॉजिस्ट के साथ सहयोग करना।
· सम्मेलन, कार्यशालाएँ और कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रमों का आयोजन करना।
· कैंसर अनुसंधान और उपचार पर वैज्ञानिक लेख प्रकाशित करना।
· सामाजिक और सामुदायिक पहल करना, जैसे कैंसर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को रोकथाम और शीघ्र पहचान के बारे में शिक्षित करना।
कैंसर :
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं। यह किसी भी अंग या ऊतक में विकसित होकर ट्यूमर (गांठ) का रूप ले सकता हैं। सामान्य परिस्थितियों में, कोशिकाएँ संपर्क में आने पर अपनी वृद्धि रोक देती हैं, लेकिन कैंसर कोशिकाएँ इस प्राकृतिक प्रक्रिया, जिसे संपर्क निषेध (contact inhibition) कहा जाता है, को खो देती हैं और अनियंत्रित रूप से बढ़ती रहती हैं।
कैंसर के कारण
कैंसर सामान्य कोशिका वृद्धि और विभाजन में गड़बड़ी के कारण होता है। इसके विकास में कई कारक योगदान करते हैं, जिनमें शामिल हैं:
· आनुवंशिकी और वंशानुगत जोखिम।
· पर्यावरणीय प्रभाव जैसे तंबाकू, रसायन और विकिरण।
· जीवनशैली के कारक, जैसे आहार और शारीरिक गतिविधि।
· खराब मौखिक स्वच्छता, जो मुंह के कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है।
नॉर्थईस्ट इंडिया में कैंसर के मामले अधिक क्यों हैं?
नॉर्थईस्ट इंडिया में कैंसर की दर पूरे देश से कहीं अधिक है। इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
· तंबाकू का उच्च सेवन, जो मुँह और फेफड़ों के कैंसर का एक प्रमुख कारण है।
· आहार की आदतें, जैसे बहुत गर्म पेय और किण्वित खाद्य पदार्थों का सेवन, जो कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
· स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच, जिसके कारण निदान और उपचार में देरी होती है।
नॉर्थईस्ट इंडिया में कैंसर की उच्च दर यह दर्शाती है कि जागरूकता, निवारक उपायों और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल संरचना की आवश्यकता है। AONEI के शोध, शिक्षा और जागरूकता के प्रयास इस बढ़ते मुद्दे से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।