(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जून 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (28 जून 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

One Nation-One Card: देशभर में राशन हेतु एक ही कार्ड

  • राशन कार्ड को आधार नंबर से जोड़ देने से इस प्रणाली में चोरी और धांधली रोकने में जबर्दस्त सफलता मिली है। केंद्र सरकार ने अब उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए 'एक राष्ट्र-एक कार्ड' (One Nation-One Card) योजना शुरु करने का फैसला लिया है। इससे उपभोक्ता किसी दूसरे राज्य की किसी भी राशन दुकान से रियायती दरों पर अनाज उठा सकती है। इस सुविधा से रोटी रोटी और नौकरियों के लिए शहरों की ओर पलायन करने वाले उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकेगा।
  • केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने देशभर के खाद्य सचिवों की एक बैठक बृहस्पतिवार को दिल्ली में बुलाई थी। इसी दौरान खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने एक राष्ट्र-एक कार्ड योजना की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं के हितों के लिए हर संभव कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से उपभोक्ताओं को किसी एक दुकान से बांध कर नहीं रखा जा सकता है। राशन दुकानदारों की मनमानी और चोरी को बंद करने में मदद मिलेगी।
  • उन्होंने बताया कि देश के आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में यह कार्यक्रम इंटीग्रेटड मैनेजमेंट आफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (आईएमपीडीएस) के नाम से जाना जाता है। सफलतापूर्वक चल रही इस व्यवस्था में राज्य के भीतर किसी भी जिले से उपभोक्ता अपने हिस्से का राशन किसी भी दुकान से प्राप्त कर सकता है। राज्यों से खाद्य सचिवों को यह व्यवस्था बहुत अच्छी लगी, जिसे सभी अपने राज्य में लागू करने की हामी भरी है।
  • बैठक में राशन प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया कि एफसीआई, केंद्रीय भंडारण निगम, राज्य भंडारण निगम और निजी क्षेत्र के गोदामों में अनाज को आन लाइन कर दिया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से पूरी प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। गोदामों से अनाज की आपूर्ति करते समय अनाज की गुणवत्ता का जायजा आन लाइन लिया जा सकेगा। राशन दुकानदारों के साथ उपभोक्ताओं को अनाज की आपूर्ति के समय दर्ज किया जा सकता है। गेहूं व चावल उत्पादक राज्यों ने अपने यहां भंडारण की समस्या का मुद्दा भी उठाया।

राजस्‍थान में सड़कों और राजमार्गों को विक‍सित करने हेतु विश्‍व बैंक के साथ 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण समझौता हस्‍ताक्षर

  • भारत सरकार, राजस्‍थान सरकार और विश्‍व बैंक ने आज राजस्‍थान राजमार्ग विकास कार्यक्रम II परियोजना के लिए 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए। इसका उद्देश्‍य राजस्‍थान के राजमार्गों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्‍य की क्षमता को बढ़ाना और राजस्‍थान के चुनिंदा राजमार्गों पर यातायात के प्रवाह को बेहतर बनाना है।
  • विश्‍व बैंक से सहायता प्राप्‍त इस परियोजना से राज्‍य के 766 किलोमीटर लंबे राजमार्गों और प्रमुख जिला सड़कों के निर्माण, उन्‍नयन, सुधार और रखरखाव में मदद मिलेगी। इससे ठेकों के प्रबंधन, डेटा रिपोर्टिंग, गुणवत्‍ता नियंत्रण इत्‍यादि के लिए एक ऑनलाइन परियोजना प्रबंधन प्रणाली का निर्माण करने और एक स्‍मार्ट फोन एप्‍लीकेशन को विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
  • इस परियोजना से लोक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्‍यूडी) की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी जो राज्‍य के लगभग 70 प्रतिशत सड़क नेटवर्क के साथ-साथ राजस्‍थान राज्‍य राजमार्ग प्राधिकरण के नेटवर्क के लिए भी जवाबदेह है।
  • राजस्‍थान सरकार ने ‘रिसर्जेंट राजस्थान’ के अपने विजन के तहत एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में वित्‍त वर्ष 2014-15 में ‘राजस्‍थान राजमार्ग विकास कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया था। इस महत्‍वाकांक्षी योजना का लक्ष्‍य सार्वजनिक-निजी साझेदारियों के जरिये 20,000 किलोमीटर लंबे राज्‍य राजमार्गों और प्रमुख जिला सड़कों को विकसित करना है।
  • विश्‍व बैंक से सहायता प्राप्‍त इस परियोजना से राजस्‍थान की प्रतिस्‍पर्धी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी क्‍योंकि इससे राज्‍य की आम जनता विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों और विभिन्‍न गलियारों (कॉरिडोर) के आसपास स्थित छोटे केंद्रों में रहने वाले लोगों की पहुंच बुनियादी सेवाओं तक बढ़ जाएगी।
  • अंतरराष्‍ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) से प्राप्‍त होने वाले 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की परिपक्‍वता अवधि 25 साल है जिसमें 5 साल की मोहलत अवधि भी शामिल है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में बातचीत के मुख्य मुद्दे

जापान में जी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। व्यापार टैरिफ (शुल्क), रूस के साथ भारत के रक्षा सौदे और ईरान के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ते मतभेदों के मद्देनजर दोनों नेताओं के बीच होने वाली यह मुलाकात बड़ी अहम मानी जा रही है।

टैरिफ को लेकर टकरार

  • हाल ही में अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भारत को अपनी व्यापारिक वरीयता की लिस्ट यानी जीएसपी से बाहर कर दिया है। यानी निर्यातकों के उत्पादों पर अमेरिका में 10 फीसद ज्यादा शुल्क लगेगा। अमेरिका के इस कदम के बाद भारत ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 चीज़ों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया। यह फैसला 16 जून से अमल में आ गया है।
  • अमेरिकी उत्पादों पर भारत के टैरिफ पर ट्रंप पहले भी नाख़ुशी जता चुके हैं और उन्होंने भारत को टैरिफ किंग तक कहा है। अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च एजेंसी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के अनुसार 2018 में भारत के कुल 54 अरब डॉलर के वस्तु निर्यात में अमेरिका से 11 फीसद यानी करीब 6.3 अरब डॉलर का निर्यात हुआ था।

ईरान है बड़ा मुद्दा

  • दोनों देशों के बीच ईरान को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। भारत के सामने दुविधा यह है कि जैसे-जैसे ईरान पर प्रतिबंधों का शिंकजा कसेगा, उसमें भारत को तय करना पड़ेगा कि वो ईरान के साथ कितनी दूर चलना चाहता है। भारत को ये देखना पड़ेगा कि उसकी ऊर्जा नीति पर क्या असर पड़ रहा है। इतने प्रतिबंध लगने के बाद भारत, ईरान के साथ बहुत कुछ कर नहीं सकता।
  • तेल की पूरी अर्थव्यवस्था परिवहन, बीमा और लॉजिस्टिक्स पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर है। इसलिए भारत सरकार भले ही प्रतिबंधों को न माने, लेकिन कंपनियों को प्रतिबंधों के हिसाब से ही चलना होगा। भारत का ईरान के साथ सिर्फ तेल का संबंध नहीं है। भारत ने चबहार बंदरगाह में बड़ा निवेश किया है। लेकिन अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से भारत-ईरान संबंध के बढ़ने की संभावनाएं कम लग रही हैं। वहीं अमेरिका को उम्मीद है कि 2019 में भारत ईरान से अपने तेल आयात में कटौती करेगा।

एस-400 मिसाइल का विवाद

  • भारत ने एस -400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए रूस के साथ समझौता किया है। लेकिन अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि भारत एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के फैसले पर आगे बढ़ता है तो उससे रक्षा संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा और उसपर काउंटरिंग अमेरिकाज ऐडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस ऐक्ट (सीएएटीएसए) प्रतिबंध लग सकता है।

व्यापार संबंध

  • अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वह चीन की तुलना में अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए अधिक महत्व देता है। पिछले दो साल में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग 119 अरब डॉलर (करीब 83.30 खरब रुपये) से बढ़कर 142 अरब डॉलर (98 खरब रुपये) करीब हो गया है। भारत की ऊर्जा चिंता को दूर करने के लिए, अमेरिका ने 2017 में भारत में कच्चे तेल के निर्यात को 10 मिलियन बैरल से बढ़ाकर 2018 में 50 मिलियन बैरल कर दिया।

डब्ल्यूटीओ समिति ने नवीकरणीय ऊर्जा के मामले में अमेरिका के खिलाफ भारत के पक्ष में सुनाया फैसला

  • विश्व व्यापार संगठन (डब्लयूटीओ) ने अमेरिका के आठ राज्यों में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के उपकरणों में स्थानीय हिस्सेपुर्जों को प्रथमिकता और सब्सिडी की नीति को वैश्विक व्यापार प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए भारत के पक्ष में फैसला सुनाया।
  • डब्ल्यूटीओ ने बृहस्पतिवार को एक बयान में इसकी जानकारी दी।डब्ल्यूटीओ विवाद समाधान समिति ने अमेरिका के कई कदमों को प्रशुल्क और व्यापार पर सामान्य समझौता (गैट) के कुछ प्रावधानों के प्रतिकूल माना है। समिति ने कहा कि गैट के तहत भारत को मिलने वाले फायदों को अमेरिका ने निष्प्रभावी किया।
  • समिति ने अपने निर्णय में कहा कि अमेरिका द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित उठाये गये दस कदम गैट 1994 के प्रावधानों के प्रतिकूल हैं। भारत ने इस मामले में सितंबर 2016 में डब्ल्यूटीओ के समक्ष अमेरिका की शिकायत की थी।समिति के इस फैसले को डब्ल्यूटीओ के अपीलीय निकाय में चुनौती दी जा सकती है।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

बॉम्बे HC का बड़ा फैसला: मराठा आरक्षण बरकरार, 16 से घटाकर किया 12 से 13 प्रतिशत

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार ( 27 जून) को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने हालांकि कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुरूप आरक्षण का प्रतिशत 16 से घटाकर 12 से 13 प्रतिशत किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा, ‘हम व्यवस्था देते हैं और घोषित करते हैं कि राज्य सरकार के पास सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईबीसी) के लिए एक पृथक श्रेणी सृजित करने और उन्हें आरक्षण देने की विधायी शक्ति है।’
  • महाराष्ट्र सरकार के फैसले को दी गई थी चुनौतीः पीठ ने कहा, ‘हालांकि, हमारा कहना है कि आयोग की सिफारिश के अनुरूप, 16 प्रतिशत को कम करके 12 से 13 प्रतिशत किया जाना चाहिए।’अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा समुदाय को 16 प्रतिशत आरक्षण देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। महाराष्ट्र विधानसभा ने 30 नवंबर 2018 को एक विधेयक पारित किया था जिसमें मराठाओं को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 16 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। राज्य सरकार ने इस समुदाय को सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग घोषित किया था।

डिब्बाबंद खाने की चीजों पर लाल रंग में होगा शक्कर, फैट और नमक का जिक्र

  • देश में बिकने वाले डिब्बाबंद खाने की चीजों की पैकेजिंग जल्द पूरी तरह बदल सकती है। ऐसी चीजें तैयार करने वाली कंपनियों को भविष्य में प्रोडक्ट के पैकेट पर लाल रंग में अधिक फैट, शकर और नमक होने का उल्लेख करना होगा।
  • भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) पैकेज्ड फूड कंपनियों के लिए नए नियमों का मसौदा जारी किया है। एफएसएसएआई ने एक बयान जारी करके कहा, 'लेबलिंग के नए नियम लाने का उद्देश्य लोगों इस बात की ज्यादा और स्पष्ट जानकारी मुहैया कराना है कि जो डिब्बाबंद प्रोडक्ट वे खरीद रहे हैं, उसमें कौन-कौन सी सामग्री इस्तेमाल की गई है।' नए नियम अगले तीन वर्षों की अवधि में चरणबद्घ तरीके से लागू करने की योजना है।
  • दरअसल, देश में मोटापा और मधुमेह की समस्या बढ़ने के कारण सरकार ने दो साल पहले नियमों में बदलाव की शुरुआत की थी, जिसके तहत खाने-पीने की डिब्बाबंद चीजें तैयार करने वाली स्थानीय कंपनियों को प्रोडक्ट के लेबस पर फैट, शकर और नकम की मात्रा का उल्लेख करना जरूरी है। इसके साथ ही सरकार देशभर में कथित 'जंक फूड' पर 'फैट टैक्स' लगाने पर भी विचार कर रही है।
  • मौजूदा चलन यह है कि डिब्बाबंद खाने की चीजों का कारोबार करने वाली ज्यादातर कंपनियां पैकेट के पीछे की तरफ प्रोडक्ट में मौजूद सामग्री की विस्तृत जानकारी प्रिंट करती हैं। इसमें 'रिकमंडेड डेली वैल्यू' भी शामिल है।

आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित

  • एफएसएसएआई ने इस मसले से जुड़े सभी पक्षों से 30 दिन के भीतर नियमों के मसौदे पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि वह इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सभी सुझावों और आपत्तियों पर गौर करेगा।

उद्योग ने जताई चिंता

  • एफएसएसएआई ने 25 जून को जारी एक बयान में कहा है कि खाने-पीने की चीजों के पैकेट के सामने वाले हिस्से के लेबल पर लाल रंग में आरडीए (रिकमंडेड डायटरी अलाउंस) की प्रतिशत मौजूदगी का उल्लेख अनिवार्य रूप से करना होगा। हाल में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग ने पैकेजिंग के नियमों में प्रस्तावित बदलाव पर चिंता जताई है।

एआईएफपीए ने किया विरोध

  • 'ऑल इंडिया फूड प्रोसेसर्स एसोसिएशन' (एआईएफपीए) के अध्यक्ष सुबोध जिंदल ने कहा कि एफएसएसएआई के प्रस्तावित नियम न तो वैज्ञानिक हैं न ही व्यावहारिक। जिंदल ने कहा, 'सुझाव है कि प्राधिकरण को उपभोक्ताओं को अपनी खुराक और जीवनशैली के अनुरूप उपयुक्त खानपान के प्रति जागरूक बनाना चाहिए।'

गो ट्राइबल अभियान

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह कल नई दिल्ली में ट्राइब्स इंडिया के ‘गो ट्राइबल अभियान’ को लांच करेंगी। जनजातीय उत्पादों बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संगठनों के साथ समझौता और सहयोग स्थापित करने हेतु ट्राइफेड ने यह कार्यक्रम आयोजित किया है। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं निम्न हैं –

  • जनजातीय हस्तशिल्प और प्राकृतिक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कई नई गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। ट्राइब्स इंडिया ने ‘गो ट्राइबल अभियान’ आयोजित किया है।
  • अमेजन के साथ किये गए समझौते के अंतर्गत ट्राइब्स इंडिया और अमेजन ग्लोबल मार्केटिंग, ट्राइब्स इंडिया उत्पादों को Amazon.com के जरिये विश्व स्तर पर लांच करेंगे।
  • जनजातीय रेशम उत्पादों के विकास, संवर्धन व विक्रय और जनजातीय बुनकरों के सशक्तिकरण के लिए ट्राइब्स इंडिया केंद्रीय रेशम बोर्ड के साथ समझौता करेगा।
  • महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह के अंतर्गत ट्राइफेड ने खादी कुर्ता और जैकेट लांच किया है। इसके लिए ‘आई एम’ खादी फाउंडेशन के साथ समझौता किया गया है।

ट्राइफेड ने ग्रामीण विकास चेतना संस्था, बाड़मेर की सुश्री रूमा देवी के साथ समझौता किया है। इसके साथ फैशन परिधान की एक नई श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। सुश्री रूमा देवी को राष्ट्रपति ने नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया है। इंडिया टूडे पत्रिका ने अपने कवर पेज पर उन्हें स्थान दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों के आदिवासियों द्वारा उत्पादित मडुआ, ज्वार, बाजरा, लाल चावल, शहद, लाख के उत्पाद, मसाले, कॉफी, चाय, हस्तनिर्मित साबुन आदि उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।

ट्राइफेड: ट्राइफेड जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत एक संगठन है जो ट्राइब्स इंडिया ब्रांड के तहत जनजातीय कला व हस्तशिल्प समेत जनजातीय उत्पादों के विक्रय व विकास का कार्य करती है।

:: आर्थिक समाचार ::

एनबीएफसी संकट के बावजूद आर्थिक तंत्र मजबूत: RBI

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने कहा है कि हाल के दिनों की कुछ बड़ी चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर है। अपनी द्विवार्षिक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में बैंक ने कहा है कि चार वर्षो से कुछ ज्यादा समय तक बैंकों की फांस बने फंसे कर्ज (एनपीए) का बोझ घटकर 9.3 फीसद रह गया है। हालांकि बैंकिंग क्षेत्र के नियामक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पर अतिरिक्त निगरानी रखने की जरूरत बताई है। बैंक ने चेताया है कि अगर कोई बड़ी गैर-बैंकिंग कंपनी बिखरती है, तो अर्थव्यवस्था पर उतना ही असर पड़ता है, जितना उसी आकार के किसी बैंक के बिखरने से हो सकता है।
  • रिपोर्ट की प्रस्तावना में आरबीआइ के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सरकार और बैंक को मिलकर काम करने की जरूरत पर भी बल दिया है, ताकि आर्थिक विकास के रास्ते में आ रही चुनौतियों से मजबूती से निपटा जा सके। उन्होंने सरकारी बैंकों को भी हिदायत दी है कि वे निजी निवेश आकर्षित करने योग्य बनें और पूंजी के लिए सरकार पर निर्भरता कम करें।
  • रिपोर्ट में सरकार के लिए अच्छी बात यह बताई गई है कि इस वर्ष मार्च में समाप्त वित्त वर्ष के आखिर में बैंकों के एनपीए में कमी आई है। पिछले चार वर्षो से बैंकिंग सेक्टर को हलकान करने वाला एनपीए इस वर्ष मार्च के आखिर में घटकर 9.3 फीसद रह गया है, जो 11.2 फीसद पर था। आरबीआइ को उम्मीद है कि बैंकों का एनपीए चालू वित्त वर्ष के आखिर में घटकर नौ फीसद रह जाएगा। वहीं, अगले वर्ष मार्च के आखिर में सरकारी बैंकों का एनपीए भी घटकर 12 फीसद रह जाने की उम्मीद है, जो इस वर्ष मार्च की समाप्ति पर 12.6 फीसद रहा है।
  • आरबीआइ के मुताबिक बैंकिंग सेक्टर की सेहत में सुधार और तंत्र की मजबूती का एक संकेत यह है कि सेक्टर एनपीए के एवज में 60.6 फीसद तक प्रावधान करने में सफल रहा। पिछले वर्ष सितंबर के आखिर में सेक्टर एनपीए के एवज में 52.4 और मार्च के आखिर में 48.3 फीसद ही प्रावधान कर पाया था।
  • बैंकिंग नियामक का कहना है कि हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) की हालत अच्छी नहीं रही है, और उन पर और ज्यादा नजर रखने की जरूरत है।

बैंक के विशेष अधिकारी रखेंगे MSME पर नजर

  • सरकार अब यह मानने लगी है कि देश की लघु, छोटी व मझोली औद्योगिक इकाइयों (एमएसएमई) की स्थिति अनुमान से ज्यादा खराब है। देश के औद्योगिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन इकाइयों की स्थिति का सही जायजा लेने के लिए सभी बैंकों से कहा गया है कि वे महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी की विशेष तौर पर नियुक्त करें। अधिकारी हर हफ्ते अपने इलाके के एमएसएमई की पूरी वित्तीय स्थिति, उन्हें मिलने वाले कर्ज, बकाया कर्ज की स्थिति समेत ऐसे सभी मामलों की जानकारी एकत्रित करेंगे। ये अधिकारी एमएसएमई कंपनियों के हालात की गहरी समीक्षा करने की स्थिति में होंगे, जिनके सुझावों पर आगे कदम उठाए जा सकेंगे।
  • वित्त मंत्रलय की तरफ से सभी बैंकों के प्रमुखों को कहा गया है कि वह एमएसएमई सेक्टर पर खास तौर पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि इस सेक्टर की कोई भी कंपनी कर्ज की कमी महसूस न करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष नवंबर में इस सेक्टर की स्थिति सुधारने को लेकर एक विशेष अभियान की शुरुआत की थी। इनकी फंड संबंधी जरूरतों को बेहतर करने के लिए 12 सूत्री एजेंडा लागू किया गया था। इसके तहत 59 मिनट में उन्हें एक करोड़ रुपये तक का कर्ज देने की भी व्यवस्था की गई थी। वैसे, एजेंडे के तहत पांच ऐसे मामले हैं जिस पर महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को नजर रखने को कहा गया है। इनमें बैंक से कर्ज लेने वाले, फंसे कर्ज (एनपीए) के खाते वाले, बकाया कर्ज भुगतान के लिए ज्यादा वक्त दिए गए, कर्ज लेने वाले नए और अब तक सरकारी नीतियों का फायदा नहीं ले सकने वाले एमएसएमई कंपनियों का ब्योरा जुटाना शामिल हैं।
  • देश में पंजीकृत 6.5 करोड़ एमएसएमई हैं। ये तकरीबन 12 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं। देश के कुल निर्यात में इनकी हिस्सेदारी 45 फीसद है, जबकि सकल घरेलू उत्पाद में इनका हिस्सा 25 फीसद है। नोटबंदी के बाद से यह सेक्टर दिक्कतों से गुजर रहा है। इनके प्रतिनिधि लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें फंड मिलने में दिक्कत हो रही है। इसके लिए आरबीआइ का नये सकरुलर को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।

म्यूच्यूअल फंड्स के लिए SEBI ने सख्त किए नियम

  • भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड म्यूच्यूअल फंड्स के लिए नियम सख्त कर दिए। नए नियमों के मुताबिक म्यूच्यूअल फंड्स स्कीम चलाने वाली कंपनियां किसी कंपनी के साथ गुप्त समझौता नहीं कर सकेंगी। साथ ही लिक्विड फंड्स को अपना 20 फीसद हिस्सा नकदी के रूप में रखना होगा।
  • पूंजी बाजार नियामक सेबी ने जुलाई से डिफरेंशियल वोटिंग राइट शेयर के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हाल के दिनों में आइएलएंडएफएस, डीएचएफएल तथा जी ग्रुप द्वारा कर्ज पर डिफॉल्ट करने की घटनाओं को देखते हुए सेबी ने यह फैसला किया है।
  • सेबी के निदेशक बोर्ड की गुरुवार को बैठक हुई। उसके बाद सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा कि लिक्विड फंड्स के लिए अलग-अलग सेक्टरों में निवेश की अधिकतम सीमा भी 20 फीसद ही होगी।
  • हाल के दिनों में म्यूच्यूअल फंड्स ने शेयरधारकों की रकम का इस्तेमाल किसी कंपनी के शेयर खरीदने पर किया है। इन पर नकेल कसते हुए सेबी ने सीधे किसी कंपनी से समझौते पर प्रतिबंध लगा दिया है।
  • साथ ही कहा कि ऐसे म्यूच्यूअल फंड्स पर कार्रवाई की जाएगी। बदलेगा एनएवी की गणना का तरीका नेट असेट वेल्यू की गणना के तरीके बदलने शेयर गिरवी रखने के लिए भी दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी गई है।
  • त्यागी ने बताया कि कुछ क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के खिलाफ एड्जुकेशन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि वाट्सएप लीक की जांच भी पूरी कर ली गई है इसकी रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक कर दी जाएगी।
  • ज्यादा सुरक्षित होंगे लिक्विड फंड लिक्विड म्यूचुअल फंड्स आमतौर पर पूंजी बाजार और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते रहे हैं।
  • इसका उद्देश्य कम जोखिम और लिक्विडिटी के बेहतर स्तर के साथ रिटर्न उपलब्ध कराना है। यह काफी हद तक बैंकों के लिए तय वैधानिक लिक्विडिटी रेश्यो शर्त के समान होगा, जहां कर्जदाताओं को अपनी पूंजी का एक निश्चित हिस्सा सरकारी बांड्स में निवेश करना होता है।

डब्ल्यूपीआई में संशोधन के लिए कार्य दल

  • भारत सरकार ने थोक मूल्‍य सूचकांक यानी डब्‍ल्‍यूपीआई (आधार वर्ष 2011-12) की वर्तमान श्रंखला (सीरीज) में संशोधन के लिए एक कार्य दल गठित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यदल के अध्‍यक्ष प्रो. रमेश चंद, (सदस्‍य-नीति आयोग) है ।
  • उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग में आर्थिक सलाहकार का कार्यालय इस कार्य दल के लिए मुख्‍य कार्यालय होगा और इसी कार्यालय में कार्य दल की सिफारिशें/रिपोर्ट आगे की आवश्‍यक कार्यवाही के लिए तैयार की जाएगी।

कार्य दल के विचारार्थ विषय निम्‍नलिखित हैं :

  • भारत में थोक मूल्‍य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) और निर्माता मूल्य सूचकांक (पीपीआई) की नई आधिकारिक सीरीज तैयार करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्‍त आधार वर्ष का चयन करना।
  • डब्‍ल्‍यूपीआई की वर्तमान सीरीज के जिंस बास्‍केट की समीक्षा करना और वर्ष 2011-12 से ही अर्थव्‍यवस्‍था में देखे जा रहे ढांचागत बदलावों के मद्देनजर जिंसों को जोड़ने/हटाने के बारे में सुझाव देना।
  • विशेषकर वि‍निर्माण क्षेत्र में मूल्‍य संग्रह की वर्तमान प्रणाली की समीक्षा करना और बेहतरी के लिए बदलाव करने के बारे में सुझाव देना।
  • मासिक डब्ल्यूपीआई/पीपीआई के लिए अपनाई जाने वाली अभिकलन पद्धति के बारे में निर्णय लेना।
  • ऐसे किसी भी अन्‍य सुधार के बारे में सुझाव देना जो डब्ल्यूपीआई/पीपीआई की आधिकारिक सीरीज की विश्‍वसनीयता बढ़ाने के लिए आवश्‍यक हो सकता है।
  • कार्य दल के अध्‍यक्ष आवश्‍यकता पड़ने पर अन्‍य एजेंसियों के विशेषज्ञों/प्रतिनिधियों का चयन कर सकते हैं।
  • आधार वर्ष 2011-12 के साथ थोक मूल्‍य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) की वर्तमान सीरीज मई, 2017 में अपनाई गई थी। वर्ष 2011-12 से ही अर्थव्‍यवस्‍था में व्‍यापक ढांचागत बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अत: जिंसों की कवरेज और थोक मूल्‍य सूचकांक की वर्तमान सीरीज से संबंधित महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर गौर करना आवश्‍यक हो गया है।
  • तदनुसार, सरकार ने नीति आयोग के सदस्‍य डॉ. रमेश चंद की अध्‍यक्षता में थोक मूल्‍य सूचकांक (आधार वर्ष 2011-12) की वर्तमान सीरीज में संशोधन के लिए कार्य दल का गठन किया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्‍स नीति के मसौदे की समीक्षा की

  • केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्‍स नीति के मसौदे और वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के लॉजिस्टिक्‍स विभाग द्वारा तैयार की गई नीति के कार्यान्‍वयन के लिए प्रस्‍तावित कार्य योजना की समीक्षा की। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्‍स नीति के मसौदे को रेल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, शिपिंग और नागरिक उड्ययन मंत्रालयों के साथ सलाह-मशविरा करके तैयार किया गया है। साझेदारी करने वाली सरकारी एजेंसियों (पीजीए) से प्राप्‍त 46 जानकारियों एवं सूचनाओं का विस्‍तार से विश्‍लेषण किया गया, ताकि नीति के अंतर्गत इन पर विचार किया जा सके।
  • वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने अपने आरंभिक संबोधन में अनुरोध करते हुए कहा कि सभी चारों मंत्रालयों एवं उनके विभागों को मौजूदा बुनियादी ढांचागत सुविधाओं से अवश्‍य ही लाभ उठाना चाहिए जिससे कि वे लॉजिस्टिक्‍स चेन में एक-दूसरे को आवश्‍यक सहयोग दे सकें। उन्‍होंने कहा कि इससे न केवल क्षमता उपयोग को अधिकतम स्‍तर पर पहुंचाने में, बल्कि लागत घटाने में भी मदद मिलेगी।
  • श्री गोयल ने निर्देश दिया कि सभी चारों मंत्रालयों को निश्चित तौर पर आपस में समुचित तालमेल के साथ काम करना चाहिए, जिससे कि भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्‍पाद) की 14 प्रतिशत लॉजिस्टिक्‍स लागत को घटाकर 9 प्रतिशत के स्‍तर पर लाया जा सके। बैठक के दौरान रेलवे, नागरिक उड्ययन, शिपिंग एवं अंतर्देशीय जल मार्गों, सड़क परिवहन, रोपवे वेयरहाउसिंग और शीत श्रृंखला (कोल्‍ड चेन) से संबंधित लॉजिस्टिक्‍स के सभी पहलुओं पर विस्‍तार से विचार-विमर्श किया गया।
  • श्री गोयल ने संबंधित मंत्रालयों से कहा कि खाद्यान्न, फलों और सब्जियों की उपज को खेत से बाजार तक पहुंचाने के लिए ऐसे ठोस प्रयास निश्चित तौर पर किए जाने चाहिए जिससे कि इस कार्य में कम से कम समय की बर्बादी हो। उन्‍होंने यह भी कहा कि विशेषकर फलों, सब्जियों और जल्‍द खराब होने वाली उपज के लिए देश भर में कोल्‍ड चेन से जुड़ी केंद्रीय योजना को लॉजिस्टिक्‍स नीति के मसौदे की कार्य योजना का हिस्‍सा बनाया जा सकता है, ताकि इससे दक्षता बढ़े और किसानों को कृषि उपज संबंधी नुकसान कम हो सके।
  • समीक्षा बैठक के दौरान रेल भाड़े को तर्कसंगत बनाने और समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के लिए माल ढुलाई नीति से संबंधित मुद्दों पर विस्‍तार से विचार-विमर्श किया गया क्‍योंकि इसमें परिवहन साधन में बदलाव के लिए तात्कालिक निहितार्थ हैं।
  • वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जब भी किसी नई सड़क, रेल, हवाई अड्डा और शिपिंग बंदरगाह परियोजना पर विचार किया जाए, तो लॉजिस्टिक्‍स विभाग को सलाह-‍मशविरा प्रक्रिया का एक हिस्‍सा अवश्‍य बनाया जाना चाहिए, जिससे समग्र ढंग से समुचित नियोजन (प्‍लानिंग) संभव होगा, माल ढुलाई तर्कसंगत हो पाएगी और या‍त्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
  • आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के अनुसार भारत का लॉजिस्टिक्‍स सेक्‍टर 22 मिलियन से भी अधिक लोगों को आजीविका प्रदान करता है और इस सेक्‍टर में स्थितियों को बेहतर बनाने से अप्रत्‍यक्ष लॉजिस्टिक्‍स लागत में 10 प्रति‍शत की कमी संभव होगी जिससे निर्यात में 5 से 8 प्रतिशत तक का इजाफा होगा। इसके अलावा, आर्थिक सर्वेक्षण में यह अनुमान लगाया गया है कि भारत के लॉजिस्टिक्‍स बाजार का आकार अगले दो वर्षों में बढ़कर लगभग 215 अरब अमेरिकी डॉलर का हो जाएगा, जबकि फिलहाल इसका आकार 160 अरब अमेरिकी डॉलर का है।
  • वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय लॉजिस्टिक्‍स नीति तैयार कर रहा है जिससे कि भारत की व्‍यापार संबंधी प्रतिस्‍पर्धी क्षमता बेहतर हो सके, और ज्‍यादा रोजगारों का सृजन हो सके, वैश्विक रैंकिंग में भारत का प्रदर्शन बेहतर हो सके तथा भारत के एक लॉजिस्टिक्‍स केंद्र (हब) बनने का मार्ग प्रशस्‍त हो सके।

:: विविध ::

इंग्लैंड को पछाड़ वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा भारत

  • मैनचेस्टर, 27 जून (भाषा) भारत ने इंग्लैंड से होने वाली विश्व कप भिड़ंत से तीन दिन पहले उसे हटाकर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। आईसीसी द्वारा जारी ताजा जारी रैंकिंग के अनुसार भारत रैंकिंग में 123 अंक लेकर पहले स्थान पर पहुंच गया है। इसके बाद विश्व कप मेजबान इंग्लैंड (122) और न्यूजीलैंड (114) काबिज हैं। मौजूदा चरण में सबसे पहले सेमीफाइनल में पहुंचने वाली गत चैम्पियन आस्ट्रेलियाई टीम 112 अंक से चौथे स्थान पर है।

विराट कोहली सबसे तेज 20 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज

विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स पीछे छोड़ते हुए एक नया कारनामा अपने नाम कर लिया। विराट इतिहास रचते हुए सबसे तेज 20 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। सचिन और लारा ने 453 पारियों में 20 हजार रन पूरे किए थे जबकि विराट ने सिर्फ 417वीं पारियों में ही यह कारनामा कर लिया।

सबसे कम पारी में 20 हजार अंतरराष्ट्रीय रन

  • विराट कोहली 417 पारी
  • सचिन/लारा 453 पारी
  • रिकी पॉन्टिंग 464 पारी
  • एबी डि विलियर्स 483 पारी
  • जाक कैलिस 491 पारी
  • राहुल द्रविड़ 492 पारी

“सांख्यिकी दिवस’’ 29 जून, 2019 को मनाया जाएगा

  • सरकार की ओर से प्रतिवर्ष सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्‍य दैनिक जीवन में सांख्यिकी के इस्‍तेमाल को लोकप्रिय बनाना और लोगों को इस बात से अवगत कराना है कि नीतियों को आकार देने और उनके निर्माण में सांख्यिकी किस प्रकार मददगार है। इसे राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक विशेष दिवस के रूप में मान्‍यता दी गई है, जो प्रो. पी.सी. महालानोबिस के जन्‍मदिन पर 29 जून को मनाया जाता है। यह राष्‍ट्रीय सांख्यिकीय प्रणाली की स्‍थापना में उनके अमूल्‍य योगदान का परिचायक है।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • सांख्यिकी दिवस किस तारीख को एवं किसके उपलक्ष में मनाया जाता है? (प्रो. पी.सी. महालानोबिस के जन्‍मदिन पर 29 जून)
  • हाल ही में किस बल्लेबाज ने सबसे तेजी से 20000 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया है? (विराट कोहली)
  • हाल ही में कौन सा देश क्रिकेट के वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज हुआ है? ( भारत)
  • भारतीय सरकार द्वारा थोक मूल्‍य सूचकांक/डब्‍ल्‍यूपीआई (आधार वर्ष 2011-12) की वर्तमान श्रंखला में संशोधन के लिए किसकी अध्यक्षता में कार्य दल गठित करने का निर्णय लिया गया है? ( प्रो. रमेश चंद)
  • “गो ट्राईबल अभियान” की शुरुआत कहां से की जाएगी? (नई दिल्ली)
  • देश में बिकने वाले डिब्बाबंद खाने की चीजों की पैकेजिंग में फैट, शकर और नमक का किस रंग में उल्लेख करना होगा? (लाल रंग)
  • हाल ही में विश्व बैंक द्वारा सड़कों और राजमार्गों को विकसित करने हेतु किस राज्य को ऋण प्रदान किया गया है? (राजस्थान)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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