(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (25 जून 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (25 जून 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

विश्व बैंक से झारखंड नगरपालिका विकास परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 147 मिलियन डॉलर का ऋण

  • भारत सरकार, झारखंड सरकार और विश्व बैंक ने झारखंड के लोगों को बुनियादी शहरी सेवाएं मुहैया कराने और राज्य के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) की प्रबंधन क्षमता बेहतर करने के लिए आज 147 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • झारखंड नगरपालिका विकास परियोजना के तहत बुनियादी शहरी सेवाएं मुहैया कराने के लिए नगरपालिका क्षेत्र (सेक्टर) की क्षमता बेहतर करने पर फोकस किया जाएगा। इसके तहत शहरी वित्त और गवर्नेंस के क्षेत्रों में सुधारों को लागू करने के लिए विभिन्न शहरी सेवाओं जैसे कि जलापूर्ति, सीवरेज, जल निकासी एवं शहर की सड़कों में निवेश किया जाएगा और झारखंड अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जेयूआईडीसीओ) के साथ-साथ शहरी स्थानीय निकायों की भी क्षमता मजबूत की जाएगी।
  • यह तेजी से शहरीकरण की दिशा में अग्रसर इस राज्य की जरूरतों के अनुरूप है, जहां लगभग 31 मिलियन लोग शहरी क्षेत्रों में रहते हैं और झारखंड के 24 जिलों में से 9 जिलों में शहरी आबादी की वृद्धि दर भारत की 2.7 प्रतिशत की समग्र शहरीकरण गति से अधिक है।
  • राज्य के सभी 43 यूएलबी के लिए अधिकांश घटक खुले है, जो इस योजना के सहमति फ्रैमवर्क के आधार पर सहभागी बन सकते है। इससे 3,50,000 शहरी निवासियों को को लाभ होगा। इनमें से 45 प्रतिशत महिलाएं होगी।
  • पाईप के माध्यम से जलापूर्ति, जल निकासी के लिए पम्पों-मशीनों का इस्तेमाल, पर्यावरण अनुकूल सड़क निर्माण और ऊर्जा दक्षता के साथ सड़कों पर रोशनी की व्यवस्था से शहरी सेवाएं बेहतर होगी और यह पर्यावरण के भी अनुकूल होगा।

श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन की राष्‍ट्रीय कार्यशाला

केन्‍द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने ग्रामीण विकास राज्‍य मंत्री साध्‍वी निरंजन ज्‍योति, रॉबर्ट्सगंज के सांसद श्री पकौदी लाल कोल और ग्रामीण विकास सचिव श्री अमरजीत सिन्‍हा के साथ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन (एसपीएमआरएम) के अंतर्गत अनुभव साझा करने के बारे में एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन किया।

श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन (एसपीएमआरएम)

  • एसपीएमआरएम नवपरिवर्तन और समेकित तथा समावेशी ग्रामीण विकास को प्रोत्‍साहन देकर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए भू-स्‍थानिक क्‍लस्‍टर आधारित एकीकृत विकास पर ध्‍यान देता है।
  • एसपीएमआरएम का लक्ष्य है- मूलभूत सुविधा प्रदान करने के साथ आर्थिक विकास की गतिविधियां। मिशन का उद्देश्य 300 क्लस्टरों में समग्र विकास करना है। इनमें से 279 क्लस्टरों को एकीकृत क्लस्टर कार्य योजना के तहत मंजूरी दी गई है। इन 279 क्लस्टरों के लिए अनुमानित निवेश 26,258 करोड़ रुपये है। इस धनराशि में से 5,150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है जिसमें 800 करोड़ रुपये का क्रिटिकल गैप फंडिग शामिल है।
  • क्लस्टर की मूल सुविधाओं में शामिल हैं- सभी घरों को 24/7 जलापूर्ति, आवास तथा क्लस्टर स्तर पर ठोस और द्रव अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाएं, ग्रामीण सड़कें, यातायात सुविधाएं आदि। छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए क्लस्टरों में कृषि सेवा व प्रसंस्करण, पर्यटन, कौशल विकास आदि क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।

नीति आयोग ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ के दूसरे संस्करण की रिपोर्ट जारी करेगा

  • नीति आयोग 25 जून, 2019 को नई दिल्ली में ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ के दूसरे संस्करण की रिपोर्ट जारी करेगा। नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत, सदस्य डॉ. वी.के. पॉल, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती प्रीति सूदन तथा विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के समक्ष नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार रिपोर्ट जारी करेंगे।
  • रिपोर्ट के दूसरे संस्करण में दो वर्षों की अवधि (2016-17 और 2017-18) के दौरान राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन को रेखांकित किया जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी उपलब्धियां, प्रशासन, प्रक्रिया और नीतिगत हस्तक्षेपों के प्रभाव के संदर्भ में स्वास्थ्य पर एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया गया है। विश्व बैंक की तकनीकी सहायता तथा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से इस रिपोर्ट को तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य आधारित सारणी का पहला संस्करणः

  • स्वास्थ्य आधारित सारणी का पहला संस्करण (2017 स्वास्थ्य सारणी) फरवरी, 2018 को जारी किया गया था। इस रिपोर्ट में 2014-15 (आधार वर्ष) से 2015-16 (संदर्भ वर्ष) के दौरान राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वार्षिक प्रदर्शन को मापा गया था।
  • बड़े राज्यों में केरल, पंजाब और तमिलनाडु समग्र प्रदर्शन के संदर्भ में सर्वश्रेष्ठ तीन राज्य थे। वार्षिक आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन राज्य थे- झारखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश। नवजात शिशु मृत्यु दर (एनएमआर), पांच वर्ष से कम की आयु के लिए मृत्यु दर (यू5एमआर), पूर्ण टीकाकरण कवरेज, संस्थानों द्वारा दी जाने वाली सेवाएं, एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति (पीएलएचआईवी) मानदंडों के संदर्भ में झारखंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन राज्य थे।
  • छोटे राज्यों में समग्र प्रदर्शन मानदंड के संदर्भ में मिजोरम और मणिपुर क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे। वार्षिक आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में मणिपुर और गोवा क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर थे। पीएलएचआईवी, प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) पंजीकरण, सामुदायिक सेवा केन्द्रों (सीएचसी), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के लिए रिपोर्ट देने जैसे मानदंडों में मणिपुर ने वार्षिक आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
  • केन्द्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप ने समग्र प्रदर्शन और वार्षिक आधार पर बेहतर प्रदर्शन, दोनों मानदंडों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। संस्थाओं द्वारा सेवा प्रदान करना, टीबी उपचार सफलता दर और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की धनराशि को लागू करने वाली एजेंसियों तक पहुंचाने जैसे मानदंडों के संदर्भ में लक्षद्वीप ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

सामाजिक विकास रिपोर्ट ‘भारत में बढ़ती असमानता, 2018’

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सामाजिक विकास रिपोर्ट ‘भारत में बढ़ती असमानता, 2018’ जारी करने के अवसर पर कहा कि कुछ क्षेत्र और सामाजिक समूह गरीबी हटाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और ठोस नीतियों के बावजूद काफी गरीब हैं।उन्होंने यहां कहा, ‘‘बढ़ती असमानता हमारे लिए चिंताजनक है क्योंकि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक असमानतओं का बुरा प्रभाव हमारी तेज, समग्र एवं सतत विकास को क्षति पहुंचा सकते हैं।’’

सामाजिक विकास परिषद की इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • सामाजिक विकास परिषद की इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2000 से 2017 के बीच संपत्ति में असानता छह गुना बढ़ी है।
  • इसमें बताया गया है कि 2015 में देश की एक फीसदी आबादी के पास करीब 22 फीसदी राष्ट्रीय आय थी जो 1980 के दशक की तुलना में छह फीसदी की बढ़ोतरी है।
  • इसमें बताया गया है, ‘‘देश के दस फीसदी सर्वाधिक धनी लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का करीब 80.7 फीसदी है जबकि 90 फीसदी आबादी के पास कुल संपत्ति का महज 19.3 फीसदी है।’’
  • रिपोर्ट का संपादन प्रोफेसर टी. हक और डी. एन. रेड्डी ने किया है और इसमें 22 अध्याय हैं जिन्हें विख्यात अर्थशास्त्रियों और अन्य सामाजिक विज्ञानियों ने लिखा है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के प्रमुख चुने गए क्यू डोंग्यू

  • क्यू डोंग्यू रविवार को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के प्रमुख निर्वाचित हुए। डोंग्यू इस पद पर चुने गए पहले चीनी नागरिक हैं। उन्होंने पहले दौर के मतदान में ही जीत हासिल कर ली। क्यू ब्राजील के जोस ग्रैजियानो डा सिल्वा का स्थान लेंगे।
  • रोम स्थित एजेंसी के लिए उन्हें ऐसे समय चुना गया है जब विश्व के देशों के भूख मिटाने के प्रयासों को वैश्विक तापमान में वृद्धि और युद्धों से झटका लगा है। यह एजेंसी 194 देशों को एक मंच पर लाती है। पिछले तीन वर्षों में भूख के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसके लिए मुख्य तौर पर जलवायु परिवर्तन, अनियमित मौसम, आर्थिक मंदी एवं युद्ध को जिम्मेदार ठहराया जाता है। ऐसे मामले विशेष तौर पर दक्षिणपश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में होते हैं।
  • एफएओ ने खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के उच्च स्तर को लेकर चेतावनी जारी की है और क्यू को छोटे स्तर पर खेती और मत्स्यपालन के लिए समर्थन के वास्ते नये सिरे से प्रयास करने होंगे जिससे सघन खेती के दुष्परिणामों, भोजन की बर्बादी और गरीबी से निपटा जा सके।

कांगो में भारतीय महिला शांतिसैनिकों का अभियान शुरू

  • शांति सैनिकों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण जगहों में शुमार अफ्रीकी देश कांगों में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए भारत की तरफ से आये महिला शांतिसैनिकों के दल ने कार्यभार संभाल लिया है। यह दल यहां चल रहे संघर्ष से सर्वाधिक पीड़ित महिलाओं और बच्चों की मदद करने आया है।
  • भारत की ओर से आये महिला शांतिसैनिकों के दल में 20 महिला शांतिसैनिक हैं और इन्हें गत सप्ताह डीआर कांगो में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरता मिशन के तहत नियुक्त किया गया है।
  • स्थायी मिशन के सैन्य सलाहाकार संरा कर्नल संदीप कपूर ने पीटीआई-भाषा को बताया कि यह तैनाती महासचिच एंतोनियो गुतारेस की पहल और प्राथमिकता के अनुरूप की गई है ताकि संयुक्त राष्ट्र में महिला शांतिसैनिकों की सहभागिता में इजाफा किया जा सके।
  • कपूर ने बताया कि इस दल को डीआर कांगो के उत्तरी कीवू प्रांत में तैनात किया गया है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और इस पर कब्जे को लेकर करीब 38 सशस्त्र समूह संघर्षरत हैं।
  • महिला शांतिसैनिकों का यह दल स्थानीय महिलाओं और बच्चों की मदद करेगा जो कि इस संघर्ष में सबसे अधिक प्रभावित हैं।

मोदी, शी, पुतिन जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान अलग से करेंगे अमेरिकी संक्षणवाद पर चर्चा

  • चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग जी20 शिखर बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन और समूह के कुछ अन्य नेताओं से अलग से बात करेंगे। चीन के एक वरिष्ठ मंत्री ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इन नेताओं के साथ बैठकों में अमेरिका की ओर से एकतरफा व्यापारिक कार्रवाइयों और संरक्षणवादी नीतियों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।
  • जी20 शिखर सम्मेलन इसी सप्ताह जापान के ओसाका शहर में 28-29 जून को होने जा रहा है। राष्ट्रपति शी वहां एक दिन पहले पहुंचने वाले हैं। वह वहां ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के नेताओं से बातचीत में अमेरिकी संरक्षणवाद का मुद्दा विस्तार से उठा सकते हैं।

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को क़तर का बेलआउट पैकेज

  • आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मदद को अब तेल संपन्न राष्ट्र कतर सामने आया है। इस खाड़ी देश से पाकिस्तान को तीन अरब डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपये) का बेलआउट मिलना सोमवार को पक्का हो गया। इस एलान से एक दिन पहले ही कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद ने इस्लामाबाद का दौरा किया था।
  • पाकिस्तान को आर्थिक बदहाली से उबारने के लिए पिछले 11 माह के दौरान सामने आने वाला कतर चौथा देश है। इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद आर्थिक मदद पाने के प्रयास में कई खाड़ी देशों और चीन का दौरा किया था।
  • कतर के विदेश मंत्री शेख मुहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने पाकिस्तान की आर्थिक मदद करने का एलान किया।

आइएमएफ पैकेज पर भी बनी सहमति

छह अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) और पाकिस्तान के बीच पिछले माह प्रारंभिक समझौता हो चुका है। उम्मीद है कि इस पैकेज से पाकिस्तान की धीमी पड़ी अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

अब तक इतनी मिली मदद

  • चीन ने जमा और वाणिज्यिक कर्ज के तौर पर 4.6 करोड़ डॉलर दिए
  • सऊदी अरब ने तीन अरब डॉलर नकद और 3.2 अरब डॉलर का तेल दिया
  • संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से दो अरब डॉलर नकद मिला

IS बंदियों के पक्ष में उतरीं UN मानवाधिकार प्रमुख

  • संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बचेलेट आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) से जुड़ाव रखने पर सीरिया और इराक में बंदी बनाए गए करीब 55 हजार लोगों के पक्ष में खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने कहा कि इन बंदियों पर निष्पक्ष मुकदमा चलाया जाए या फिर इन्हें रिहा किया जाए।
  • मिशेल ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कहा कि देशों को अपने नागरिकों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और आतंकियों के बच्चों को यह दंड नहीं दिया जाना चाहिए कि वे किसी देश के नागरिक नहीं हैं। वे पहले से ही समस्याओं में घिरे हुए हैं।
  • उन्होंने कहा, 'करीब 50 देशों के संदिग्ध विदेशी आतंकियों समेत 55 हजार लोगों और उनके 11 हजार पारिवारिक सदस्यों को पूर्वोत्तर सीरिया के अल-अल कैंप में बंदी बनाकर रखा गया है। यहां बेहद बदतर हालात हैं। निष्पक्ष ट्रायल के जरिये समाज को कट्टरता और ¨हसा के खतरे से सुरक्षित किया जाना चाहिए और कानून के अभाव में उन लोगों को बंदी बनाए रखना स्वीकार्य नहीं है, जिन पर कोई अपराध करने का संदेह न हों।'

अपने नागरिकों को नहीं ले रहे पश्चिमी देश

अमेरिका समर्थित सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स (एसडीएफ) ने सीरिया में बचे आइएस के अंतिम गढ़ पर पिछले साल नियंत्रण पा लिया था। इसके बाद से ही पूर्वोत्तर सीरिया के अधिकारी पश्चिमी देशों से यह आग्रह कर रहे हैं कि वे आइएस से जुड़ने वाले अपने नागरिकों और उनके रिश्तेदारों को वापस ले लें। लेकिन एक-दो देशों को छोड़ कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।

आइएस से जुड़ने सीरिया और इराक गए थे विदेशी

आइएस ने साल 2014 में सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। तब इस आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए दुनिया के कई देशों के नागरिक इन देशों में पहुंचे थे। ये दोनों देश अब आइएस से पूरी तरह मुक्त करा लिए गए हैं।

:: भारतीय राजव्यवस्था/महत्वपूर्ण विधेयक ::

कैबिनेट ने एईआरए (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी

  • कैबिनेट ने सोमवार को हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दे दी।
  • हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (एईआरए) एक नियामक है जिसे हवाई अड्डों पर वसूल किये जाने वाले शुल्क को निर्धारित करने का अधिकार है।
  • संशोधन से एईआरए किसी नये हवाई अड्डे के लिए एक पूर्व निर्धारित शुल्क संरचना पर बोली लगा पाएगा।

मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
  • विधेयक इससे पहले राज्य सभा में लंबित था और 16वीं लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह निरस्त हो गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है।
  • इसमें विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर ऊंचे जुर्माने का प्रावधान किया गया है। विधेयक में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काफी सख्त प्रावधान रखे गये हैं।

विधेयक के प्रमुख बिंदु

  • संशोधन विधेयक में आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर दस हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • इसी प्रकार अयोग्य करार दिये जाने के बावजूद वाहन चलाते रहने पर भी दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
  • ओला, उबर जैसे समूहकों द्वारा ड्राइविंग लाइसेंसों के नियमों का उल्लंघन करने पर विधेयक के प्रावधानों के अनुरूप एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • विधेयक के मसौदे में तेज गाड़ी भगाने पर एक हजार से दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना रखा गया है।
  • बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर एक हजार रुपये रुपये का जुर्माना और तीन माह के लिये लाइसेंस निलंबित किया जाना शामिल है।
  • किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुये सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जायेगा। इस तरह के अपराध में वाहन मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जायेगा और तीन साल के सजा के साथ ही 25 हजार रुपये तक का जुर्माना किया जायेगा। साथ ही वाहन का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया जायेगा।
  • संशोधन विधेयक के मसौदे के अनुसार यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर न्यूनतम 100 रुपये के स्थान पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा।
  • अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं करने पर 500 रुपये के स्थान पर अब दो हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।
  • वाहन का अनाधिकृत इस्तेमाल करने पर पांच हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर भी इतना ही जुर्माना देना होगा जबकि अयोग्य करार दिये जाने के बावजूद वाहन चलाने पर दस हजार रुपये का जुर्मान देय होगा।

ओबीसी की क्रीमीलेयर के दायरे में बढ़ोत्तरी की सिफारिश

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के उत्थान के लिए गठित कमेटी ने क्रीमीलेयर के आय के दायरे को एक निश्चित अंतराल पर बढ़ाने की सिफारिश की है। कमेटी ने सरकार को इसे लेकर एक रिपोर्ट भी दी है, जो सोमवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की गई।

कमेटी द्वारा की गयी सिफारिशों के प्रमुख बिंदु

  • कमेटी ने अपनी सिफारिश में कहा है कि जिस तरीके से शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के खर्चो के बढ़ोत्तरी हो रही है, ऐसे में क्रीमीलेयर के आय के दायरे में बढ़ोत्तरी जरूरी है। मौजूदा समय में ओबीसी के क्रीमीलेयर का दायरा सलाना आठ लाख रूपए है। यानि इससे ज्यादा सलाना आमदनी वाले क्रीमीलेयर में शामिल होते है।
  • कमेटी ने अपनी सिफारिश में ओबीसी आरक्षण के लिए नॉन-क्रीमीलेयर सर्टिफिकेट जारी करने सिफारिश पर अमल न होने पर भी नाखुशी जताई है। कमेटी का कहना है कि इस सर्टिफिकेट को जारी करने की सहमति 1993 में दिए गए निर्देशों में ही दिया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई अमल नहीं हो सका है। कमेटी ने इसके लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को जरूरी उपाय करने को कहा है।
  • कमेटी ने ओबीसी के दायरे में आने वाले क्रीमीलेयर को आगे बढ़ाने के लिए और भी सुझाव दिए है। फिलहाल इनमें सबसे बड़ा सुझाव क्रीमीलेयर के आय के दायरे को बढ़ाने का है। क्रीमीलेयर का दायरे का निर्धारण 1993 में पहली बार किया गया था। उस समय एक लाख तक की सलाना आय से अधिक को इस दायरे में रखा गया है।
  • हालांकि इन 26 सालों में यह दायरा बढ़कर अब आठ लाख रूपए हो गया है। बावजूद इसके इसे बढ़ाने की अभी भी जरूरत महसूस की जा रही है। पिछले दिनों में ओबीसी के उत्थान से जुड़ी एक ऐसी ही कमेटी ने इस दायरे को बढ़ाकर 12 लाख रुपये तक रखने की सिफारिश की थी। हालांकि सरकार ने इसे माना नहीं है।
  • गौरतलब है कि ओबीसी में क्रीमीलेयर का यह फार्मूला सरकार ने कोर्ट के आदेश पर तैयार किया है। इसका मुख्य मकसद ओबीसी आरक्षण का लाभ सही लोगों तक पहुंचाना है। सरकार फिलहाल ओबीसी की पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए जस्टिस रोहिणी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। जो ओबीसी की जातियों के वर्गीकरण के काम में जुटी है।

आधार और अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2019 लोकसभा में पेश

आधार अधिनियम, 2016 और भारतीय तार अधिनियम, 1885 तथा धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 का और संशोधन करने वाले विधेयक को सोमवार को लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2019’ पेश किया ।

विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने के बाद यह इस संबंध में सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश की जगह ले लेगा।

विधेयक के प्रमुख बिंदु

  • इस विधेयक में प्राधिकरण द्वारा इस तरह की रीति में बारह अंकों की आधार संख्या तथा इसकी वैकल्पिक संख्या जनित करने का उपबंध करने का प्रावधान है, जैसी किसी व्यक्ति की वास्तविक आधार संख्या को छिपाने के लिये विनियमों द्वारा तय किया जाए ।
  • इसके माध्यम से आधार संख्या धारण करने वाले बालकों को अठारह वर्ष की आयु पूर्ण करने पर अपनी आधार संख्या रद्द करने का विकल्प देना है ।
  • इसके जरिये अधिप्रमाणन या आफलाइन सत्यापन या किसी अन्य ढंग द्वारा भौतिक या इलेक्ट्रानिक रूप में आधार संख्या के स्वैच्छिक उपयोग करने का उपबंध करना है जिसे केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया जायेगा ।
  • आधार संख्या के आफलाइन सत्यापन का अधिप्रमाणन केवल आधार संख्या धारक की सहमति से ही किया जा सकता है अधिप्रमाणन से इंकार करने या उसमें असमर्थ रहने पर सेवाओं से इंकार का निवारण भी शामिल है ।
  • इसके तहत भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है ।

वेतन संहिता विधेयक के मसौदे (समान न्यूनतम वेतन)

  • सरकार देशभर के श्रमिकों को जल्द ही समान न्यूनतम वेतन का तोहफा दे सकती है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए श्रम मंत्रालय अगले सप्ताह वेतन संहिता विधेयक के मसौदे को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रख सकता है। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को संसद के चालू सत्र में रखा जाएगा। संसद से इस विधयेक को मंजूरी मिलने के साथ ही देशभर में श्रमिकों के लिए समान न्यूनतम वेतन देने का रास्ता साफ हो जाएगा।
  • विधेयक में प्रावधान किया गया है कि केंद्र सरकार रेलवे और खनन समेत कुछ क्षेत्रों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करेगी, जबकि राज्य अन्य श्रेणी के रोजगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे। विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी में हर पांच साल में संशोधन किया जाएगा।

2017 में पेश किया गया था विधेयक

वेतन संहिता विधेयक को 10 अगस्त 2017 को लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद 21 अगस्त 2017 को यह बिल संसद की स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया था। कमेटी ने 18 दिसंबर 2018 को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। 16वीं विधानसभा के भंग होने के कारण यह विधेयक पास नहीं हो पाया था। मंत्रालय को अब विधेयक को संसद के किसी भी सदन में नए सिरे से पेश करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की अनुमति की जरूरत होगी। सूत्र ने कहा, मंत्रिमंडल वेतन संहिता विधेयक पर अगले महीने मंजूरी दे सकता है। श्रम मंत्रालय इस विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में ही पारित कराना चाहता है।

चार श्रेणियों में मिल जाएंगे 44 पुराने कानून

वेतन संहिता विधेयक सरकार की ओर से परिकल्पित चार संहिताओं में से एक है। ये चार संहिताएं पुराने 44 श्रम कानूनों की जगह लेंगी। यह निवेशकों की सहूलियत और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए निवेश को आकर्षित करने में मदद करेंगी। ये चार संहिताएं हैं- वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा एवं कल्याण और औद्योगिक संबंध हैं। वेतन संहिता विधेयक, मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936, न्यूनतम मजदूरी कानून 1948 , बोनस भुगतान कानून 1965 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 की जगह लेगा।

महिलाओं की सुरक्षा तय होगी

नए श्रम विधेयक में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोपरि माना गया है। विधेयक के अनुसार, महिलाओं के लिए कार्य अवधि सुबह छह बजे से लेकर शाम सात बजे के बीच होनी चाहिए। अगर, इस समयावधि के बाद महिलाएं काम करती हैं तो नियोक्ता को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, अवकाश के दिन महिला कर्मचारी को काम पर नहीं बुलाया जा सकता है। अगर उनको बुलाना अत्यावश्यक हो तो नियोक्ता को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

कामगारों को फायदा होगा

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, नए विधयेक में हमने श्रमिकों के लिए कानून को आसान और बेहतर बनाने की कोशिश की है। हमने श्रमिकों और नियोक्ताओं के अधिकारों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने की भी कोशिश की है। इससे देशभर के श्रमिकों को फायदा मिलेगा।

:: आर्थिक समाचार ::

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा

  • रिजर्व बैंक की स्वायत्तता के पुरजोर समर्थक माने जाने वाले डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने निजी कारणों का हवाला देते हुए केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा अपना तीन साल का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले दिया है। आचार्य रिजर्व बैंक में मौद्रिक और शोध इकाई को देख रहे थे।
  • पिछले सात महीनों में आरबीआई के शीर्ष पदों में से यह दूसरा बड़ा इस्तीफा है। इससे पहले, दिसंबर 2018 में गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दिया था जबकि उनका कार्यकाल करीब नौ महीने बचा था।
  • आचार्य के इस्तीफे के बाद आरबीआई में अब तीन डिप्टी गवर्नर एन. एस. विश्वनाथन, बी. पी. कानूनगो और एम. के. जैन बचे हैं।

GST की ई-वे बिल प्रणाली को NHAI की फास्टैग प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव

  • सरकार ने फास्टैग बैंक प्रणाली को ई-वे बिल और लॉजिस्टक डाट सेवाओं के साथ जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। सरकार को उम्मीद है कि इससे माल परिवहन पर नजर रखी जा सकेगी और जीएसटी चोरी रुकेगी।
  • वित्त और कंपनी मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमन ने लोकसभा में कहा कि “सरकार जीएसटी की ई-वे बिल प्रणाली को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) की फास्टैग प्रणाली से जोड़ने पर विचार कर रही है”। लॉजिस्टिक डाटाबैंक को फास्टैग प्रणाली से जोड़े जाने से संबंधित पहलुओं पर भी विचार चल रहा है।

पृष्ठभूमि

  • ई-वे बिल प्रणाली को मजबूत करने के लिए आरएफआइडी आंकड़े के एकीकरण पर सुझाव देने के लिए जीएसटी काउंसिल ने अधिकारियों की एक समिति का गठन किया था। इस समिति में केंद्र और राज्य सरकारों, वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन), नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेंटर (एनआइसी) और जीएसटी काउंसिल के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
  • सीतारमन ने कहा कि एनएचएआइ और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआइ) के प्रतिनिधियों को भी इस समिति से जोड़ा गया है। समिति ने जीएसटी काउंसिल को अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। रिपोर्ट में ई-वे बिल प्रणाली के साथ फास्टैग प्रणाली को जोड़े जाने का सुझाव दिया गया है। जीएसटी काउंसिल समिति की सिफारिशों पर विचार कर रहा है।
  • इसके अलावा फास्टैग को एलडीबी से जोड़ने की व्यवहार्यता पर विचार करने के लिए भी एक समिति गठित की गई थी। इस समिति ने भी अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है, जिस पर विचार किया जा रहा है।

RBI के पूंजी भंडार पर जालान समिति बजट बाद देगी रिपोर्ट

  • केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बीच पिछले कुछ महीनों से जो तनाव बना हुआ है, उसकी एक बड़ी वजह केंद्रीय बैंक का रिजर्व फंड है। फंड के इस्तेमाल पर आरबीआइ के पूर्व गवर्नर डॉ. बिमल जालान की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट अब बजट के बाद ही आने की उम्मीद है।
  • इस रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि आरबीआइ के रिजर्व फंड का इस्तेमाल सरकार कर सकती है या नहीं और अगर कर सकती है तो कितना हिस्सा सरकार के खजाने में हस्तांतरित किया जाना चाहिए। वैसे केंद्र सरकार के खजाने की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस फंड की ज्यादा जरूरत दिख रखी है।
  • आरबीआई के पास अभी तकरीबन 9.50 लाख करोड़ रुपये का रिजर्व फंड है। सरकार की मंशा है कि इसमें से 1.50 से दो लाख करोड़ रुपये की राशि उसे हस्तांतरित कर दी जाए।
  • इस राशि से सरकार को समाजिक विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंड मिल जाएगा। वैसे पूर्व में भी आरबीआई के रिजर्व फंड के इस्तेमाल को लेकर समितियां गठित हुई थीं। लेकिन अभी तक सरकार ने आरबीआइ के रिजर्व फंड का इस्तेमाल नहीं किया है।
  • आरबीआई इस तरह का फंड आपातकालीन हालात के लिए बनाकर रखता है। खास तौर पर अभी जिस तरह से खाड़ी के क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन रही है उसे देखते हुए कई जानकार मानते हैं कि भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था में केंद्रीय बैंक के पास एक मजबूत रिजर्व फंड होना चाहिए।

पृष्ठभूमि

  • रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर जालान की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति को 26 दिसंबर 2018 को नियुक्त किया गया था। समिति को रिजर्व बैंक के लिये आर्थिक पूंजी रूपरेखा की समीक्षा करनी है।
  • वास्तव में वित्त मंत्रालय चाहता है कि केंद्रीय बैंक बेहतर वैश्विक गतिविधियों का पालन करे और सरकार को अधिशेष पूंजी हस्तांतरित करे। उसी के बाद रिजर्व बैंक ने इस पर विचार के लिये समिति गठित की। आरबीआई के पास 9.6 लाख करोड़ रुपये की अधिशेष पूंजी है।
  • समिति को पहली बैठक के बाद 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी थी। पहली बैठक आठ जनवरी को हुई। इसके बाद समिति को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया। समिति के अन्य सदस्यों में आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन, वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन तथा आरबीआई केंद्रीय निदेशक मंडल के सदस्य भरत दोषी और सुधीर माकंड़ हैं। मोहन समिति के उपाध्यक्ष हैं।

कालेश्वरम सिंचाई योजना

तेलंगाना सरकार ने हाल में एक सिंचाई परियोजना लॉन्च की है। इस योजना का नाम 'कालेश्वरम' है। राज्य सरकार का दावा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजाना है।

लिफ्ट सिंचाई

  • लिफ्ट सिंचाई का मतलब यह है कि इसमें पानी प्राकृतिक तरीके की बजाय पंपों और तालाबों के जरिये खेतों तक पहुंचाया जाता है।
  • खेतों में पानी पहुंचाना पंरपरागत सिंचाई का साधन है, जबकि लिफ्ट इरीगेशन में पंपों या दूसरे उपायों के जरिये पानी पहुंचाया जाता है।

परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

  • यह दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजाना है।
  • यह परियोजना कई चरण में पूरी होगी। यह बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना है। इस योजना को पूरा करने पर करीब 80,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका उद्देश्य राज्य की खेती, पीने और औद्योगिक पानी की दो-तिहाई से अधिक जरूरतों को पूरा करना है।
  • कालेश्वरम परियोजना गोदावरी नदी पर बन रही है। इससे पहले इसी से मिलती-जुलती सिंचाई परियोजनाओ जिसमें अमेरिका में कोलोराडो और लीबिया में ग्रेट मैन-मेड रिवर योजना को पूरा होने में दशकों लगे थे।
  • मई 2016 में कालेश्वरम परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। तेलंगाना इस परियोजना के प्रमुख हिस्सों को तीन वर्षों में पूरा कर सकता है। इसमें मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंडिला में बैराज और पंप हाउस का निर्माण शामिल है। इसके अलावा जलाशयों और नहरों का निर्माण भी चल रहा है।
  • इस प्रोजेक्ट से लगभग 45 लाख एकड़ क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में 145 टीएमसीसी की कुल क्षमता वाले तीन बैराज, 20 लिफ्ट, 19 पंप हाउस, 19 जलाशय शामिल हैं। इसमें 40MW की क्षमता वाली 43 मशीनें 203 किलोमीटर सुरंगों और 1,531 किलोमीटर लंबी नहरों के जरिये पानी पहुंचाया जाएगा।
  • एलएंडटी कंस्ट्रक्शन ने 1।6 किमी लंबे मेदिगड्डा बैराज का निर्माण किया है। इससे गोदावरी नदी से श्रीपदा येलमपल्ली परियोजना के लिए प्रति वर्ष 180TMC पानी पहुंचाए जाने का अनुमान है। एक बार पूरा होने के बाद, पहले चरण में 3 टीएमसी पानी पंप करने के लिए कलेश्वरम् परियोजना में 7,152MW बिजली की खपत का अनुमान है।पहले चरण में 2 TMCs के पंप के लिए 4,992MW बिजली की खपत होती है। 40MW की क्षमता वाली कुल 43 मशीनों को मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंडिला पंप हाउसों में खड़ा किया गया है, जिससे पानी उठाने के लिए 1,720MW बिजली की खपत हुई।
  • तेलंगाना सरकार ने बीते शुक्रवार को मेलेगड्डा में मिड-मनेरु लिंक -1 और लिंक -2 में सिविल और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्यों को पूरा करते हुए, कालेश्वरम परियोजना के कुछ हिस्सों का अनावरण किया। दुनिया के सबसे बड़े पंप लक्ष्मीपुर में मेदिगड्डा, अन्नाराम और सुंडिला में पंप हाउस पानी पंप करने के लिए तैयार थे। जलाशयों और नहरों से जुड़ी पूरी परियोजना को पूरा करने में और एक साल लगने का अनुमान है।

उपभोक्ता संरक्षण कानून

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को उपभोक्ता संरक्षण कानून को मंजूरी दे दी, इससे ग्राहकों को तमाम अधिकार दिए गए हैं। इसमें सबसे अहम है कि किसी उपकरण या सामान की खराबी पर विक्रेता, निर्माता दोनों पर शिकंजा कसेगा। यह विधेयक पिछली लोकसभा के दौरान भी पेश किया था, लेकिन राज्यसभा से पारित नहीं हो पाने के कारण अस्तित्व में नहीं रहा।

  • नया कानून 1986 के उपभोक्ता संरक्षण कानून की जगह लेगा। विधेयक के तहत उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और निगरानी के लिए एक कार्यकारी समिति बनाने का भी प्रावधान होगा।

उपभोक्ता संरक्षण कानून जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

  • विधेयक में प्रावधान किया गया है कि एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण एजेंसी का गठन किया जाएगा। इसकी राज्य और जिला स्तर पर शाखाएं होंगी, जो ग्राहकों की शिकायतों को सुनेंगी। ऐसे में किसी भ्रामक विज्ञापन या किसी अनुचित व्यापार के तरीकों से ग्राहकों को नुकसान पहुंचता है तो प्राधिकरण मुआवजा तय करेगा। प्राधिकरण को यह आदेश देने का अधिकार होगा कि वह आरोपी कंपनी को सारे उत्पाद वापस लेने और ग्राहकों को उसका पैसा लौटाने को कहे। अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग की तरह इस कानून को बनाया गया है।
  • अगर मामले का व्यापक प्रभाव पड़ा है तो क्लॉस सूट एक्शन शुरू किया जाएगा। यानी उत्पाद के विनिर्माता या सेवा आपूर्तिकर्ता कंपनी को व्यापक जवाबदेही होगी। विधेयक के तहत क्लॉस एक्शन सूट का प्रावधान जोड़ा गया है, यानी कि किसी खराब सामान या सेवा पर निर्माता या सेवा देने वाले की जिम्मेदारी सिर्फ प्रभावित ग्राहक तक नहीं होगी, बल्कि उस सेवा से जुड़े सभी उपभोक्ताओं तक होगी।
  • अगर उत्पाद से किसी को शारीरिक हानि या मौत होती है तो इसमें विनिर्माता, सेवा प्रदाता और विक्रेता तीनों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसमें घटिया उपकरणों के उत्पादन, आपूर्ति और गलत ढंग से इसकी बिक्री को लेकर कंपनी पर शिकंजा कसा जाएगा। उस पर 5 साल जेल और 50 करोड़ तक जुर्माना हो सकता है।
  • बिल में प्रावधान होगा कि ग्राहकों की शिकायत की सुनवाई लंबी नहीं चलेगी, यानी कि जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर में एक ही जगह सुनवाई होगी। ग्राहक और आरोपी कंपनी के बीच निपटारे के लिए भी एक तंत्र होगा, जिससे विवादों का तेजी से निपटारा हो सके।
  • नए विधेयक के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों की भी जवाबदेही बढ़ेगी। उन्हें उत्पाद के निर्माण, उसकी लेबलिंग, दुष्प्रभाव समेत सारी जानकारी देनी होंगी। वे ग्राहकों की खरीदारी का डाटा किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेच पाएंगी। अगर उत्पाद में खराबी पाई गई तो ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी यह कहकर नहीं बच पाएगी कि वह तो केवल सामान उपलब्ध कराने का सिर्फ एक मंच है।
  • इसमें भ्रामक विज्ञापन के जरिये ग्राहकों से किए गए धोखे पर भी सख्ती है। भ्रामक विज्ञापन पर निर्माता व सेवा प्रदाता को दो साल जेल या दस लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। विज्ञापन करने वाले सेलेब्रिटी पर भी जुर्माना होगा। बिल में भी यह कहा गया है कि अगर कोई किसी कंपनी या विक्रेता के खिलाफ गलत शिकायत करता है तो दस से 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान उस पर लगाया जा सकता है।

कालेधन पर बनी स्थायी समिति की रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत

भारतीयों ने 1980 से लेकर 2010 तक की अवधि में 216.48 अरब डॉलर से 490 अरब डॉलर का कालाधन देश के बाहर भेजा गया। वित्त पर स्थायी मामलों की समिति ने तीन प्रतिष्ठित आर्थिक और वित्तीय शोध संस्थानो की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी है। समिति ने इस रिपोर्ट को संसद में रखा है।

पृष्ठभूमि

  • कालेधन पर राजनीतिक विवाद के बीच मार्च 2011 में तत्कालीन सरकार ने तीनों संस्थाओं को देश और देश के बाहर भारतीयों के कालेधन का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी थी।
  • इन तीन संस्थानों में राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी), राष्ट्रीय व्यावहारिक आर्थिक शोध परिषद (एनसीएईआर) और राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंध संस्थान (एनआईएफएम) शामिल हैं।
  • कांग्रेस के एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस स्थायी समिति ने 16वीं लोक सभा भंग होने से पहले गत 28 मार्च को ही लोक सभा अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।

कालाधन से जुड़े आकड़े

  • 2018 के मुताबिक स्विस बैंकों में सभी विदेशी ग्राहकों के 100 लाख करोड़ रुपए जमा है जबकि स्विस बैंकों में भारतीयों के 7000 करोड़ रुपये जमा हैं
  • कालाधन बाहर भेजने वाले शीर्ष पांच देशों में भारत भी शामिल
  1. चीन
  2. रूस
  3. मैक्सिको
  4. भारत
  5. मलेशिया

कालाधन जीडीपी का कितना प्रतिशत

  • सब सहारन अफ्रीका : 5.53 फीसदी
  • विकासशील यूरोप : 4.45 फीसदी
  • एशिया : 3.75 फीसदी
  • मध्यपूर्व, उत्तरी अफ्रीका : 3.73
  • अमेरिका और कैरेबियन : 3.3

भारत सरकार के साथ 'नो बैक डोर' समझौता करने के लिए तैयार है हुआवेई

  • दूरसंचार उपकरण बनाने वाली चीन की कंपनी हुआवेई जासूसी को हतोत्साहित करने के लिए भारत सरकार के साथ 'नो बैक डोर समझौता करने के लिए तैयार है। कंपनी का कहना है कि अन्य कंपनियों को भी इस तरह के समझौते पर हस्ताक्षर करने चाहिए हुआवेई के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर आपूर्ति करने पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उसका कारोबार देश में भी निगरानी के दायरे में हैं।
  • हुआवेई के भारतीय कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जय चेन ने पीटीआई-भाषा से कहा, '' हमने भारत सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि हम 'नो बैक डोर समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार हैं। हम अन्य मूल उपकरण विनिर्माताओं को भी सरकार और दूरसंचार सेवाप्रदाताओं के साथ इस तरह के समझौते करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।"
  • दूरसंचार विभाग ने 2011 में सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए थे। इसमें दूरसंचार सेवाप्रदाताओं को उनके नेटवर्क में मान्य उपकरण और डिवाइस लगाने का निर्देश दिया गया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह किसी बग या बुरे सॉफ्टवेयर से मुक्त हों।
  • इन दिशानिर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहने पर दूरसंचार कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान भी है। हालांकि सरकार का दूरसंचार उपकरणों और उत्पादों में सुरक्षा मुद्दों की जांच करने के लिए प्रयोगशाला का गठन किया जाना बाकी है।

बैक डोर क्याहोता है?

प्रौद्योगिकी उत्पादों में 'बैक डोर से आशय सरकार या अन्य किसी तीसरे पक्ष के साथ आंकड़े साझा करने की व्यवस्था से होता है। यह व्यवस्था अनाधिकृत और दुर्भावना से की जाती है। ऐसे में 'नो बैक डोर का आशय इस तरह की किसी व्यवस्था को अपनाने से मना करना हुआ।

:: विज्ञान और प्रौद्योगिकी ::

DRDO ने बनाई सफेद दाग की दवा

देश के प्रमुख रक्षा शोध संगठन ‘डीआरडीओ’ की ओर से विकसित की गई सफेद दाग की हर्बल दवा मरीजों के लिए रामबाण साबित हो रही है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि भारत में इस बीमारी की वजह से मरीज सामाजिक रूप से शर्म महसूस करते हैं।

दरअसल, सफेद दाग की दवा ल्यूकोस्किन के लाभ को देखते हुए मोदी सरकार ने इसे विकसित करने वाले डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ। हेमंत पांडे को पिछले महीने राष्ट्रीय तकनीक दिवस के मौके पर प्रतिष्ठित ‘विज्ञान पुरस्कार’ से सम्मानित किया था।

25 जून को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय विटिलिगो दिवस मनाया जाता है। वैज्ञानिक डॉ. हेमंत पांडे इस मौके पर इस दवा के बारे में विस्तार से बताया है। डॉ. पांडे इस समय डीआरडीओ की पिथौरागढ़ स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ बायो एनर्जी रिसर्च (डिबियर) के हर्बल औषधि विभाग के प्रमुख हैं।

उनके अनुसार, इस समय विटिलिगो के कई तरह के इलाज हैं, जिनमें एलोपैथिक दवाएं, ऑपरेशन और मूल उपचार के साथ दी जाने वाली अजंग्टिव थेरेपी शामिल है लेकिन इस बीमारी के निदान में इनमें से किसी भी उपाय के संतोषजनक नतीजे नहीं आ रहे हैं। साथ ही ये इलाज या तो बहुत महंगे हैं या उनसे उनसे लाभ बहुत कम होता है और साइड इफेक्ट भी होते हैं।

डॉ. पांडे ने बताया इसलिए हमने इस बीमारी के कारणों पर ध्यान केंद्रित किया और सफेद दाग या विटिलिगो के प्रबंधन का एक व्यापक फॉर्मूला विकसित किया। हमने हिमालय में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी बताया कि ल्यूकोस्किन मलहम और मुंह से ली जाने वाली ओरल लिक्विड दोनों ही स्वरूप में उपलब्ध है। डॉ। पांडे के अनुसार, दुनिया भर में 1 से 2 फीसदी लोगों को ही सफेद दाग होता है लेकिन भारत में यह 4 से 5 फीसदी लोगों को हो रहा है।

आयुर्वेद की विशेषज्ञ डॉ. नीतिका कोहली के अनुसार, मलहम में सात जड़ी-बूटियों का उपयोग किया गया है। इनमें स्किन फोटो सेंसिटाइजर, फोड़े-फूंसी रोधक, जलन और खुजली रोधक, रोगाणु रोधक, जख्म भरने वाले और कॉपर सप्लिमेंटिंग तत्व शामिल हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

चमगादड़ों का नष्ट होता प्राकृतिक आशियाना

पर्यटन और रोजगार का जरिया यहां कुछ मासूम जीवों की जान पर आफत बन चुका है। जंगलों में इंसानी दखल पहले ही कई जीवों के लिए खतरा बना हुआ है। ऐसे में एंडवचर्स टूरिज्म की बढ़ती होड़ और घातक होती जा रही है। देश के ज्यादातर हिस्सों से लगभग विलुप्त हो चुके चमगादड़ अब सीमित जगहों पर ही बचे हैं। अब वहां भी उनके आशियाने पर खतरा मंडराने लगा है।

नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन आर्गनाईजेशन की टीम ने हाल में छत्तीसगढ़ की गुफाओं में चमगादड़ों की जनसंख्या और उनके रहन-सहन पर अध्ययन किया। इनके अध्ययन में पता चला है कि छत्तीसगढ़ के जंगलों में चमगादड़ों की संख्या तेजी से घट रही है। टीम के अनुसार राज्य की ज्यादातर गुफाओं में पर्यटन स्थल बनाने से चमगादड़ों का प्राकृतिक आशियाना छिन गया है। बाहर निकलने पर आसपास की फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला धुआं उनका दम घोट रहा है।

नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन आर्गनाईजेशन के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश की ज्यादातर गुफाओं को पर्यटन स्थल में तब्दील कर दिया गया है या किया जा रहा है। इससे चमगादड़ों का प्राकृतिक आशियाना छिन रहा है। चमगादड़ दिन में भी अंधेरे में रहना पसंद करते हैं, इसके लिए वह गुफाओं को चुनते हैं। अब गुफाओं में पर्यटन और शोर-गुल से परेशान होकर चमगादड़ गुफा से बाहर भागने को मजबूर हो चुके हैं।

14 गुफाओं का किया गया अध्ययन

नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन आर्गनाईजेशन की टीम ने छत्तीसगढ़ में कांकेर जिला अंतर्गत सोनखुदाई गुफा, सरगुजा, सूरजपुर, बस्तर और दंतेवाडा आदि जगहों पर अध्ययन किया है। टीम ने इन जगहों पर मौजूद 14 गुफाओं का विस्तृत सर्वे किया। रायगढ़ ब्लाक लैलुंगा में स्थित कुर्रा गुफा में लगभग 25 हजार चमगादड़ झुंड पाए गए। कुछ झुंड में चमगादड़ कम तो कुछ में बहुत ज्यादा हैं। संगठन के निदेशक डॉ जयंत विश्वास के अनुसार सर्वे में पता चला है कि चमगादड़ों की संख्या इलाके में तेजी से घट रही है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो बहुत जल्द चमगादड़ यहां से भी विलुप्त हो जाएंगे।

अवैध शिकार के मिले सुबूत

नेशनल केव रिसर्च एंड प्रोटेक्शन आर्गनाईजेशन को सर्वे के दौरान चमगादड़ों के अवैध शिकार के भी सुबूत मिले हैं। सर्वे में टीम को पता चला है कि रायगढ़ जिले के शिंघनपुर गुफा व बस्तर जिले की सभी गुफाओं में रहने वाले चमगादड़ों का स्थानीय लोग शिकार कर रहे हैं। अवैध शिकार भी चमगादड़ों की संख्या घटने की अहम वजह है। इतना ही नहीं गुफाओं के जल प्रवाह प्रदूषित होने का भी बुरा असर पड़ रहा है। टीम ने अपने सर्वे की रिपोर्ट के साथ राज्य सरकार को चमगादड़ों के संरक्षण पर गंभीरता बरतने को पत्र लिखा है।

किसान मित्र हैं चमगादड़

अध्ययनकर्ताओं के अनुसार चमगादड़ किसान मित्र होते हैं। ये रात में खेत-खलिहान में उड़ान भरते वक्त कीट-पतंगों को नष्ट करते हैं। इससे किसानों को खेत में रासायनिक कीटनाशकों की जरूरत नहीं पड़ती है। इसके अलावा चमगादड़ों के मल-मूत्र में फॉस्फोरस की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसमें अन्य प्राकृतिक खाद के मुकाबले कहीं ज्यादा उर्वरक क्षमता होती है। इस तरह से चमगादड़ों का होना किसानों के लिए बेहद फायदेमंद है।

हाथी का जीवाश्म मिलने के बाद कॉर्बेट के धनगढ़ी में जीवाश्म केंद्र खोलने का सुझाव

  • कॉर्बेट नेशनल पार्क में साढ़े बारह लाख साल पुराने हाथी का जीवाश्म मिलने के बाद अब यहां इन जीवाश्मों की तलाश शुरू की जाएगी। पार्क प्रशासन कॉर्बेट के धनगढ़ी में वन्यजीवों के जीवाश्म का संग्रहालय बनाए जाने पर विचार कर रहा है ताकि यहां आने वाले पर्यटक भी वन्यजीवों के जीवाश्म देख सकें।
  • 10 मई को उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसेक) के निदेशक डॉ. एसपीएस बिष्ट एवं इसरो से जुड़े भारतीय रिमोट सेसिंग के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान को बिजरानी में एक जबड़ा नुमा जीवाश्म मिला था। जांच के दौरान उन्होंने दावा किया कि कि यह जीवाश्म साढे बारह लाख साल पुराने हाथी के पूर्वज का है।

सरिस्का में बाघों ने जोड़ी जीवों की खाद्य शृंखला जिससे लौटे लुप्त होते भारतीय गिद्ध

  • सरिस्का में बाघ एक बार फिर संकट में है, लेकिन यहां से एक अच्छी खबर भी है। हमारे ईको सिस्टम से तेजी से गायब हो रहे भारतीय गिद्धों की संकटग्रस्त दो प्रजातियों को सरिस्का के जंगलों ने बचा लिया है। बिना किसी मानवीय प्रयास और संरक्षण प्लान के सरिस्का अभयारण्य में 42 से ज्यादा गिद्धों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। अहम बात यह है कि वे नेस्टिंग और ब्रीडिंग भी कर रहे हैं।
  • विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे सफेद पीठ वाले गिद्ध (जिप्स बेंगालेंसिस) और लोंग बिल्ड (जिप्स इंडीकस) प्रजाति के करीब 13 गिद्ध सरिस्का की देवरा चौकी इलाके में नियमित रूप से नजर आ रहे हैं। यह सरिस्का में एक साथ देखा गया गिद्धों का सबसे बड़ा समूह है। करीब एक दशक पहले सरिस्का में गिद्धों की वापसी हुई थी। तब इनकी संख्या 4 से पांच तक रही। वर्ष 2011 में कुशालगढ़ क्षेत्र में कई बार ये देखे गए थे। अब इसके करीब ही देवरा चौकी इलाके में दो दर्जन से ज्यादा गिद्ध स्पॉट हो रहे हैं।
  • सरिस्का से जुड़े पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि इन गिद्धों ने अच्छे आवास, सुरक्षित पहाड़ी घोंसलों और पर्याप्त आहार मिलने से सरिस्का में स्थाई डेरा डाल लिया है। वे यहां ब्रीडिंग भी कर रहे हैं। लगातार बढ़ रही संख्या इसका प्रमाण है। करीब तीन वर्ष पहले सरिस्का में रिसर्च के लिए आईं फ्रांसिसी पशु विज्ञानी ने इनकी संख्या 40 से ज्यादा बताई थी।

बाघ ही बने गिद्धों के तारणहार

गिद्धों का बड़ा समूह खोजने वाले सरिस्का टाइगर कंजरवेशन आर्गनाइजेशन के चिन्मय मैकमेसी का कहना है कि बाघों की वापसी के बाद ही गिद्धों ने यहां अपना घर बनाया। यह प्रकृति में फूड चेन पुन: स्थापित होने का विशेष मामला है। दरअसल जिस एरिया में गिद्धों का यह समूह रह रहा है, वह सरिस्का के बाघ एसटी-13 सहित 3 बाघों का आवास क्षेत्र भी है। वे यहां नियमित शिकार करते हैं और उनके छोड़े गए खाने के रूप में गिद्धों को ताजा और प्राकृतिक खाना मिल जाता है। बाघों की वापसी ने दो संकटग्रस्त जीवों-बंगाल टाइगर और गिद्ध की जिप्स बेंगालेंसिस प्रजाति को फूड चेन में फिर स्थापित कर दिया है।

:: विविध ::

आस्ट्रेलिया की बार्टी बनी विश्व की नंबर एक महिला खिलाड़ी

  • बर्मिंघम, 23 जून (एएफपी) एशलीग बार्टी ने रविवार को यहां बर्मिंघम डब्ल्यूटीए खिताब जीतकर विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज होने वाली दूसरी आस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी बन गयी।
  • फ्रेंच ओपन चैंपियन बार्टी ने फाइनल में जुलिया गार्जेस को 6-3, 7-5 से हराया। उनसे पहले यावोनी गुलागोंग कावली 1976 में दो सप्ताह के लिये शीर्ष रैकिंग हासिल करने वाली पहली आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनी थी।
  • बार्टी ने जापान की नाओमी ओसाका को महिला रैंकिंग में शीर्ष से हटाया।

प्रकाशन विभाग ‘गीत रामायण’ का हिंदी रूपांतरण लाएगा

  • प्रकाशन विभाग श्री दत्त प्रसाद जोग के ‘गीत रामायण’ का हिंदी रूपांतरण लाएगा। यह निर्णय केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने एक बैठक में लिया।

गीत रामायण के बारे में

  • यह महाकाव्य रामायण की घटनाओं का क्रमवार वर्णन करने वाले 56 मराठी गीतों का संग्रह है। वर्ष 1955-1956 में इसका प्रसारण ऑल इंडिया रेडियो, पुणे द्वारा किया गया था। ‘गीत रामायण’ को उसके गीत, संगीत और गायन के लिए सराहा गया। जी. डी.मडगुलकर द्वारा लिखित और सुधीर फड़के की संगीत रचना वाले इन गीतों को "मराठी सुगम संगीत का मील का पत्थर" और रामायण का "सबसे लोकप्रिय" मराठी संस्करण माना जाता है।

देहरादून में बनेगा तटरक्षक भर्ती केन्द्र

  • उत्तराखंड के देहरादून में तटरक्षक भर्ती केन्द्र खोला जायेगा ।
  • यह भारत का पाँचवा तटरक्षक भर्ती केन्द्र होगा और 28 जून को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत हर्रावाला के कुआंवाला में इस भर्ती केन्द्र के लिए भूमि का शिलान्यास करेंगे ।
  • यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, नोएडा, मुम्बई, चेन्नई व कोलकत्ता के बाद यह उत्तराखण्ड में पांचवां भर्ती केन्द्र होगा।
  • उत्तराखण्ड को आपदा की दृष्टि से संवेदनशील बताते हुए रावत ने कहा कि तटरक्षक राज्य आपदा मोचन बल: एसडीआरएफ: को आपदा से राहत व बचाव के तरीकों के लिए प्रशिक्षण भी देगा।

झारखंड साफ-सुंदर शौचालय प्रतियोगिता में देशभर में अव्वल

  • स्वच्छ-सुंदर शौचालय प्रतियोगिता में झारखंड देशभर में अव्वल आया है। यही नहीं, देशभर में हुई जिलास्तरीय प्रतियोगिता में गिरिडीह को पहला पुरस्कार दिया गया। जबकि पूर्वी सिंहभूम को चौथा, सरायकेला-खरसावां को छठा, कोडरमा को सातवां और लोहरदगा को नौवां स्थान मिला है।
  • नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए समारोह में झारखंड की पेयजल एवं स्वच्छता सचिव आराधना पटनायक को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुरस्कार प्रदान किए।

प्रिलिमिस बूस्टर

  • हाल ही में किस संस्था ने झारखंड नगरपालिका विकास परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 147 मिलियन डॉलर का ऋण प्रदान किया है? (विश्व बैंक)
  • किन संस्थाओं के द्वारा‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ रिपोर्ट तैयार की जाती है?  (नीति आयोग,विश्व बैंक तथा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय )
  • हाल ही में प्रस्तुत सामाजिक विकास रिपोर्ट ‘भारत में बढ़ती असमानता, 2018’ रिपोर्ट का संपादन किनके द्वारा किया गया? (प्रोफेसर टी. हक और डी. एन. रेड्डी)
  • हाल ही में किसे संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) का अध्यक्ष चुना गया? (क्यू डोंग्यू-चीन )
  • हाल ही में किस देश में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए भारत की महिला शांति सैनिकों के दल ने कार्यभार संभाला है? (कांगो)
  • आगामी जी20 शिखर सम्मेलन किस देश में प्रस्तावित है? (जापान-ओसाका)
  • हाल ही में किस देश ने आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मदद के लिए बेलआउट प्रदान किया है? (कतर)
  • रिजर्व बैंक की आर्थिक पूंजी रूपरेखा की समीक्षा हेतु कौन सी समिति का गठन किया गया? (विमल जालान समिति)
  • विश्व की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना कौन है? (कालेश्वरम')
  • विश्व की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना किस राज्य में स्थित है? (कालेश्वरम'-तेलंगाना)
  • विश्व की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना किस नदी पर स्थित है? (गोदावरी नदी)
  • देश से बाहर भेजे जाने वाले कालेधन की जांच के लिए किसकी अध्यक्षता में स्थाई समिति का गठन किया गया था? (एम वीरप्पा मोइली समिति)
  • हाल ही में किस महिला टेनिस खिलाड़ी ने विश्व रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया? (एशलीग बार्टी- ऑस्ट्रेलिया)
  • गीत रामायण के लेखक कौन है एवं यह किस भाषा में रचित है? (जी. डी.मडगुलकर-मराठी भाषा)
  • कौन से राज्य ने स्वच्छ-सुंदर शौचालय प्रतियोगिता में देशभर में अव्वल स्थान प्राप्त किया?  ( झारखंड)
  • दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय विटिलिगो दिवस किस तिथि में मनाया जाता है? (25 जून)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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