(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (23 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (23 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता

  • ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने को कहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि मोदी और उन्होंने पिछले महीने जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की थी जहां भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कश्मीर पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की पेशकश की थी।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच ‘‘मध्यस्थता’’ की सोमवार (22 जुलाई, 2019) को पेशकश की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से पहली बार मुलाकात की जहां दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की। वहीं भारत सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस चौंकाने वाले दावे से इनकार किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें कश्मीर पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था।
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिए उस बयान को देखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत का लगातार यही रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों पर केवल द्विपक्षीय चर्चा होगी। पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत के लिए सीमापार आतंकवाद पर रोक जरूरी होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों के समाधान के लिए शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा।’’

वंदे भारत एक्सप्रेस का दिल्ली से कटरा तक का ट्रायल सफल

  • नई दिल्ली से माता वैष्णो देवी कटरा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल सफल रहा है। ट्रायल रन पर यह ट्रेन सोमवार सुबह 6 बजे नई दिल्ली स्टेशन से रवाना हुई और अंबाला स्टेशन पर पांच मिनट पहले पहुंची और चार मिनट की देरी से दोपहर 2.04 बजे कटरा पहुंची। वहीं, वापसी में वंदे भारत अपराह्न तीन बजे कटरा से रवाना हुई। रात में यह ट्रेन लुधियाना रुकेगी और मंगलवार को सुबह 11 बजे चलकर दोपहर 2.26 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। अगले माह से इसके नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस ट्रेन से यात्री मात्र आठ घंटे में दिल्ली से कटरा पहुंच सकेंगे।
  • देश में विकसित पहली टी-18 के नाम से मशहूर वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलती है। जल्द ही यह नई दिल्ली से कटरा के बीच चलने लगेगी।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

ईरान का अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त करने का दावा

  • अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने मुल्क में फैले अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए का जासूसी नेटवर्क ध्वस्त करने का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कुछ को मौत की सजा भी दे दी गई।
  • ईरान के सरकारी टेलीविजन ने सोमवार को खुफिया मंत्रालय के एक बयान के हवाले से कहा, 'अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के जासूसी नेटवर्क को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया गया है। मुल्क के साथ विश्वासघात करने वालों को न्याय के दायरे में लाया गया। कुछ को मौत और कुछ को जेल की लंबी सजा दी गई है। इन जासूसों को आर्थिक, परमाणु, सैन्य और साइबर क्षेत्रों के संवेदनशील केंद्रों में नियुक्त किया गया था।'
  • बयान में यह भी बताया गया कि CIA के लिए जासूसी करने के मामले में पकड़े गए सभी लोग ईरानी नागरिक हैं। वे सभी स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे। CIA ने अमेरिका जाने की चाहत रखने वाले कुछ ईरानी लोगों को वीजा के जाल में फंसाकर भर्ती किया था।
  • ईरान ने पिछले माह भी CIA से जुड़े एक नेटवर्क को ध्वस्त करने का दावा किया था। इरना न्यूज एजेंसी से खुफिया मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बारे में कुछ नए सुराग मिले थे। इसके आधार पर हमने हाल में एक नए नेटवर्क को ध्वस्त किया है।'

जापान में उच्च सदन का चुनाव

  • जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने संसद के उच्च सदन का चुनाव जीत लिया है। लेकिन वह दो-तिहाई बहुमत पाने से चूक गया। इसके चलते संवैधानिक सुधार की एबी की योजना को करारा झटका लगा है।
  • एबी की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और सहयोगी कोमीटो पार्टी को उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए इस चुनाव में 85 सीटें जीतनी थीं। लेकिन उन्हें 69 सीटें ही मिलीं। जापान के उच्च सदन में कुल 245 सीटें हैं। इनमें से आधी सीटों के लिए हर तीन साल में चुनाव होता है।
  • रविवार को 124 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसके लिए 370 प्रत्याशी मैदान में थे। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास उच्च सदन में पहले से 70 सीटें थीं। सदन में बहुमत होने के बावजूद यह गठबंधन संवैधानिक सुधारों की दिशा में आगे नहीं बढ़ सकता। दरअसल, संविधान में किसी भी संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।
  • इस जीत के साथ एबी की पार्टी 2012 से लगातार पांच संसदीय चुनाव जीतने वाली पहली पार्टी बन गई। एबी को देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने व सुरक्षा को लेकर चिंता करने के लिए जाना जाता है। उत्तर कोरिया और चीन से जापान को खतरे है। चीन उसकी समुद्री सीमा के भीतर अक्सर दखल देता रहता है।
  • एबी ने हाल के वर्षो में अपनी कूटनीतिक दक्षता प्रदर्शित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विश्वास जीत लिया है। इसका फायदा उन्हें जापान की स्थानीय राजनीति में बहुत ज्यादा मिल रहा है। प्रधानमंत्री के तौर पर एबी का कार्यकाल 2021 में पूरा होगा।

हांगकांग में चीनी शासन के प्रति जमकर विरोध प्रदर्शन

  • हांगकांग में हुए उग्र विरोध प्रदर्शन में चीनी प्रतिनिधि कार्यालय की दीवारों को तोड़ने और सरकार के राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न को विरूपित किये जाने पर चीन ने सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये उन्हें ''बिल्कुल असहनीय" बताया। लोकतंत्र समर्थक हजारों प्रदर्शनकारियों ने रविवार रात अर्द्ध-स्वायत्त शहर में कार्यालय के बाहर सड़क पर कुछ हद तक कब्जा कर लिया और चीनी शासन के प्रति जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
  • हांगकांग में लोकतांत्रिक सुधारों के लिए पिछले कुछ समय से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जो कभी-कभी हिंसक आंदोलन का रूप ले लेता है। शहर में चीन के प्रमुख राजदूत वांग झिमिन ने संवाददाताओं से कहा, ''इससे (कृत्यों) ... सत्तर लाख हांगकांगवासी के साथ-साथ सभी चीनी लोगों की भावनाओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है।
  • हांगकांग में रविवार (21 जुलाई) को सरकार के खिलाफ एक और विशाल मार्च हुआ। रात में इस मार्च के अंत में मास्क पहने प्रदर्शनकारियों ने चीन के स्थानीय दफ्तर पर अंडे फेंके। चीन के शासन को लेकर सालों से बढ़ते आक्रोश से पैदा हुए इस बवाल का अंत फिलहाल नजर नहीं आ रहा। पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच पिछले कुछ हफ्तों में कई बार छिटपुट हिंसक झड़प हुई है और कई बार मार्च हुए हैं। इन घटनाओं को हांगकांग का हाल के वर्षों का सबसे गंभीर संकट माना जा रहा है।

पृष्ठभूमि

साल 1997 में हांगकांग चीन को वापस सौंपा गया था, जिसके बाद से अभी बीजिंग की सत्ता को यहां सबसे बड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। इन प्रदर्शनों की शुरुआत सबसे पहले एक विवादित विधेयक को लेकर हुई। इस विधेयक के पारित हो जाने पर किसी आरोपी को चीन प्रत्यर्पित करने का मार्ग प्रशस्त हो जाता। विरोध प्रदर्शन के कारण अब इस विधेयक को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। हालांकि, विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक रूप ले लिया है और अब लोकतांत्रिक सुधारों, सार्वभौमिक मताधिकार आदि की मांग की जा रही है।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

लोकसभा में मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित

  • एनएचआरसी ने कुछ वैश्विक प्लेटफार्मों पर उठाई गयी चिंताओं को दूर करने के लिए अधिनियम में कुछ संशोधन प्रस्तावित किए हैं। इसके अलावा, कुछ राज्य सरकारों ने अधिनियम में संशोधन के लिए भी प्रस्ताव दिया है, क्योंकि उन्हें संबंधित राज्य आयोगों के अध्यक्ष के पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों को खोजने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो मौजूदा पद के लिए पात्रता मानदंड के कारण हैं।
  • पेरिस सिद्धांत के आधार पर इस प्रस्तावित संशोधन से आयोग और साथ ही राज्य आयोगों को भी, उनकी स्वायत्तता, स्वतंत्रता, बहुवाद और मानव अधिकारों के प्रभावी संरक्षण तथा उनका संवर्धन करने हेतु बल मिलेगा।

मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 के महत्वपूर्ण प्रावधान---

  • भारत के मुख्य न्यायमूर्ति के अतिरिक्त किसी ऐसे व्यक्ति, जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश रहा है, को भी आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति हेतु पात्र बनाया जा सके।
  • आयोग के सदस्यों की संख्या को दो से बढ़ाकर तीन किया जा सके, जिनमें से एक महिला होगी।
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और दिव्यांगजनों सम्बन्धी मुख्य आयुक्त को आयोग के सदस्यों के रूप में सम्मिलित किया जा सकेगा।
  • आयोग और राज्य आयोगों के अध्यक्षों और सदस्यों की पदावधि को पांच वर्ष से कम करके तीन वर्ष किया जा सके और वे पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होंगे।
  • दिल्ली संघ राज्यक्षेत्र से भिन्न अन्य संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा निर्वहन किए जा रहे मानव अधिकारों सम्बन्धी मामलों को राज्य आयोगों को प्रदत्त किया जा सके, दिल्ली संघ राज्यक्षेत्र के सम्बन्ध में आयोग द्वारा कार्यवाही की जाएगी।
  • मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 -मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 (अधिनियम) को, मानव अधिकारों के संरक्षण हेतु राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (आयोग), राज्य मानव अधिकार आयोग (राज्य आयोग) और मानव अधिकार न्यायालयों के गठन हेतु उपबंध करने के लिए अधिनियमित किया गया था।

सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक 2019

  • विपक्ष के कड़े विरोध तथा कांग्रेस एवं तृणमूल कांग्रेस के वाक आउट के बीच सरकार ने लोकसभा में शुक्रवार को सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक 2019 पेश किया.

नए विधेयक के महत्वपूर्ण प्रावधान

  • विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि आरटीआई अधिनियम की धारा13 मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की पदावधि और सेवा शर्तो का उपबंध करती है. इसमें उपबंध किया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का वेतन , भत्ते और शर्ते क्रमश: मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के समान होगी.
  • इसमें यह भी उपबंध किया गया है कि राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों का वेतन क्रमश : निर्वाचन आयुक्त और मुख्य सचिव के समान होगी.
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के वेतन एवं भत्ते एवं सेवा शर्ते सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के समतुल्य हैं. ऐसे में मुख्य सूचना आयुक्त , सूचना आयुक्तों और राज्य मुख्य सूचना आयुक्त का वेतन भत्ता एवं सेवा शर्तें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के समतुल्य हो जाते हैं.
  • वहीं केंद्रीय सूचना आयोग और राज्य सूचना आयोग , सूचना अधिकार अधिनियम2005 के उपबंधों के अधीन स्थापित कानूनी निकाय है. ऐसे में इनकी सेवा शर्तो को सुव्यवस्थित करने की जरूरत है.
  • संशोधन विधेयक में यह उपबंध किया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों तथा राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन , भत्ते और सेवा के अन्य निबंधन एवं शर्ते केंद्र सरकार द्वारा तय होगी.

क्यों हो रहा है विरोध

  • सामाजिक कार्यकर्ता आरटीआई कानून में संशोधन के प्रयासों की आलोचना कर रहे हैं. उनका कहना है कि इससे देश में यह पारदर्शिता पैनल कमजोर होगा. विधेयक को पेश किये जाने का विरोध करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मसौदा विधेयक केंद्रीय सूचना आयोग की स्वतंत्रता को खतरा पैदा करता है. कांग्रेस के ही शशि थरूर ने कहा कि यह विधेयक वास्तव में आरटीआई को समाप्त करने वाला विधेयक है जो इस संस्थान की दो महत्वपूर्ण शक्तियों को खत्म करने वाला है. एआईएमआईएम के असादुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक संविधान और संसद को कमतर करने वाला है. ओवैसी ने इस पर सदन में मत विभाजन कराने की मांग की. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने इस दौरान सदन से वाकआउट किया.
  • मत विभाजन से पहले तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने मांग की कि विधेयक को संसद की स्थायी समिति को विचार के लिये भेजा जाए. उन्होंने कहा कि 15 वीं लोकसभा में 71 प्रतिशत विधेयक समितियों को भेजे गए थे जबकि16 वीं लोकसभा में केवल 26 प्रतिशत विधेयकों को संसदीय समितियों को भेजा गया. इस नयी लोकसभा में अभी तक एक भी विधेयक किसी संसदीय समिति को नहीं भेजा गया है और कई संसदीय समितियों का अभी तक गठन भी नहीं हुआ है.
  • केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में आरटीआई आवेदन कार्यालय समय में ही दाखिल किया जा सकता था. लेकिन अब आरटीआई कभी भी और कहीं से भी दायर किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सीआईसी के चयन के विषय पर आगे बढ़कर काम किया है. सोलहवीं लोकसभा में विपक्ष का कोई नेता नहीं था. ऐसे में सरकार ने संशोधन करके इसमें सबसे बड़ी पार्टी के नेता को जोड़ा जो चयन समिति में शामिल किया गया.

क्या है सरकार का पक्ष

  • RTI से जानकारी लेना आसान होगा
  • RTI से जुड़े प्रबंधन में आसानी होगी
  • पारदर्शिता लाना, सरकार की प्राथमिकता
  • 2005 में जल्दबाज़ी में लाया गया बिल
  • क़ानून बनाते वक़्त सही नियम नहीं बने
  • RTI क़ानून को मज़बूत कर रही है सरकार

सूचना के अधिकार की क्या हैं मूल बातें

  • सरकारी रिकॉर्ड देखने का मौलिक अधिकार
  • 30 दिन के अंदर देना होता है जवाब
  • देरी पर 250 रुपये प्रति दिन जुर्माना
  • 2005 में UPA सरकार के दौरान बना क़ानून

धार्मिक स्थलों में यौन उत्पीड़न और विशाखा गाइडलाइन्स

सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्थलों में यौन उत्पीड़न के मामलों से जुड़ी एक याचिका ठुकराई है। सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न मामलों में कार्रवाई के लिए बनाए गए विशाखा गाइडलाइन को धार्मिक स्थलों में यौन उत्पीड़न के केस में भी लागू करने की मांग ठुकरा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने विशाखा फैसले के दिशानिर्देश और जाँच कमेटी के गठन जैसी कई और मांगों को नहीं माना है। कोर्ट ने कहा है कि विशाखा गाइडलाइन का धार्मिक स्थलों पर कैसे विस्तार हो सकता है।

विशाखा गाइडलाइन्स क्या है ?

  • कार्यस्थल पर होने वाले यौन-उत्पीड़न के ख़िलाफ़ साल 1997 में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों को 'विशाखा गाइडलाइन्स' के रूप में जाना जाता है। इसे विशाखा और अन्य बनाम राजस्थान सरकार और भारत सरकार मामले के तौर पर भी जाना जाता है। इस फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यौन-उत्पीड़न, संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं। इसके साथ ही इसके कुछ मामले स्वतंत्रता के अधिकार के उल्लंघन के तहत भी आते हैं।
  • 1997 से पहले महिलाएं कार्यस्थल पर होने वाले यौन-उत्पीड़न की शिकायत आईपीसी की धारा 354 (महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ या उत्पीड़न के मामले) और धारा 509 (किसी औरत के सम्मान को चोट पहुंचाने वाली बात या हरकत) के तहत दर्ज करवाती थीं।
  • सुप्रीम कोर्ट ने विशाखा गाइडलाइन्स के तहत कार्यस्थल के मालिक के लिए ये ज़िम्मेदारी सुनिश्चित की थी कि किसी भी महिला को कार्यस्थल पर बंधक जैसा महसूस न हो, उसे कोई धमकाए नहीं। साल 1997 से लेकर 2013 तक दफ़्तरों में विशाखा गाइडलाइन्स के आधार पर ही इन मामलों को देखा जाता रहा, लेकिन 2013 में 'सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ वुमन एट वर्कप्लेस एक्ट' आया।
  • जिसमें विशाखा गाइडलाइन्स के अनुरूप ही कार्यस्थल में महिलाओं के अधिकार को सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके साथ ही इसमें समानता, यौन उत्पीड़न से मुक्त कार्यस्थल बनाने का प्रावधान भी शामिल किया गया। इस एक्ट के तहत किसी भी महिला को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ सिविल और क्रिमिनल दोनों ही तरह की कार्रवाई का सहारा लेने का अधिकार है।

दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2018

  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तर प्रदेश के एक महत्त्वपूर्ण विधेयक को स्वीकृति दी है जिससे अग्रिम जमानत के प्रावधान को फिर से शामिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा। इस प्रावधान को 1976 में आपातकाल के दौरान हटा दिया गया था।
  • गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और उतराखंड को छोड़ कर देश के अन्य सभी राज्यों में अग्रिम जमानत का प्रावधान है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “राष्ट्रपति ने दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2018 को मंजूरी दे दी है।”
  • यह विधेयक उत्तर प्रदेश के लिये दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 में संशोधन का प्रावधान करता है। संशोधन के मुताबिक अग्रिम जमानत पर सुनवाई के दौरान आरोपी का मौजूद रहना जरूरी नहीं होगा।
  • साथ ही इसमें अग्रिम जमानत देने पर विचार करने से पहले अदालत द्वारा कुछ अनिवार्य शर्तें लगाए जाने का भी प्रावधान है। उदाहरण के लिए गंभीर अपराधों के मामले में अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी। इसके अलावा उन मामलों में भी अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी जिनमें सजा फांसी की हो। साथ ही गैंगस्टर कानून के तहत आने वाले मामलों में भी अग्रिम जमानत नहीं दी जाएगी।
  • दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत के लिए किसी तरह की शर्त लगाना अदालत के विवेक पर छोड़ा गया है। हालांकि, उत्तर प्रदेश संशोधन विधेयक में पहले से ही कुछ शर्तें लगाई गई हैं। इन शर्तों में शामिल है कि आरोपी को जब कभी पुलिस पूछताछ के लिए बुलाएगी, तो उसे पेश होना होगा। आरोपी मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से डरा-धमका नहीं सकता और आरोपी अदालत की इजाजत के बिना देश नहीं छोड़ सकता। अन्य संशोधन है कि अदालत को 30 दिनों के भीतर अग्रिम जमानत पर दिए गए आवेदन पर फैसला देना होगा। अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में ऐसा प्रावधान है।

पृष्ठभूमि

  • राज्य सूचना आयोग ने भी 2009 में इस संशोधित विधेयक को लाने की अनुशंसा की थी। फिर 2010 में मायावती की तत्कालीन सरकार ने इस संबंध में एक विधेयक को मंजूरी दी थी और स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया था। हालांकि, यह विचार के लिए रख दिया गया। बाद में कुछ बदलावों के सुझावों के साथ इसे वापस भेजा गया।
  • नये विधेयक को मंजूरी दिए जाने से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्व की खामियों एवं अन्य राज्यों में प्रावधान के प्रयोग पर अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित की। इसकी अध्यक्षता प्रधान सचिव (गृह) ने की और इसमें महानिदेशक (अभियोजन) और कानून विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

:: आर्थिक समाचार ::

क्रिप्टोकरेंसी का विनियमन

सरकार बिटकॉयन जैसी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कानून बनाने की तैयारी कर रही है। यह कानून बनने पर प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी में किसी भी तरीके का लेन-देन या निवेश अपराध होगा और दोषी व्यक्ति को दस साल के कारावास की सजा और 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना होगा। हालांकि सरकार अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए आधिकारिक तौर पर डिजिटल रुपया जारी कर सकती है जो लेन-देन के लिए पूरी तरह वैध होगा। डिजिटल रुपया करेंसी नोट की तरह लीगल टेंडर होगा।

डिजिटल करेंसी जारी करने की सिफारिश

  • सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी समिति ने प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने और आधिकारिक तौर पर डिजिटल करेंसी जारी करने की सिफारिश की है। सरकार ने दो नवंबर 2017 को वर्चुअल करेंसी से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने के लिए वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया था। इसमें रिजर्व बैंक, सेबी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
  • समिति का कहना है कि निजी क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। किसी भी देश में क्रिप्टोकरेंसी को लीगल टेंडर यानी वैध दर्जा प्राप्त नहीं है। इसलिए सरकार द्वारा जारी क्रिप्टोकरेंसी को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी को भारत में प्रतिबंधित कर देना चाहिए।
  • यही वजह है कि समिति ने क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने और भारत में क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित गतिविधियों को अपराध घोषित करने के लिए एक कानून बनाने की सिफारिश की है। समिति ने Cryptocurrency प्रौद्योगिकी के विकास के मद्देनजर एक स्थायी समिति के गठन की सिफारिश भी की है, ताकि जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर कार्रवाई की जा सके।
  • समिति ने क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के लिए 'बैनिंग क्रिप्टोकरेंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2019' शीर्षक से विधेयक का एक मसौदा भी तैयार किया है। सरकार ने सोमवार को समिति की रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा आम लोगों की टिप्पणी के लिए वित्त मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी किए।
  • प्रस्तावित विधेयक में इस बात का प्रावधान है कि किसी भी व्यक्ति को क्रिप्टोकरेंसी खरीदने या बेचने, निवेश करने या इसे फंड के रूप में जुटाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सेंट्रल बोर्ड के साथ परामर्श कर डिजिटल रुपया जारी कर सकती है। साथ ही RBI किसी भी विदेशी डिजिटल मुद्रा को भी वैध विदेशी मुद्रा की मान्यता प्रदान कर सकती है। डिजिटल रुपया DLT यानी डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। Cryptocurrency को प्रतिबंधित करने वाले कानून का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्ति को दस साल तक की सजा और 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

क्रिप्टोकरेंसी का भारत में कारोबार

  • भारत में क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार कितना है, इस बारे में कोई अनुमान नहीं है। लेकिन समिति ने एक न्यूज पोर्टल की खबर का हवाला देते हुए कहा है कि फरवरी 2018 में देश के 24 एक्सचेंज में 50 लाख ट्रेडर थे, जो हर दिन करीब 1,500 बिटकॉइन यानी लगभग एक अरब रुपये के बराबर लेन-देन कर रहे थे।
  • हालांकि जिस खबर का हवाला दिया गया है उसमें यह बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि उसने इन आंकड़ों की सत्यता की जांच नहीं की है।

समिति की प्रमुख सिफारिशें

  • क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने के लिए 'बैनिंग क्रिप्टोकरेंसी एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2019' लाने की सिफारिश
  • क्रिप्टोकरेंसी के मुद्दे पर एक स्थायी समिति बनाने की सिफारिश
  • वित्तीय क्षेत्र में डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नॉलाजी के इस्तेमाल पर विचार करे वित्त मंत्रालय
  • आधिकारिक रूप से जारी की जाने वाली डिजिटल करेंसी का नियामक हो आरबीआइ
  • आइपीओ और एफपीओ जारी करने के लिए डीएलटी का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकता है सेबी
  • स्टांप ड्यूटी संग्रह करने के लिए भी किया जा सकता है डीएलटी का इस्तेमाल

क्या है DLT?

डीएलटी का मतलब है डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नॉलाजी। इसमें ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ट्रांजेक्शन और डाटा एक स्वतंत्र कंप्यूटर में रिकार्ड या स्टोर किया जाता है, जबकि परंपरागत लेजर में डाटा एक जगह केंद्रीयकृत रूप से स्टोर किया जाता है।

:: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ::

आदित्य एल-1-2020 में सूर्य मिशन की योजना

  • चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की 2020 की पहली छमाही में सूरज के परिमंडल के अध्ययन के लिए सूर्य मिशन आदित्य एल-1 को अंजाम देने की योजना है।
  • आदित्य एल-1 का लक्ष्य सूर्य के परिमंडल का अध्ययन करने का होगा जिसमें हजारों किलोमीटर तक फैलीं सूर्य की बाहरी परतें शामिल हैं। इसरो ने मिशन के बारे में सूचना साझा करते हुए अपनी वेबसाइट पर कहा है कि परिमंडल कैसे इतना गर्म हो जाता है, सौर भौतिकी में इसका उत्तर अब तक नहीं मिला है।
  • इसरो के प्रमुख के सिवन ने पिछले महीने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मिशन को 2020 की पहली छमाही में प्रक्षेपित करने की योजना है। सूर्य के परिमंडल का विश्लेषण इसलिए किए जाने की जरूरत है क्योंकि जलवायु परिवर्तन पर इसका बड़ा प्रभाव है।
  • इसरो के प्रमुख के सिवन अंतरिक्ष विभाग के सचिव भी हैं। उन्होंने कहा था कि इसके अलावा अगले दो-तीन साल में एक अन्य अंतरग्रहीय मिशन शुक्र पर भेजने की योजना है।
  • आदित्य एल-1 अतिरिक्त प्रयोगों के साथ सूर्य के बाह्यमंडल, वर्णमंडल और परिमंडल का निरीक्षण उपलबध करा सकता है। इसरो ने कहा कि इसके अलावा पार्टिकल पेलोड सूर्य से उठते कण प्रवाह का अध्ययन करेंगे।
  • अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इन पेलोड को धरती के चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव से बाहर स्थापित किया जाएगा और ये धरती की निचली कक्षा में उपयोगी नहीं हो सकते।

अंतरिक्ष में कृषि-नासा

  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा साल 2030 तक लाल ग्रह मंगल पर मानव मिशन भेजने की तैयारी में है। मंगल पर जाने और वहां से वापस धरती पर आने की यह यात्रा तीन साल लंबी हो सकती है। इतने लंबे मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना बड़ी समस्या हो सकती है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में 340 दिन बिताने का रिकॉर्ड बना चुके अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री स्कॉट केली ने कहा, 'मिशन के दौरान हर दूसरे या तीसरे माह मेरे पास ताजी सब्जियां और फल पहुंचाए जाते थे। लेकिन मंगल मिशन पर यह संभव नहीं होगा।'
  • इस समस्या को दूर करने के लिए वैज्ञानिक अंतरिक्ष में बगीचा बनाना चाहते हैं ताकि पैकेट बंद आहार पर अंतरिक्ष यात्रियों की निर्भरता खत्म हो। नासा पहले ही लेटस (सलाद के तौर पर इस्तेमाल में आने वाली पत्तियां) के साथ कुछ अन्य पत्तेदार सब्जियां अंतरिक्ष में उगाने में सफल हो चुकी है।
  • अब वह पहली बार किसी फलदार पौधे को अंतरिक्ष में उगाना चाहती है। इसके लिए मिर्च के पौधे का चयन किया गया है। पृथ्वी पर अंतरिक्ष की तरह के वातावरण में इस पौधे को उगाने का परीक्षण जारी है। जल्द ही इसे अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आगे चलकर अंतरिक्ष में टमाटर और स्ट्राबेरी के साथ आलू आदि उगाने के रास्ते भी खुल जाएंगे।
  • अंतरिक्ष में उगाए जाने वाले पहले फलदार पौधे के तौर पर मिर्च का चुना जाना अहम है। इनकी खेती पत्तेदार पौधे से काफी अलग तरीके से की जाती है। इसमें विटामिन सी की बहुतायत होती है। यह पोषक तत्व अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है। अंतरिक्ष में सूंघने और चखने की क्षमता घट जाती है। ऐसी स्थिति के लिए मिर्च सहायक हो सकती है।
  • अंतरिक्ष में अनाज उगाने के अभियान से जुड़े नासा के वैज्ञानिक जॉय डी मासा ने कहा, 'हमारे पास भले ही कितने भी विकल्प हों लेकिन सिर्फ पैकेट बंद आहार मंगल मिशन के लिए काफी नहीं होगा। अभी तक ऐसा कोई खाद्य पदार्थ उपलब्ध नहीं है जो इतने लंबे मिशन तक चले। ऐसे में अंतरिक्ष यात्री को खाने की कमी से जूझना पड़ सकता है। यह मिशन के लिए किसी भी लिहाज से सही नहीं होगा। इसीलिए अंतरिक्ष में भोजन उगाना जरूरी है।'
  • इस सदी के शुरुआती वर्षो में रूसी वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में मटर उगाने में सफलता पाई थी। उसके बाद नासा लेटस के साथ ही चीनी पत्तागोभी और अन्य सब्जियां उगाने में सफल हुआ था

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

पशुचारे और पोल्ट्री फीड में एंटीबायोटिक दवाओं का इस्‍तेमाल

  • पोल्ट्री, मटन, अंडा और अन्य पशु उत्पादों में बढ़ती एंटीबायोटिक दवाओं की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए मुसीबत बन सकती है। पोल्ट्री फार्म और पशुओं के चारे में इन दवाओं के मिश्रण से उनके मांस समेत अन्य उत्पादों में एंटीबायोटिक दवाओं की मात्रा लगातार बढ़ रही है।
  • वैज्ञानिकों को आशंका है कि इस तरह की गलत हरकतों पर समय से काबू नहीं पाया गया तो ऐसे प्रदूषित पशु उत्पादों का उपयोग करने वालों में छोटे मोटे रोग भी संक्रामक हो सकते हैं। कृषि से जुड़े इस तरह के उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी न होने से हालात और खराब हो सकते हैं।
  • विश्व के 10 प्रमुख ऐसे देशों में जहां के पशुपालन केंद्रों में सर्वाधिक एंटी बायोटिक उपयोग किया जाता है, उसमें भारत चौथे स्थान पर है। पशुओं और मुर्गियों को रोग से संरक्षित करने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्हें एहतियात के तौर पर चारे के साथ ही एंटी बायोटिक दवाएं दी जा रही हैं।

पशुचारे और पोल्ट्री फीड में एंटीबायोटिक दवाओं के इस्‍तेमाल से जुड़े आकड़े

  • 'साइंस' जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2013 में ढाई हजार टन से अधिक एंटी बायोटिक दवाओं का उपयोग पशु चारा उत्पादन में हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक नियामक प्राधिकरण की निगरानी प्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो वर्ष 2030 तक पशुचारे में इसका उपयोग 82 फीसद तक बढ़कर साढ़े चार हजार टन से अधिक पहुंच जाने का अनुमान है।
  • उत्पादकता बढ़ाने और रोग से बचाने के चक्कर में उनके चारे में एंटीबायोटिक दवाओं की खुराक मिला दी जाती है। पशुओं के पालन पोषण का तरीका मानव के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनने लगा है। मांसाहार के जरिए शरीर में इतनी एंटीबायोटिक जा रही है कि कई रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। यह ऐसे ही जारी रहा तो स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक नतीजे होंगे।
  • एक आंकड़े के मुताबिक ग्रामीण भारत में चिकेन, मटन, बीफ और पोर्क की खपत वर्ष 2004 के मुकाबले वर्ष 2011 में दोगुनी हो गई। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के मुताबिक इसी अवधि में इन उत्पादों की प्रति माह प्रति व्यक्ति खपत 0.13 किलो से बढ़ कर 0.27 किलो पहुंच गई। जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 0.22 किलो से बढ़कर 0.39 किलो हो गई। ध्यान रहे कि यह आंकड़ा पूरे देश की आबादी के अनुपात में है। जाहिर है कि मासांहारियों के आधार पर आंकड़ा निकाला जाए तो यह कहीं अधिक होगा।
  • अंतरराष्ट्रीय लाइव स्टॉक रिसर्च इंस्टीट्यूट व इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट में संयुक्त रूप से 'पशु उत्पादों में एंटी बायोटिक दवाओं के उपयोग और उनकी खत्म होती प्रतिरोधक क्षमता' पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसके नतीजों से कई चीजों का खुलासा हो सकता है।

संस्थागत कमजोरी

  • इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (इवीआरआइ) के संयुक्त निदेशक डाक्टर त्रिवेणी दत्त ने बताया कि 'यह ऐसा क्षेत्र है, जहां लोगों की नजर ही नहीं है। इन मांसाहारी उत्पादों में बढ़ती एंटी बायोटिक दवाओं के प्रभाव से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि पशु चारे में दवाओं के मिश्रण पर रोक है। समय-समय पर गाइड लाइन भी जारी की जाती है। लेकिन कमजोर निगरानी प्रणाली से इसका असर नहीं पड़ता है।'
  • पशुपालन व डेयरी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक देश में पोल्ट्री टेस्ट के लिए हैदराबाद में प्रयोगशाला तो है, लेकिन वहां केवल शोध के लिए परीक्षण किया जाता है। मथुरा स्थित बकरी अनुसंधान संस्थान में भी कुछ साल पहले मांस परीक्षण की प्रयोगशाला स्थापित की गई है। लेकिन देश में ऐसी गिनी चुनी प्रयोगशालाएं हैं। संस्थान के मीट वैज्ञानिक वी. राजकुमार के मुताबिक 'देश में विशेषज्ञों की भारी कमी है। इन प्रयोगशालाओं में एडवांस टेक्नोलॉजी का अभाव है। ज्यादातर राज्यों में पोल्ट्री व अन्य पशु उत्पादों की जांच के लिए न तो उचित निगरानी प्रणाली है और न ही परीक्षण की सुविधा।'
  • मटन और पोल्ट्री का ज्यादातर कारोबार यहां असंगठित क्षेत्रों में है, जिसके नियमन पर कभी ध्यान नहीं दिया गया है। कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर निकायों की ओर से लाइसेंस फीस वसूलने भर का नियमन होता है। वर्ष 2011 में पहली बार मत्स्य और शहद के लिए एंटी बायोटिक की सीमा निर्धारित की गई थी।
  • जबकि वर्ष 2017 में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पोल्ट्री, मटन, अंडे और दूध में एंटी बायोटिक दवाओं, पशु चिकित्सा की दवाओं और पशुचारे में मिलाई जाने वाली दवाओं की सीमा निर्धारित करने के बारे में अधिसूचना जारी की गई थी। पर उसका कितना पालन किया जा रहा है इसकी कोई जानकारी नहीं है।

:: विविध ::

सीआईएसएफ को एनसीआरबी ट्रॉफी

  • केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को एनसीआरबी ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार सीआईएसएफ को उसकी ओर से विकसित की गई ऐप ‘ट्रेनिंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के लिए दिया गया है।
  • ‘ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह ट्रॉफी प्रदान की। वर्ष 2018 के आईटी प्रोजेक्ट में ट्रेनिंग मैनेजमेंट ऐप को ‘सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पुलिस को सशक्त बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ पाया है। यह सॉफ्टवेयर आंतरिक विभागीय प्रशिक्षण को डिजिटल प्लेटफार्म पर लेकर आया है। इसमें प्रशिक्षण से संबंधित सारी जानकारियां हैं। साथ ही रिक्त स्थानों पर आवंटन से लेकर प्रशिक्षण कोर्स भी इस सॉफ्टवेयर में है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख यूकिया अमानो का हुआ निधन

  • अंतराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख यूकिया अमानो का निधन हो गया है। 72 वर्षीय अमानो 2009 से संयुक्त राष्ट्र (UN) की इस परमाणु निगरानी एजेंसी के महानिदेशक थे।
  • जुलाई, 2009 में उन्हें एजेंसी का महानिदेशक चुना गया था। उनका तीसरा कार्यकाल नवंबर, 2021 में खत्म होना था। निरस्त्रीकरण और परमाणु संबंधित कई मुद्दों के विशेषज्ञ अमानो ने ईरान के साथ परमाणु समझौते में भी अहम भूमिका निभाई थी।

स्नेर ने जीता बार जीता हाल ऑफ फेम का खिताब

  • अमेरिका के जान इस्नेर ने चौथा एटीपी ग्रासकोर्ट खिताब जीत लिया। 34 वर्षीय इस्नेर ने हाल ऑफ फेम के फाइनल में अलेक्जेंडर बबलिक को 7-6, 6-3 से पराजित कर करिअर की 16वीं ट्रॉफी जीती। इस्नेर इससे पहले 2011, 2012 और 2017 में यह खिताब जीत चुके हैं। कजाखस्तान के 22 वर्षीय बबलिक का यह पहला एटीपी फाइनल था

टेबल टेनिस : हरमीत और अहिका ने जीता गोल्ड, भारत के नाम 15 पदक

  • हरमीत देसाई और अहिका मुखर्जी ने सोमवार को 21वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में पुरुष और महिला एकल खिताब जीत लिए। भारत टूर्नामेंट में सात स्वर्ण पदक जीतकर क्लीन स्वीप करने में सफल रहा।
  • राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस: साथियान-अर्चना ने मिश्रित युगल में जीता गोल्ड

नेटबॉल: न्यूजीलैंड की महिला टीम ने 16 साल बाद वर्ल्ड कप का खिताब जीता

  • न्यूजीलैंड की महिला टीम ने नेटबॉल वर्ल्ड कप में जबरदस्त जीत हासिल कर ली है। टीम ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 52-51 के नजदीकी अंतर से हराते हुए 2003 के बाद पहली बार नेटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। ग्रुप स्टेज में भी न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला हुआ था, जिसमें न्यूजीलैंड की टीम हार गई थी।

बोपन्ना और अंकिता रैना देश के नंबर एक युगल खिलाड़ी

  • रोहन बोपन्ना एटीपी की सोमवार को जारी ताजा विश्व रैंकिंग में तीन पायदान आगे बढ़ने में सफल रहे हैं जिससे वह फिर से भारत के नंबर एक युगल खिलाड़ी बन गये।
  • महिलाओं की डब्ल्यूटीए एकल रैंकिंग में अंकिता रैना अब भी भारतीयों में शीर्ष पर है लेकिन ओवरऑल रैंकिंग में वह 19 पायदान नीचे 191वें स्थान पर फिसल गयी हैं।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • हाल ही में किस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस का सफल ट्रायल किया गया? (दिल्ली से कटरा)
  • जापान में उच्च सदन के चुनाव में शिंजो एबी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सफलता हासिल की। शिंजो एबी जापान के किस राजनैतिक दल से संबंधित हैं? (लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी)
  • मानवाधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक 2019 के अनुसार मानवाधिकार आयोग में सदस्यों की कुल संख्या क्या होगी एवं इन सदस्यों की पदावधि क्या होगी? (3 सदस्य, कार्यकाल 3 वर्ष)
  • सूचना का अधिकार संशोधन विधेयक 2019 के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का वेतन क्रमशः किनके समान होगा? (मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के समान)
  • आपातकाल के समय से अब तक भारत के किन दो राज्यों में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं था? (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड)
  • दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2018 उत्तर प्रदेश की दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की कौन सी धारा में संशोधन का प्रस्ताव करती है? (धारा 438)
  • वर्चुअल करेंसी से जुड़े मुद्दों के अध्ययन हेतु किसकी अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था? (सुभाष चंद्र गर्ग)
  • सूर्य के परिमंडल के अध्ययन हेतु भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो के द्वारा कौन-सा मिशन प्रस्तावित है? (आदित्य एल-1)
  • पशु पालन केंद्रों में सर्वाधिक एंटीबायोटिक उपयोग करने संदर्भ में भारत का विश्व में कौन सा स्थान है? (चौथा)
  • किस संगठन को एनसीआरबी ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है? (केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआईएसएफ)
  • हाल ही में यूकिया अमानो का निधन हो गया है वह किस अंतरराष्ट्रीय संगठन से संबंधित थे? (अंतराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी -IAEA)
  • हाल ही में कौन से खिलाड़ी ने हाल आफ फेम का खिताब जीता? (जान इस्नेर-अमेरिका)
  • 21वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में पुरुषों का एकल खिताब किस खिलाड़ी ने जीता? (हरमीत देसाई)
  • 21वीं राष्ट्रमंडल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में महिलाओं का एकल खिताब किस खिलाड़ी ने जीता? (अहिका मुखर्जी)
  • हाल ही में किस देश की महिला टीम ने नेटबॉल वर्ल्ड कप जीता? (न्यूजीलैंड)
  • हाल ही में एटीपी के द्वारा जारी की गई वैश्विक रैंकिंग के अनुसार कौन भारत का नंबर वन युगल खिलाड़ी है? (रोहन बोपन्ना)
  • महिलाओं की डब्ल्यूटीए एकल रैंकिंग के अनुसार भारत की नंबर एक युगल खिलाड़ी कौन है? (अंकिता रैना)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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