(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (21 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम

  • राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार निजी अस्पतालों में भी मरीजों को निशुल्क व जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की तर्ज पर इस योजना पर अमल के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रहा है।
  • देश में करीब साढ़े चार करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी से पीड़ित हैं। इसके अलावा करीब एक करोड़ 20 लाख लोग हेपेटाइटिस सी से पीड़ित होते हैं। ज्यादातर लोगों में इस बीमारी का पता तब चलता है जब वह गंभीर स्थिति में पहुंच चुकी होती है। हेपेटाइटिस की वजह से लिवर सिरोसिस व कैंसर होने का खतरा रहता है। हालांकि हेपेटाइटिस सी के इलाज के लिए सस्ती व कारगर दवाएं उपलब्ध हो गई हैं।
  • फिलहाल ऐसी कोई दवा उपलब्ध नहीं है जिससे हेपेटाइटिस बी को पूरी तरह खत्म किया जा सके, लेकिन उपलब्ध दवाओं से इस वायरस को प्रभावहीन किया जा सकता है। इससे मरीज सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं। विकास शील ने कहा कि काफी संख्या में लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराते हैं।

पृष्ठभूमि

वर्ष 2017 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत सरकारी अस्पतालों में हेपेटाइटिस सी की जांच व दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित कई राज्यों में मरीजों को इसका फायदा भी मिल रहा है। जल्द सभी राज्यों के जिला अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इसका मकसद वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस सी को मिटाना है। इसी क्रम में सरकार हेपेटाइटिस बी की दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराएगी।

'नल से जल' कार्यक्रम

  • हर घर तक नल से जल पहुंचाने के इरादे से अगस्त से शुरु होने वाले मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' का आधा खर्च राज्यों को उठाना पड़ेगा। इस मिशन को कामयाब बनाने के लिए राज्यों को अगले पांच साल में अपने खजाने से भारी भरकम 1,80,000 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
  • 'जल जीवन मिशन' केंद्र प्रायोजित योजना होगी। इसे अगस्त 2019 से 2024 तक चलाने का प्रस्ताव है। इस योजना पर जो भी खर्च आएगा उसे केंद्र और राज्य 50:50 के अनुपात में वहन करेंगे। इसका मतलब यह है कि इस योजना का आधा खर्च राज्यों को उठाना होगा।
  • पूर्वोत्तर के आठ राज्यों और हिमालयी राज्यों (उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश) के लिए खर्च का अनुपात केंद्र और राज्यों के बीच 90:10 रहेगा। इसी तरह केंद्र शासित क्षेत्रों इस योजना के क्रियान्वयन पर आने वाले शत-प्रतिशत खर्च को केंद्र सरकार वहन करेगी।
  • योजना के तहत यह सुनिश्चत किया जाएगा कि सभी ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जाए। जल्द ही कैबिनेट इस योजना के मसौदे को अंतिम रूप देगी। सूत्रों ने कहा कि 'जल जीवन मिशन' पर कुल 3,60,000 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है जिसमें से आधी राशि (1,80,000 करोड़ रुपये) राज्यों को खर्च करनी होगी।

पृष्ठभूमि

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच जुलाई को पेश आम बजट 2019-20 के बजट भाषण में नल से जल मुहैया कराने और केंद्र सरकार विभिन्न मौजूदा योजनाओं को मिलाकर 'जल जीवन मिशन' शुरु करने का ऐलान किया था। इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने 2019 के लोक सभा के अपने घोषणापत्र में 'जल जीवन मिशन' शुरु कर हर घर को 2024 तक नल से जल उपलब्ध कराने का वादा किया था।

पार्टी ने नया जल शक्ति मंत्रालय बनाने का वादा भी किया था। इसके बाद सरकार ने तत्कालीन पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग और जल संसाधन मंत्रालय को मिलाकर जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया। साथ ही एक जुलाई से जल शक्ति मिशन की शुरुआत की। यह मिशन जल की कमी का सामना कर रहे 256 जिलों में चलाया जा रहा है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

ब्रिटेन- ईरान तनाव

  • खाड़ी में रोज बढ़ रहे तनाव के बीच कभी अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ जा रहे हैं तो कभी ईरान और ब्रिटेन के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार को घोषणा की कि उन्होंने 'अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों' को तोड़ने के लिए होर्मुज़ के स्ट्रेट (Strait of Homaruz) में एक ब्रिटिश टैंकर को जब्त कर लिया है।
  • ब्रिटेन की ओर से ईरान के इस दावे की पुष्टि की गई है, साथ ही ब्रिटेन ने ईरान को उनके तेल के टैंकर को न छोड़ने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, टैंकर होर्मुज़ पोर्ट और समुद्री संगठन के अनुरोध पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा जब्त किया गया, जब वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का सम्मान न करते हुए वह स्ट्रेट से गुजर रहा था।'

पृष्ठभूमि

इससे कुछ दिनों पहले ब्रिटिश नौसेना और जिब्राल्टर के अधिकारियों ने सीरिया जा रहे एक बड़े तेल टैंकर को पकड़ा था। इस मालवाहक पोत को यूरोपीय यूनियन (ईयू) के प्रतिबंधों की अवहेलना के आरोप में पकड़ा गया है। ईयू ने 2011 से ही सीरिया पर पाबंदी लगा रखी है। जिसके बाद से ही दोनों देशों के बीच लगातार तनाव जारी है।

वियतनाम - चीनी तनाव

वियतनाम के हिस्से वाले दक्षिण चीन सागर में चीनी पोत घुसने से दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ गई है। वियतनामी विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीनी सर्वे पोत (एक तरह का रिसर्च पोत) हाइयांग डीजी 8 और उसके साथ चल रहे अन्य पोत वियतनाम के हिस्से वाले जलक्षेत्र में घुस गए थे।

इस घटना को लेकर वियतनाम ने चीन पर उसकी संप्रभुता के उल्लंघन का आरोप लगाया। साथ ही दक्षिण चीन सागर में मौजूद चीनी सर्वे पोत को हटाने की मांग की है।

चीन समूचे दक्षिण सागर पर अपना दावा करता है। इसके चलते वियतनाम के साथ ही फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया आदि देशों के साथ उसकी तनातनी चलती रहती है।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

उन्मादी भीड़ हिंसा के खिलाफ विधेयक

उन्मादी भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) के खिलाफ केंद्र सरकार संसद के इसी सत्र में विधेयक लाने जा रही है। एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को देश में बढ़ रही इस तरह की घटनाओं पर काबू पाने के लिए कानून लागू करने का निर्देश दिया था। सूत्रों के अनुसार, संसद के मौजूदा सत्र में ही केंद्र विधेयक पेश कर सकता है।

पृष्ठभूमि

  • सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अफवाह फैलने के बाद हिंसक उन्माद फैलने की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय से मसौदा तैयार करने को कहा था। मसौदा तैयार करने से पहले कानून मंत्रालय को सतर्कता पूर्वक सोशल मीडिया से घटनाओं के बढ़ने की जांच करने को कहा गया था। देश में सोशल मीडिया के कम से कम दो करोड़ यूजर हैं।
  • राज्य ने उन्मादी भीड़ हिंसा के खिलाफ कानून लागू करने की योजना की घोषणा की है। इस महीने के शुरू में उत्तर प्रदेश के विधि आयोग ने विधेयक का मसौदा पेश किया है जिसमें उन्मादी भीड़ हिंसा में शामिल लोगों के लिए उम्रकैद सहित कठोर दंड की सिफारिश की गई है।
  • कानून पुलिस को उन्मादी भीड़ हिंसा की घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई करने के लिए बाध्य करेगा। इसके साथ ही सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक सूचनाओं खास कर घृणा संदेश से भरे वीडियो का प्रसार रोकने के लिए पुलिस कठोर कार्रवाई कर सकेगी।

देशभर में NRC लागू करने की तैयारी

  • असम में जहां राष्‍ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी, NRC) को पूर्ण रूप से लागू करने की तैयारी अपने एडवांस स्‍टेज में है वहीं देश भर से अवैध प्रवासियों की पहचान कर बाहर निकालने की तैयारी में गृह मंत्रालय जुटा हुआ है।
  • 30 मई को FTs (Foreigners Tribunals)आदेश 1964 में संशोधन का एलान कर केंद्र सरकार ने एनआरसी से आगे की राह बना दी।
  • संशोधन के आदेश से सभी राज्‍यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अवैध तरीके से रह रहे प्रवासियों कर पहचान करने के लिए ट्रिब्‍यूनल के गठन को लेकर राज्‍य सरकारों के साथ-साथ डिस्‍ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट सशक्‍त हुए। अब तक केवल केंद्र के पास ही इस तरह के ट्रिब्‍यूनल के गठन करने का अधिकार था जो केवल असम में अर्धन्‍यायिक निकाय के तौर पर था।

पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट के अंतर्गत असम में एनआरसी की प्रक्रिया पर देश भर की नजरें टिकी हैं क्‍योंकि इसकी अंतिम सूची जारी होते ही कई लाख लोग राज्‍यविहीन हो जाएंगे। असम में पहली बार 1951 में एनआरसी का गठन हुआ। 25 मार्च 1971 के बाद बांग्‍लादेश से राज्‍य में आए प्रवासियों व भारतीय नागरिकों को अलग करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शों के अनुसार इसे अपडेट किया गया।

:: आर्थिक समाचार ::

रेटिंग एजेंसिया में सुधार की आवश्यकता

  • गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी आइएलएंडएफएस में वित्तीय गड़बड़ी की तपिश धीरे धीरे फैलती जा रही है। पहले इसने ऑडिट करने के नाम पर होने वाले घोटाले का पर्दाफाश किया। अब इस घोटाले ने देश की रेटिंग एजेंसियों की अव्यवस्था को बाहर ला दिया है।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आइएलएफएस) के ऑडिट पर जारी विशेष रिपोर्ट में जिस तरह से मूडीज, फिच, इंडिया रेटिंग्स जैसी बड़ी रेटिंग एजेंसियों की भूमिका सामने आई है, उससे केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। वित्तीय धोखाधड़ी की जांच करने वाली एजेंसी एसएफआइओ ने विभिन्न रेटिंग एजेंसियों के स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों की जांच भी शुरू कर दी है।
  • वित्त मंत्रालय ने भी इन गड़बड़ियों को बेहद गंभीरता से लिया है। आने वाले दिनों में सरकार व दूसरी वित्तीय नियामक एजेंसियों की तरफ से इस बारे में मौजूदा नियमों में बड़े संशोधन की तैयारी है।सरकार के सूत्र मान रहे हैं कि रेटिंग एजेंसियों के स्तर पर होने वाली जिस तरह की गड़बड़ी सामने आई है, अब उसमें सुधार के लिए कई स्तरों पर कदम उठाने होंगे। सिर्फ एसएफआइओ की जांच से ही बात नहीं बनेगी, बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) और भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) के स्तर पर व्यापक कदम उठाने होंगे। आरबीआइ वर्षो से रेटिंग एजेंसियों व वित्तीय संस्थानों के रिश्ते में पारदर्शिता लाने को लेकर ढुलमुल रवैये का प्रदर्शन करता रहा है। सेबी ने रेटिंग एजेंसियों की तरफ से दी जाने वाली सूचनाओं के सार्वजनिक करने के बारे में नंवबर, 2018 में नया नियम लागू किया है। लेकिन उसे और सख्त बनाने की जरूरत है।
  • वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाली वित्तीय नियामकों के प्रमुखों वाली एजेंसी वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की पिछली बैठक में रेटिंग एजेंसियों को लेकर मौजूदा कायदे-कानून को दुरुस्त बनाने पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई थी। उस बैठक में आरबीआइ गवर्नर और पेंशन फंड नियामक विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अध्यक्ष ने यह बताया था कि रेटिंग एजेंसियों के कामकाज को लेकर बाजार नियामक एजेंसी सेबी की तरफ से अभी और सख्त नियम बनाने की जरूरत है। इस पर सेबी की तरफ से बताया गया था कि सिर्फ रेटिंग एजेंसियों के स्तर पर कदम उठाने से काम नहीं चलेगा बल्कि वित्तीय कंपनियों के गवर्नेंस में सुधार लाने से ही असर होगा।

पृष्ठभूमि

  • पिछले एक हफ्ते के दौरान देश की रेटिंग एजेंसियों को लेकर कई चिंताजनक तथ्य आए हैं। पहले केयर लिमिटेड और फिर इकरा लिमिटेड ने अपने-अपने प्रमुखों को छुट्टी पर भेज दिया। बताया गया कि इनके खिलाफ सेबी में शिकायत की गई थी। इसके बाद ग्रंट थॉन्र्टन की तरफ से आइएलएंडएफएस की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट सामने आई है। इससे यह सामने आया है कि रेटिंग एजेंसियों के अधिकारियों को कंपनी की तरफ से ना सिर्फ अतिरिक्त वित्तीय लाभ दिया गया बल्कि उन्हें विदेश भ्रमण, फुटबॉल मैच देखने जैसी सुविधाएं देकर भी उनकी सेवा को प्रभावित किया गया। इस रिपोर्ट ने मूडीज, फिच और इंडिया रेटिंग के अधिकारियों के संलग्न होने की बात कही है। इन अधिकारियों की रिपोर्ट से ही आइएलएंडएफएस प्रबंधन अपनी वित्तीय स्थिति को सालों तक दबाए रहा।
  • रेटिंग एजेंसियों ने बढ़ा-चढ़ाकर आइएलएंडएफएस की विभिन्न वित्तीय उत्पादों को रेटिंग दी। इससे कंपनी को सस्ती दरों पर कर्ज भी मिला और इसमें हजारों करोड़ रुपये भी निवेश किए गए। अब यह साबित हो चुका है कि रेटिंग एजेंसियों द्वारा दी रिपोर्ट गलत थी। ग्रांट थॉन्र्टन की रिपोर्ट में पाया गया है कि आइएलएंडएफएस के वित्तीय आंकड़ों मे वर्ष 2008 से ही गड़बड़ी की जा रही थी। वर्ष 2015 के बाद से ही इसमें तरलता संकट आना शुरू हो गया था। कई बार रेटिंग एजेंसियों ने गड़बड़ी को पकड़ा, लेकिन रेटिंग में हर बार हेरफेर की। बाद में जब आइएलएंडएफएस प्रबंधन को बढ़िया रेटिंग मिलने में दिक्कत होने लगी तो उन्होंने इसे आम निवेशकों से छिपाने की भी कोशिश की।

पेमेंट बैंकों की चिंताजनक वित्तीय हालत

देश के वित्तीय ढांचे में एक के बाद एक चिंता के नए निशान दिखाई देने लगे हैं। अभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को लेकर उपजी चिंताएं खत्म भी नहीं हुई थीं कि सिर्फ भुगतान के उद्देश्य से स्थापित पेमेंट बैंकों को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। शनिवार को आदित्य बिड़ला समूह ने अपने पेमेंट बैंक को बंद करने का एलान किया। आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट बैंक ने अपने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि 26 जुलाई से पहले वे पेमेंट बैंक में पड़ी अपनी पूरी रकम का हस्तांतरण कर ले। हर ग्राहक के खाते की राशि उसे वापस मिल जाए, इसके लिए पर्याप्त वित्तीय उपाय कर लिए गए हैं।

कंपनी ने बताया है कि उसके कारोबार में हाल के दिनों में जिस तरह के बदलाव हुए हैं उसे देखते हुए अब आगे इसमें बने रहना संभव नहीं है।

कारण

  • वर्ष 2015 में पेमेंट बैंक का लाइसेंस देते हुए आरबीआइ व सरकार की तरफ से बताया गया कि इससे अभी तक बैंकिंग सेवा के दायरे से बाहर रहने वाले लोगों तक सेवा पहुंचाने का काम तेजी से होगा। लेकिन उसके बाद दो बड़े बदलाव हुए।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना को सरकारी बैंकों ने अपने स्तर पर इतनी तेजी से लागू किया कि वर्ष 2017 तक देश की 99.7 फीसद आबादी तो बैंक सेवा से जोड़ दिया गया।
  • नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देते हुए सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) शुरू किया, जिससे पेमेंट बैंकों की प्रासंगिकता और कम हो गई।
  • केवाईसी के नए नियमों ने भी पेमेंट बैंकों की चिंता बढ़ा दी। जिन दूरसंचार कंपनियों ने पेमेंट बैंक का लाइसेंस लिया था उन्हें पहले ऐसा लगा था कि चूंकि ग्राहकों का केवाईसी पहले हो चुका है, इसलिए इस मोर्चे पर उन्हें सहूलियत मिल जाएगी। लेकिन आरबीआइ ने साफ कर दिया कि हर ग्राहक के लिए केवाईसी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी होगी। इससे लागत काफी बढ़ गई।
  • कर्ज नहीं देने की बाध्यता से भी इनके पास कमाई का कोई अतिरिक्त जरिया नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ और पेमेंट बैंक अपना परिचालन बंद कर दें।

पृष्ठभूमि

  • वर्ष 2015 में पेमेंट बैंक का लाइसेंस देते हुए आरबीआइ व सरकार की तरफ से बताया गया कि इससे अभी तक बैंकिंग सेवा के दायरे से बाहर रहने वाले लोगों तक सेवा पहुंचाने का काम तेजी से होगा।
  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने अगस्त, 2015 में आदित्य बिड़ला समूह समेत देश के 11 बड़े कॉररपोरेट घरानों को पेमेंट बैंक खोलने की अनुमति दी थी। इसमें एयरटेल, पेटीएम, इंडिया पोस्ट, फिनो जैसी कंपनियां शामिल थीं। तकरीबन चार वर्षो बाद एयरटेल और पेटीएम के अलावा अन्य किसी भी पेमेंट बैंक की स्थिति सही नहीं है। कई बैंक तो अभी तक परिचालन भी सही तरीके से शुरू नहीं कर पाए हैं।
  • पेमेंट बैंकों को हर खाते में अधिकतम एक लाख रुपये रखने या हस्तांतरित करने का अधिकार होता है।
  • जानकारों का कहना है कि ग्राहकों की पहचान संबंधी (केवाईसी) कड़े नियम, जमा राशि जुटाने में बड़े बैंकों से मिल रही प्रतिस्पर्धा, बढ़ती लागत और आर्थिक मंदी की वजह से पेमेंट बैंक अभी तक ग्राहकों के भरोसे को जीतने में सफल नहीं रहे हैं।

:: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ::

'नाग' मिसाइल

तीसरी पीढ़ी की टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल 'नाग' का पोखरण फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण करने के साथ ही इसके सेना में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। रक्षा मंत्रालय ने कठोर परीक्षणों के बाद 'नाग' मिसाइलों को शामिल करने की जरूरत को स्वीकार्यता प्रदान की है।

'नाग' मिसाइल की विशेषता

  • यह मिसाइल सभी मौसम में दुश्मनों के पूरी तरह सुरक्षित युद्धक टैंकों को न्यूनतम 500 मीटर और अधिकतम चार किलोमीटर की दूरी से भेदने की क्षमता के साथ विकसित की गई है।
  • यह मिसाइल थर्मल इमेज के जरिये अचूक निशाना साधती है और दुश्मन के टैंक का पीछा करते हुए उसे तबाह कर देती है।
  • नाग मिसाइल वजन में इतनी हल्की है कि इसे आसानी से ले जाकर उपयोग में ला सकते हैं। इसे किसी ऊंची पहाड़ी पर या दूसरी किसी जगह पर मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल के जरिए ले जाना काफी आसान है। इसका कुल वजन मात्र 42 किलो है।
  • यह दिन और रात दोनों समय दुश्मन पर वार कर सकती है। इस मिसाइल को 10 साल तक बिना किसी रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

हाथी और मानव द्वंद पर शोध

  • छत्तीसगढ़ में हाथी और मानव द्वंद को लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून शोध करने जा रहा है। यह रिसर्च तीन साल तक चलेगी। यह दल शोध आधारित क्षमता विकास का कार्य भी करेगा। मानव हाथी द्वंद्व को लेकर अंतरराज्यीय पहल के लिए राज्य सरकार एमओयू करने जा रही है। इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
  • वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि तिमोर पिंगला अभयारण्य में हाथियों के पेयजल के लिए 16 एनीकट, 11 स्टॉप डैम और 475 हेक्टेयर में चारागाह विकास कार्य कराया गया है। छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद्व में आदिवासियों की जान जा रही है। इसे रोकने के लिए सरकार ने रिसर्च कराने का फैसला किया है।
  • वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों को जंगली हाथियों की सूचना देने के लिए आकाशवाणी केंद्र का उपयोग किया जा रहा है। दरअसल, प्रदेश के छह जिलों में जंगली हाथियों का आतंक है। इससे निपटने के लिए सरकार ने हाथी बचाव और पुनर्वास केंद्र सूरजपुर के रमकोला बीट में खोला है। इसमें समस्यामूलक हाथियों को पकड़कर सुधारने का काम किया जा रहा है। बावजूद इसके हाथियों से जनहानि भी हो रही है। जनहानि को देखते हुए सरकार ने मुआवजा राशि को चार लाख से बढ़ाकर छह लाख कर दिया है।
  • वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगली हाथियों के प्रति स्थानीय स्तर पर आक्रोश देखने को मिलता है। जिसके कारण हाथी भड़क जाते हैं और नुकसान करते हैं। शोध दल इन सभी पहलूओं पर चर्चा करेगा और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा।
  • हाथियों के आंतक को रोकने के लिए सरकार की ओर से चलित हाथी दस्ता बनाया गया है। जंगली हाथियों को रेडियो कॉलर पर सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जा रही है। कर्मचारियों की गश्त भी लगाई जा रही है। गांवों में नुक्कड़ नाटक, रैली और कार्यशाला के माध्यम से भी जागरूकता की जा रही है।

ओवरटूरिज्म

  • पिछले वर्ष ईस्टर संडे के दिन सवा लाख से ज्यादा पर्यटक वेनिस पहुंचे थे। जबकि वेनिस में स्थानीय लोगों की जनसंख्या ही 54 हजार है। इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों को बेहद परेशानी हुई थी। यह तो एक बानगी है। दुनिया के दर्जनों देश ऐसे हैं जो पर्यटकों की बढ़ती संख्या से परेशान हैं। यहां विदेशी पर्यटकों का विरोध हो रहा है।
  • सरकारें पर्यटन कम करने के लिए अलग-अलग तरह के टैक्स लगा रही हैं, स्थान विशेष पर समय और यात्रियों की संख्या सीमित कर रही हैं।
  • बढ़ते अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के कारण पिछले वर्ष ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में ओवरटूरिज्म शब्द को शामिल किया गया। यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि 2018 में 140 करोड़ अतंरराष्ट्रीय यात्राएं हुई हैं, जबकि पहले हमारा अनुमान था कि यह संख्या 2020 तक पहुंचेगी। ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष और टूरिज्म एडवाइजर रज्जी राय बताते हैं कि इटली, फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों में पर्यटकों की अधिकता हो गई है। इससे उस स्थान विशेष का इकोलॉजिकल सिस्टम गड़बड़ा जाता है।
  • ऐसे में सरकारों की कोशिश रहती है कि स्थानीय लोग प्रभावित न हों। रज्जी राय बताते हैं कि जैसे वेनिस में छोटी नाव चलती है, पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बाद वहां ये चलाना भी मुश्किल हो रहा है। पर्यटकों के द्वारा कचरा भी फैलाया जाता है। वे बताते हैं कि हमें समय-समय पर इस संबंध में चेतावनी और सलाह मिलती है। हम भी अपने एजेंट्स को कहते हैं कि वे पर्यटकों को ऐसे किसी स्थान पर जाने से रोकें। वहीं भारत की बात करें तो शिमला, नैनीताल में पीक सीजन में घंटा-डेढ़ घंटा तो शहर में प्रवेश करने में ही लग जाता है। मसूरी-नैनीताल में पर्यटकों की अधिक संख्या होने के बाद इन्हें सड़क किनारे सोते हुए भी देखा जा सकता है।
  • रोडवेंचरर संजीव शर्मा कहते हैं कि लद्दाख में पेंगॉग लेक के पास टूरिस्ट कैंप लगते थे। इन कैंपों के कारण मई से सितंबर तक एक छोटे-मोटे गांव जैसा दृश्य उभर जाता था, लेकिन इससे होने वाली गंदगी से लेक का पानी प्रदूषित होने लगा। अब प्रशासन ने सिर्फ पर्यटकों को जाने और देखने की ही अनुमति दी है। अब काेई कैंपिंग नहीं कर पाएगा। किसी एक विशेष पर्यटन स्थल पर भीड़ लगने से भी ओवरटूरिज्म की समस्या खड़ी हो रही है। जैसे इटली की बात करें तो 2010 से 2015 के बीच 60 फीसदी से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केवल चार क्षेत्र वेनेटो, लैजियो, टस्कनी, लॉमबार्डी पहुंचे। वेनिस वेनेटो में आता है।

तेजी से बढ़ा है टूरिज्म सेक्टर

  • वर्ष 2018 में दुनियाभर में सभी अन्य इकोनॉमिक सेक्टर के मुकाबले दूसरी सबसे ज्यादा ग्रोथ ट्रैवल एंड टूरिज्म सेक्टर से हुई है। वैश्विक जीडीपी को इस सेक्टर से 8.8 ट्रिलियन डॉलर मिले, जो 2017 में 8.3 ट्रिलियन डॉलर था।
  • सर्वाधिक बढ़ोतरी वाले मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी वैश्विक जीडीपी में 4 फीसदी रही जबकि ट्रैवल एंड टूरिज्म सेक्टर की हिस्सेदारी 3.9 फीसदी रही।

सबसे ज्यादा टूरिज्म यूरोप में

ट्रैवल एंड टूरिज्म सेक्टर की सर्वाधिक आर्थिक गतिविधियां यूरोपियन बाजार में देखने को मिलीं। 2018 में यहां 2.2 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन से संबंधित गतिविधियां हुईं।

कितने लोग विदेश घूमने-फिरने जाते हैं

2018 में अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट 2017 की तुलना में 6% ज्यादा बढ़े हैं। इसका कारण सस्ते हवाई टिकट, बढ़ती सैलरी है।

ओवरटूरिज्म की समस्या वाले शहर

  • इटली-वेनिस में सालाना करीब 3 करोड़ पर्यटक आ रहे हैं। दिनभर के लिए आने वाले पर्यटकों पर 3 यूरो लेवी लगाई गई है। यहां भी स्थानीय लोगों को किराया बढ़ने के कारण मकान छोड़ना पड़ रहा है।
  • स्पेन-बार्सीलोना में इंस्पेक्टर एयरबीएनबी और दूसरी रन होम रेंटल सेवाओं के डेटा की जांच कर रहे हैं। अवैध होटलों को बंद किया जा रहा है। शहर में रुकने वाले पर्यटकों पर टैक्स लगाया जा रहा है।
  • थाईलैंड--2000 में आई लियोनार्डो डीकैप्रियो की फिल्म द बीच में दिखाए जाने के बाद यहां का माया बे बीच काफी प्रसिद्ध हो गया। इस वर्ष यह अस्थायी तौर पर बंद हुआ। अब यहां पर्यटक कम किए जाएंगे।
  • आइसलैंड--2008 के वित्तीय संकट के बाद आइसलैंड टूरिज्म के कारण तेजी से उभरा था, लेकिन अब यह ओवरटूरिज्म से परेशान है। रेकयाविक शहर में ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाओं पर पर्यटकों के कारण भार आ गया है।
  • पेरू- पेरू में इंका सभ्यता के अवशेषों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां एक समय सीमा के हिसाब से टिकट दिए जा रहे हैं। साथ ही मुख्य साइट पर जाने के लिए लाइसेंस्ड गाइड होना जरूरी है।
  • नैनीताल-गर्मी में रोजाना अतिरिक्त 3-4 हजार कारों से घंटों जाम लगा। 2018 में हाउसफुल के बैनर भी लगे। अब सरकार ने पर्यटकों द्वारा कचरा करने पर होटलों से शुल्क लेने की तैयार की है।
  • शिमला-यहां रिस्ट्रेक्टेड रोड खोलने के बावजूद जाम की स्थिति रहती है। गर्मी के सीजन में पानी की समस्या हो जाती है। गर्मियों में फेज वाइस एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है।
  • ऊटी-गंदगी रोकने के लिए प्लास्टिक पर बैन है। पर्यटकों की गाड़ियों से ग्रीन सेस के रूप में पैसा लिया जाता है। प्रमुख स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के बोर्ड लगाए गए हैं।

ऐसे बढ़ते गए टूरिस्ट

वर्ष टूरिस्ट संख्या
1950 2.5 करोड़
1970 16.6 करोड़
1990 43.5 करोड़
2018 140 करोड़

सबसे ज्यादा कहां से गए

14.3 करोड़ विदेश यात्राएं कीं चीन के लोगों ने वर्ष 2017 में। यह दुनिया में सबसे ज्यादा है।

सबसे ज्यादा कहां गए

71.3 करोड़ पर्यटक यूरोप पहुंचे वर्ष 2018 में। इनमें से 9 करोड़ लोग फ्रांस पहुंचे।

स्रोत: वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट, नेशनल जियोग्रैफिक, डब्ल्यूटीटीसी, मैकिन्से, आइडियलिस्टा, रिसर्च और मीडिया रिपोर्ट्स।

:: विविध ::

पृथु गुप्ता बने भारत के 64वें ग्रैंडमास्टर

  • दिल्ली के पृथु गुप्ता पुर्तगाल लीग 2019 के पांचवें दौर में आईएम लेव यांकेलेविच को हराकर 2500 अंक की ईएलओ रेटिंग पार करने के बाद भारत के 64वें ग्रैंडमास्टर बन गए। पृथु ने नौ साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू किया था, उन्होंने यह उपलब्धि 15 साल चार महीने और 10 दिन में हासिल की। 31 वर्ष पहले विश्वनाथन आनंद भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने थे।

जस्टिस अरोड़ा

  • प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोड़ा को रेरा अपीलीय अधिकरण का चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) में निस्तारित मामलों से असंतुष्ट पक्ष रेरा अपीलीय अधिकरण के समक्ष अपील कर सकते हैं।

'कारगिल विजय दिवस' की 20वीं वर्षगांठ

  • भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में छिड़े 'कारगिल युद्ध' में भारतीय सशस्त्र बलों ने दुश्मनों के दांत खट्टे करते हुए उन्हें पराभूत किया था।युद्ध का समापन 27 जुलाई 1999 को हुआ था।भारतीय सैन्य बलों के इतिहास में शौर्य और पराक्रम की इस गाथा को 'ऑपरेशन विजय' और 27 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' के नाम से जाना जाता है।27 जुलाई 2019 को राष्ट्र 'कारगिल विजय दिवस' की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।

राज्यपाल के रूप में नियुक्ति/ बदलाव

(i) मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल का तबादला करके उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।
(ii) श्री जगदीप धनखड़ की पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।
(iii) श्री रमेश बैस की त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।
(iv) बिहार के राज्यपाल श्री लाल जी टंडन का तबादला करके मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।
(v) श्री फागु चौहान की बिहार के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।
(vi) श्री आर.एन. रवि की नगालैंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत किस वर्ष तक हेपेटाइटिस सी के उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है? (2030)
  • 'जल जीवन मिशन' योजना में राज्य और केंद्र की हिस्सेदारी क्या होगी? (50:50)
  • 'जल जीवन मिशन' योजना के अंतर्गत किस वर्ष तक सभी घरों को नल के द्वारा जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी? (2024)
  • हाल ही में किस कंपनी समूह के द्वारा अपने पेमेंट बैंक को बंद करने की घोषणा की गई है? (आदित्य बिड़ला समूह)
  • हाल ही में किस टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल को सेना में शामिल करने की स्वीकार्यता प्रदान की गई है? ('नाग')
  • हाथी और मानव द्वंद को लेकर कौन सी संस्था के द्वारा अनुसंधान किया जाएगा एवं यह अनुसंधान किस राज्य में क्रियान्वित होगा? (भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून-छत्तीसगढ़)
  • हाल ही में किस खिलाड़ी ने भारत के 64वें ग्रैंड मास्टर के रूप में उपलब्धि हासिल की है? (पृथु गुप्ता)
  • हाल ही में किसे रेरा अपीलीय अधिकरण का चेयरमैन नियुक्त किया गया है? (न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार अरोड़ा)
  • कारगिल विजय दिवस किस तिथि में मनाया जाता है? (27 जुलाई)
  • हाल ही में किसे उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है? (श्रीमती आनंदीबेन पटेल)
  • हाल ही में किसे पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है? (श्री जगदीप धनखड़)
  • हाल ही में किसे त्रिपुरा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है? (श्री रमेश बैस)
  • हाल ही में किसे मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है? (श्री लाल जी टंडन)
  • हाल ही में किसे बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है? (श्री फागु चौहान)
  • हाल ही में किसे नागालैंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है? (श्री आर.एन. रवि)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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