(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (06 और 07 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (06 और 07 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

बिहार में अपराध अंकेक्षण की अनूठी पहल

  • कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर बिहार पुलिस ने बड़ी पहल की है। ज्यादा अपराध प्रभावित जिलों में क्राइम ऑडिट के लिए विशेष टीम जाएगी। यह टीम जिले के पुलिस अनुमंडल और अंचल में वहां के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण के लिए विशेष उपाए सुझाएगी। टीम एक जिले में कम से कम चार दिनों तक कैंप करेगी। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक जिलों का क्राइम ऑडिट कराने वाला बिहार पहला राज्य है।
  • डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने क्राइम ऑडिट की रूपरेखा तैयार कर ली है। एडीजी या आईजी रैंक के अधिकारी विशेष टीम का नेतृत्व करेंगे। टीम में डीआईजी, एसपी, डीएसपी स्तर के अनुभवी अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा। टीम में 5 से लेकर 15 अधिकारी होंगे। दौरे के दौरान टीम जिले के सभी अनुमंडल और पुलिस अंचल का क्राइम ऑडिट करेगी।
  • विशेष टीम बनाने का मकसद शातिरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाना, लंबित वारंट व कुर्की जब्ती का निपटारा से लेकर आपराधिक घटनाओं का सही तरीके से अनुसंधान कराना है। इसके अलावा टीम में शामिल पुलिस अफसर जिस इलाके में जाएंगे वहां डीएसपी कार्यालय और थानों से संबंधित कामकाज की समीक्षा करेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे। यदि अपराध नियंत्रण में लापरवाही सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार पुलिस अफसरों और जवानों को चिन्हित कर कार्रवाई भी की जाएगी। विशेष टीम में सीआईडी के अफसर भी शामिल होंगे।
  • आदेश दिया है कि विशेष टीम जिस जिले में जाएगी वहां एक दिन जनता की समस्याएं भी सुनेगी। इसे ‘जनता दरबार में डीजी टीम’ नाम दिया गया है। इसमें स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लोगों से सुझाव भी मांगे जाएंगे। इस दौरान यदि कोई गंभीर मसला आता है तो टीम का प्रयास होगा कि उसका निपटारा तुरंत किया जाए। टीम में शामिल अफसर जिले के दौरे के दौरान चौकीदारों से भी बात करेंगे। चौकीदारों को अपराध नियंत्रण और शराबबंदी में उनकी भूमिका भी बताई जाएगी।
  • जिले का क्राइम ऑडिट करने के बाद जब विशेष टीम वापस मुख्यालय लौटेगी तो डीजीपी को रिपोर्ट करेगी। समीक्षा के क्रम में क्या पाया, इसकी पूरी जानकारी डीजीपी को दी जाएगी।

राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड

  • केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी प्रमुख खेल योजना ‘खेलो इंडिया को विस्तार देते हुए शुक्रवार को अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड (एनएसईबी) का गठन करने की घोषणा की, लेकिन खेलों के लिये अंतरिम आवंटन में की गयी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘सभी स्तरों पर खेलों को लोकप्रिय बनाने के लिये खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों के विकास के लिये राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड का गठन किया जाएगा।’ खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय के लिये फरवरी में पेश किये अंतरिम बजट में 214.2 करोड़ रुपये की वृद्धि की गयी थी।
  • खेलो इंडिया कार्यक्रम के लिये बजट 550.69 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान) से बढाकर 601 करोड़ रुपये कर दिया गया है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार की राशि पिछले बजट के संशोधित अनुमान में 316.93 करोड़ और 2017-18 में 299.27 करोड़ रुपये थी जो बढाकर 411 करोड़ रुपये कर दी गई है। राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता राशि कमोबेश जस की तस है।

लाल बहादुर शास्त्री की 178 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा

  • पीएम मोदी अपने संसदीय क्षेत्र में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जंयती के मौके पर बीजेपी के सदस्यता अभियान का शुभारंभ करने के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 178 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। पीएम मोदी यहां वृक्षारोपण अभियान की भी शुरूआत करेंगे।
  • पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्ती की प्रतिमा विख्यात मूर्तिकार राम सुतार ने निर्मित की है। उन्होने ही गुजरात में विश्व की सबसे ऊंची सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का निर्माण किया है। मोदी पंचकोशी मार्ग पर आनंद ककन नवग्रह वाटिका में पौधारोपण करेंगे। इस मौके पर करीब दस हजार छात्र वृक्षारोपण अभियान का हिस्सा बनेंगे।

यमुना फ्लड प्लेन में पानी के संचयन के प्रस्ताव को मंजूरी

  • दिल्ली को भविष्य में जल संकट से बचाने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार बारिश के पानी का संचय करेगी. मंगलवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट मीटिंग में यमुना फ्लड प्लेन में पानी के संचयन का काम शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने का दावा किया है.
  • कंसल्टेंट्स और आईआईटी की रिपोर्ट इस ओर संकेत करती हैं कि इस प्रोजेक्ट में बहुत व्यापक संभावनाएं हैं. यमुना का फ्लड प्लेन बहुत बड़ा है. इसमें बहुत पानी संचयन की क्षमता है. ऐसा करके दिल्ली का जल संकट दूर किया जा सकता है. इस बार हम छोटे स्केल पर शुरू करेंगे. इसकी स्टडी के आधार पर अगले साल इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा.
  • दिल्ली सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत पल्ला से लेकर वजीराबाद तक के स्ट्रेच के किनारों पर पानी का संचयन किया जाएगा. ये पूरी तरह इको फ्रेंडली होगा. इसमें कोई सीमेंट का स्ट्रक्चर नहीं होगा. इसमें छोटे-छोटे पॉन्ड्स बनाये जाएंगे. इन पॉन्ड्स में जब रेगलुर यमुना का फ्लो होगा, तब पानी नहीं पहुंचेगा. बारिश के दिनों में जब यमुना ओवर फ्लो करती है, तब ये ओवर फ्लो वाला पानी इन पॉन्ड्स में जाएगा. जब ये पानी यहां थोड़ी देर ठहरेगा, तब नीचे परकुलेट हो जाएगा. जब पानी यमुना में बहता है तो उसे नीचे परकुलेट होने का टाइम नहीं मिलता लेकिन जब उन पॉन्ड्स में पानी थोड़ी देर ठहरेगा तो नीचे परकुलेट होता जाएगा. इस बार हमें परकुलेशन का रेट पता चल जाएगा. ये पानी नीचे कितनी दूर तक जाएगा ये भी हमें पता चल जाएगा
  • इसके अलावा दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली सरकार की सभी बिल्डिंग्स के ऊपर रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए जाने का फैसला किया है. साथ ही सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि जिन बिल्डिंग्स पर पहले से ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर हैं, उनकी सफाई कर ऑपरेशनल किया जाए.

यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ गुलाबी शहर जयपुर

  • यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज की लिस्ट में भारत का एक और शहर शामिल हो गया है। राजस्थान की राजधानी जयपुर शहर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज घोषित कर दिया गया है। यह ऐलान यूनेस्को ने शनिवार को किया। बता दें कि राजस्थान में 37 वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स हैं। इनमें चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़, जैसलमेर, रणथंभोर, और गागरोन का किला शामिल हैं।
  • पिछले साल अगस्त में पिंक सिटी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित करने के लिए सरकारी की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था। आईसीओएमओएस (स्मारक और स्थल पर अंतरराष्ट्रीय परिषद) ने 2018 में शहर का निरीक्षण किया था। नामांकन के बाद बाकू में डब्ल्यूएचसी ने इस पर गौर किया और इसे यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल किया। राजस्थान में ऐतिहासिक शहर जयपुर की स्थापना सवाई जय सिंह द्वितीय के संरक्षण में हुई थी। यह सांस्कृतिक रूप से संपन्न राज्य राजस्थान की राजधानी है।
  • 2017 के ऑपरेशन गाइडलाइन के तहत एक राज्य से हर साल सिर्फ एक स्थान को ही वर्ल्ड हेरिटेज बनाने के लिए प्रस्तावित किया जा सकता है। यह दर्जा मिलने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से लोकल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और लोगों को रोजगार भी मिलता है। हस्तशिल्प और हस्तकरघा उद्योग की भी आमदनी को भी फायदा होता है।

करगिल की 20वीं वर्षगांठ, भारतीय सेना करेगी जीत के दृश्यों का प्रदर्शन

  • भारतीय सैनिक करगिल से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ कर वहां विजयी पताका फहराने की 20 वीं वर्षगांठ पर 'ऑपरेशन विजय' के जीत के दृश्यों को 26 जुलाई को फिर से प्रदर्शित करेंगे। बटालिक सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास रहने वाले लोगों ने कहा कि वे उस क्षण को फिर से जीना चाहते हैं, जब सैनिकों ने भीषण युद्ध के बाद तिरंगा फहराया था। बटालिक सेक्टर में ही कुछ बाशिंदों ने पाकिस्तानी सैनिकों को घुसपैठ करते मई 1999 में सबसे पहले देखा था।
  • 'ऑपरेशन विजय' की 20वीं वर्षगांठ 'रिमेम्बर, रिजॉइस ऐंड रिन्यू' की थीम के साथ मनाई जाएगी। तीन बटालियनों के सैनिक उन पर्वत चोटियों पर जाएंगे, जहां उनकी टुकड़ियों ने घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए कठिन परिस्थितियों में जंग लड़ी थी। सेना के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा, 'हम अपने शहीद नायकों के बलिदान को 'याद (रिमेम्बर) करेंगे'। हम करगिल में हमारी जीत का जश्न (रिजॉइस) मनाएंगे और हम तिरंगे के सम्मान की रक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराएंगे (रिन्यू)।' उन्होंने कहा कि 2 राजपूताना राइफल्स के सैनिक तोतोलिंग शिखर पर जाएंगे, 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स के जवान पॉइंट 4875 पर जाएंगे और 1/9 गोरखा राइफल खलुबर शिखर पर जाएंगे।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

ईरान-ब्रिटिश संबंधों में गतिरोध

  • यदि ब्रिटेन ने ईरानी तेल टैंकर नहीं छोड़ा तो उसके किसी पोत को जब्त कर लिया जाएगा। यह धमकी ईरान के विशेष बल रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहसिन रेजाई ने दी है। ईरान सरकार ने ब्रिटेन से जिब्राल्टर में पकड़े गए अपने तेल टैंकर को तुरंत छोड़ने की मांग भी करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका के कहने पर तेल टैंकर पकड़ा गया।
  • ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र वाले जिब्राल्टर द्वीप के पास गुरुवार को 330 मीटर लंबे ग्रेस-1 नाम के तेल टैंकर को यूरोपीय यूनियन (ईयू) के प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर कच्चा तेल सीरिया ले जाने के संदेह में पकड़ा गया था। ईरान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिटेन के राजदूत रॉब मैकेयर को तलब कर इस घटना पर विरोध दर्ज कराया गया है। उन्हें यह भी बताया गया कि ब्रिटेन का कदम अस्वीकार्य है और तेल टैंकर को तुरंत छोड़ा जाए। ईरानी तेल टैंकर को ऐसे समय पर पकड़ा गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।
  • जिब्राल्टर में पकड़े गए ईरानी तेल टैंकर के चालक दल के सदस्यों में ज्यादातर भारतीय हैं। इनके अलावा कुछ पाकिस्तानी और यूक्रेनी नागरिक हैं। जिब्राल्टर के प्रवक्ता के मुताबिक, तेल टैंकर के 28 सदस्यीय चालक दल से पूछताछ की जा रही है। उन्हें तेल टैंकर पर ही रखा गया है।

रूस की एस-400 मिसाइल

  • अमेरिका के विरोध के बावजूद रूस से पहली एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली अगले हफ्ते तुर्की पहुंच जाएगी। इस रक्षा प्रणाली को रूसी वायुसेना के एक ठिकाने पर रविवार को दो मालवाहक विमानों में लादा जाएगा। एस-400 की तैनाती के लिए रूस की विशेष टीम भी सोमवार तक तुर्की पहुंच जाएगी।
  • रूस से यह रक्षा प्रणाली खरीदने के फैसले के बाद तुर्की और अमेरिका के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। अमेरिका ने नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) सहयोगी तुर्की पर प्रतिबंध लगाने तक की धमकी दी है।
  • अमेरिका का कहना है कि एस-400 से उसके एफ-35 लड़ाकू विमानों की सुरक्षा खतरे में आ जाएगी। इसी वजह से अमेरिका ने तुर्की को एफ-35 विमान बनाने के समझौते से भी बाहर करने की धमकी दी है।

दोहा में होगी अफगान मुद्दे पर बैठक

  • अफगानिस्तान से जुड़े विरोधी धड़ों के बीच दोहा में रविवार को बैठक होगी जो कतर और जर्मनी की मध्यस्थता में नये दौरे की बातचीत होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका तीन महीने के अंदर तालिबान के साथ शांति समझौते की तलाश में है।
  • मॉस्को में इस तरह की पहली बैठक को सफल बताया गया था लेकिन महिला अधिकार, विदेशी सैन्य वापसी, अलकायदा और तालिबान के साथ सत्ता साझेदारी जैसे कई संवेदनशील मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
  • अफगानिस्तान मुद्दे के दो विशेषज्ञों ने बातचीत को लेकर अपनी आशाएं जाहिर कीं। यह बातचीत ऐसे समय होगी जब एक सप्ताह पहले दोहा में ही अमेरिका और तालिबान के बीच सीधी बातचीत हुई थी।

:: आर्थिक समाचार ::

वित्त मंत्री की आरबीआइ पूर्ण बोर्ड के साथ बैठक

  • देश के वित्तीय क्षेत्र को दिक्कतों को दूर करने की जितनी कोशिश सरकार को करनी थी वह आम बजट में की जा चुकी हैं। अब आगे की जिम्मेदारी आरबीआइ को संभालनी होगी। यही वजह है कि सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आरबीआइ के पूर्ण बोर्ड के साथ होने वाली बैठक को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • वैसे यह बैठक हर बजट के बाद करने की परंपरा है, लेकिन इस बार वित्त मंत्री ने नियमन अधिकार बढ़ाने से लेकर देश में मांग बढ़ाने तक के काम की जितनी जिम्मेदारी आरबीआइ को सौंपी है वह सरकार व केंद्रीय बैंक के बीच बढ़ रहे भरोसे का परिचायक है। यह भरोसा पूर्व के दो गवर्नरों (डॉ. रघुराम राजन और डॉ. उर्जित पटेल) के कार्यकाल में नहीं था।
  • सोमवार को आरबीआइ बोर्ड की बैठक में बजटीय प्रावधानों के साथ ही अर्थव्यवस्था से जुड़े दूसरे तमाम मुद्दों पर विस्तृत विमर्श होगा। इस बजट में वित्तीय क्षेत्र को लेकर सीधे तौर पर तीन ऐसी घोषणाएं हैं जिन्हें आरबीआइ को लागू करना है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि एनबीएफसी को लेकर आरबीआइ को ज्यादा अधिकार देने का प्रस्ताव। इसके बाद हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) की निगरानी की जिम्मेदारी आरबीआइ को सौंप दिया है।
  • तीसरा महत्वपूर्ण सुझाव है कि बैंकिंग सेक्टर में गवर्नेस को सशक्त बनाने संबंधी नियमों को बनाना। सरकार के निर्देश के बाद अब आरबीआइ को उक्त तीनों मामले में विस्तृत दिशानिर्देश लागू करना करना है। एनबीएफसी व एचएफसी संबंधी फैसले को आटोमोबाइल, हाउसिंग, उपभोक्ता सामान की मांग से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
  • जानकारों का कहना है कि आरबीआइ के तहत आने के बाद अब बैंक एनबीएफसी व एचएफसी को फंड मुहैया कराने में ज्यादा दरियादिली दिखाएंगे। इससे ये ज्यादा होम लोन, आटो लोन व अन्य कर्ज बांट सकेंगे।
  • वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों के लेकर भी कुछ नए नियम बनाने की जिम्मेदारी आरबीआइ को सौंप दी है। मसलन, एक ही बैंक खाते से दूसरे किसी भी बैंकों की सेवा हासिल करने संबंधी घोषणा को अमल में लाने की जिम्मेदारी भी आरबीआइ को ही निभानी होगी। इसके अलावा बैंकों में गवर्नेस के स्तर को बेहतर बनाने के लिए आरबीआइ को नए नियम बनाने हैं।
  • माना जा रहा है कि ये सारे मुद्दे सोमवार को वित्त मंत्री व आरबीआइ बोर्ड की बैठक में उठाया जाएगा। इस बैठक में ब्याज दरों के हालात पर भी चर्चा निश्चित तौर पर होगी। कई आर्थिक संस्थानों ने बजटीय प्रावधानों को देखते हुए अनुमान लगाया है कि इससे आरबीआइ के लिए ब्याज दरों में कटौती करना भी आसान होगा। कुछ एजेंसियों ने दिसंबर, 2019 तक रेपो रेट में 0.50 फीसद की कटौती का अनुमान लगाया है।
  • सनद रहे कि जब से नए गवर्नर शक्तिकांत दास के आने के बाद आरबीआइ ने अपनी तीनों मौद्रिक नीति समीक्षाओं में रेपो रेट में एक के बाद एक तीन कटौती (कुल 75 आधार अंक यानी 0.75 फीसद) की घोषणा की है। वित्त मंत्री ने जिस तरह से अगले पांच वर्षो तक 8 फीसद विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा है उसे देखते हुए घरेलू ब्याज दरों में और गिरावट की दरकार है।

आरबीआइ के भावी कदमों पर नजर

1. एनबीएफसी के नियंत्रण के लिए नियमों को सख्त बनाना
2. हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों पर नियमन के नियम तय करना
3. बैंकों में गवर्नेंस की सशक्त करने संबंधी नियम बनाना
4. एक ही बैंक खाते से दूसरे बैंकों की सेवा हासिल करने संबंधी नियम बनाना।

NPS: बजट में एनपीएस से जुड़े हुए ये बदलाव

  • बजट 2019 में नेशनल पेंशन स्कीम को बढ़ावा देने के लिए कुछ घोषणाएं की गई हैं। नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस से मैच्योरिटी के बाद अब 40 फीसदी के बजाय 60 फीसदी राशि निकाल सकते हैं। पिछले साल दिसंबर में कैबिनेट ने मैच्योरिटी के बाद 60 फीसदी एनपीएस निकासी टैक्स फ्री के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया था। जिसका मतलब है कि 60 वर्ष की आयु में कोई व्यक्ति जमा कोष में से 60 फीसदी राशि बिना किसी टैक्स के निकाल सकता है।
  • मौजूदा वक्त में एनपीएस इनकम टैक्स की विभिन्न धाराओं के तहत टैक्स छूट प्रदान करती है। इनकम टैक्स की धारा 80 सीसीडी (1), 80 सीसीडी (1बी) और 80 सीसीडी (2) के तहत टैक्स छूट मिलती है।
  • इसके साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारी अपनी तनख्वाह का 14 फीसदी हिस्सा एनपीएस में जमा कर सकेंगे। पहले कर्मचारी सिर्फ 10 फीसदी हिस्सा ही एनपीएस में स्टोर कर सकते थे।
  • इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए टायर-2 एनपीएस को भी इनकम टैक्स की धारा 80 सी में कवर किया जाएगा। जिसमें जीपीएफ, सीपीएफ, ईपीएफ और पीपीएफ को 3 साल के लॉक पीरियड के लिए रखा जाता है।
  • गौरतलब है कि बजट 2015 में सरकार ने एनपीएस निवेश को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त टैक्स लाभ की घोषणा की थी। ये टैक्स छूट इनकम टैक्स के विभिन्न नियमों के तहत दी गई थी। एक करदाता सेक्शन 80 सीसीडी 1(बी) के तहत एनपीएस अकाउंट के टीयर 1 में किए गए निवेश पर 50 हजार रुपए तक की अतिरिक्त छूट क्लेम कर सकता है। ये छूट 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स सेविंग लिमिट के ऊपर है।
  • जिसका मतलब है कि एक वित्त वर्ष में करदाता कुल 2 लाख रुपए तक की टैक्स छूट क्लेम कर सकता है। जिसमें 1.5 लाख रुपए की छूट सेक्शन 80 सीसीडी (1) और 50 हजार रुपए की छूट सेक्शन 80 सीसीडी (1बी) के तहत मिलती है।
  • 2 लाख रुपए के ऊपर किसी भी कर्मचारी द्वारा अपनी बेसिक सैलरी का 10 फीसदी और महंगाई भत्ता भी छूट के लिए सेक्शन 80 सीसीडी (2) के तहत क्लेम किया जा सकता है। पिछले साल दिसंबर में सरकार ने वादा किया था कि एनपीएस से निकासी को और ज्यादा टैक्स फ्रेंडली किया जाएगा। सरकार के नए नियम के बाद कोई व्यक्ति जिसकी उम्र 60 साल को बिना किसी टैक्स भुगतान के कोष से 60 फीसदी राशि निकाल सकता है।

बिजली की नई टैरिफ नीति

  • आम बजट में कुछ अहम सुधारों की घोषणा के बाद सरकार की नजर बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने की है। इसमें सबसे पहले नई टैरिफ नीति का कैबिनेट नोट सभी संबंधी मंत्रालयों को भेज दिया गया है, जिस पर अगले एक पखवाड़े के भीतर फैसला होने की उम्मीद है। नई टैरिफ नीति से देशभर में ग्राहकों को चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
  • बिजली आपूर्ति बाधित होने पर ग्राहकों को उसका हर्जाना दिलाने की व्यवस्था भी इसमें होगी। इसके अलावा बिजली चोरी नहीं रोक पाने वाली बिजली वितरण कंपनियों पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था भी इसमें है। हर गांव और हर घर को बिजली से जोड़ने के बाद नई टैरिफ नीति को बिजली क्षेत्र में सुधार का सबसे अहम कदम माना जा रहा है।
  • बिजली मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक नई शुल्क नीति देश में बिजली सब्सिडी देने की व्यवस्था को भी देखेगी। इसमें यह सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है कि अब जो भी बिजली सब्सिडी दी जाए वह ग्राहक को सिर्फ सीधे बैंक खाते में डालने की डीबीटी योजना के तहत दी जाएगी। इसके लिए राज्यों को एक वर्ष के भीतर बिजली से सिंचाई करने वाले किसानों का रिकॉर्ड और बैंक अकाउंट्स का विवरण तैयार करना होगा, ताकि अगले वित्त वर्ष से सीधे उनके खाते में ही बिजली सब्सिडी जाए।
  • नई टैरिफ नीति के तहत अगले तीन वर्षो में देश के हर घर में बिजली कनेक्शन, ग्राहक के घर में स्मार्ट मीटर लगाने का रास्ता भी साफ होगा। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकारें अपने स्तर पर कोशिश करेंगी। मसलन ग्राहकों को बेहद आसान किस्तों पर स्मार्ट मीटर दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत बिजली वितरण कंपनियों को हर कीमत पर ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन (टीएंडडी) हानि को घटाकर 15 फीसद पर लाना होगा। ऐसे में बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को काफी प्रयास करने होंगे क्योंकि इन दोनो राज्यों में टीएंडडी से होने वाली हानि का स्तर काफी ज्यादा है।
  • जिन राज्यों में बिजली की हानि 15 फीसद से ज्यादा है वहां की वितरण कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ सकता है क्योंकि नए कानून में उनके लिए बिजली की लागत तय करने में सिर्फ उतनी ही बिजली को जोड़ने की अनुमति होगी जितनी आपूर्ति की गई है।
  • अभी टीएंडडी से होने वाली हानि को भी बिजली की पूरी कीमत तय करने में जोड़ा जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि जो लोग बिजली की चोरी करते हैं उसका भार उन ग्राहकों पर पड़ता है जो बिजली की बिल की अदाएगी करते हैं। नया नियम बिजली वितरण कंपनियों पर ही जुर्माना लगाएगा।

अब टैक्स फ्री नहीं रहेगा NRI को मिलने वाला गिफ्ट

  • विदेशों में रहने वाले अनिवासी भारतीय (एनआरआइ) अब अपने रिश्तेदारों से टैक्स फ्री गिफ्ट नहीं ले सकेंगे। अगर वे 50,000 रुपये से अधिक की नकदी या कोई वस्तु भारत में बसे अपने रिश्तेदार से प्राप्त करते हैं, उस पर उन्हें टैक्स देना पड़ेगा। सरकार ने एनआरआइ को मिलने वाले गिफ्ट पर टैक्स वसूलने के लिए वित्त विधेयक 2019 के जरिये आयकर कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया है।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में वित्त विधेयक 2019 पेश किया। इन संशोधन प्रस्तावों के कानून का रूप लेने पर अनिवासी भारतीयों के लिए टैक्स दिए बगैर उपहार पाना मुश्किल हो जाएगा।
  • आयकर कानून की धारा-नौ के तहत अगर किसी अनिवासी को भारत में कोई आय होती है तो उस पर उसे टैक्स देना होता है। मौजूदा प्रावधानों के तहत आयकर कानून की धारा-56 की उपधारा-दो के क्लॉज एक्स के तहत कुछ निश्चित छूटों के अलावा गिफ्ट प्राप्त करने वाले व्यक्ति को उस पर टैक्स देना होता है।
  • वित्त मंत्रालय के संज्ञान में यह बात आई है कि भारत में रहने वाले लोग बाहर रह रहे रिश्तेदारों को उपहार के रूप में बड़ी राशि या संपत्ति दे रहे हैं। उपहार के रूप में मिलने के कारण अनिवासी दावा करते हैं कि इसे उनकी आय नहीं माना जा सकता, इसलिए उन पर टैक्स नहीं लगता। इस तरह के मामलों में भी टैक्स वसूली सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आयकर कानून में जरूरी संशोधन का प्रस्ताव किया है। प्रस्तावित संशोधन पास होने की स्थिति में इसे पांच जुलाई, 2019 से ही लागू माना जाएगा।

:: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ::

वैज्ञानिकों ने की FMD पशु संक्रमण के आनुवांशिक कारणों की खोज

  • खुरपका व मुंहपका रोग पशुओं में होने वाला संक्रामक विषाणुजनित रोग है। भारतीय वैज्ञानिकों ने इस रोग विषाणु के फैलने के लिए जिम्मेदार आनुवांशिक और पारिस्थितिकी कारकों का पता लगाने में सफलता पाई है।
  • नैनीताल-स्थित खुरपका मुंहपका रोग निदेशालय के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किये गए शोध में एक डेयरी फ़ार्म पर मवेशियों और भैंसों में प्राकृतिक रूप से होने वाले लगातार संक्रमण फैलाने वाले एफएमडीवी सीरोटाइप ओ/एमई-एसए/इंड2001डी नामक उप-वंशावली के विषाणु के आनुवंशिक और प्रतिजनी विविधताओं के विश्लेषण किए गए ।
  • मुंहपका खुरपका रोग विषाणु के सात सीरोटाइप होने के कारण इसके विरुद्ध कोई एक टीका बनाना कठिन है। कई बार पारम्परिक टीकों का असर भी नहीं होता है। इन टीकों में जीवंत विषाणु होते हैं और कई बार टीका लगाने से भी बीमारी फैल जाती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह विषाणु पशुओं की लसिका ग्रंथियों और अस्थिमज्जा में भी जीवित रह जाता है, इसलिए इसको जड़ से समाप्त करना मुश्किल होता है।
  • पीड़ित पशुओं के लक्षणों में उनको तेज बुखार होना, मुंह से लार निकलना, मुंह व खुरों में छाले पड़ना, लंगड़ाकर चलना शामिल हैं। इसके अलावा पशुओं की कार्यक्षमता क्षीण हो जाती है। इस रोग का समय से इलाज न मिलने पर पशुओं की मौत भी हो जाती है।
  • शोध में यह पाया गया है कि मवेशियों और भैंस में मिले विषाणुओं के आरएनए में कोई अंतर नहीं था। लेकिन मवेशियों में इनकी मात्रा अधिक थी, जबकि भैंस में ये काफी देर तक रहते पाए गए। रोगवाहक पशु के अंदर पाए जाने वाले वाहक विषाणुओं की आनुवांशिक और प्रतिजैनिक संरचनाओं में भी परिवर्तन देखा गया। विषाणु की आनुवांशिक और प्रतिजन संरचनाओं में परिवर्तन का प्रभाव संभावित रूप से संक्रमित मवेशियों और भैंसों के बीमार होने पर पड़ता है।
  • " पीड़ित पशुओं के लक्षणों में उनको तेज बुखार होना, मुंह से लार निकलना, मुंह व खुरों में छाले पड़ना, लंगड़ाकर चलना शामिल हैं। इसके अलावा पशुओं की कार्यक्षमता क्षीण हो जाती है। इस रोग का समय से इलाज न मिलने पर पशुओं की मौत भी हो जाती है।"
  • पशुओं में यह रोग अलग अलग तरीके से फैल सकता है क्यों कि खुरपका मुंहपका विषाणु इनमे फैलने के लिए अलग-अलग मार्गों का अनुसरण करता है । अध्ययन में अतिसंवेदनशील मवेशियों और भैंसों में इस विषाणु के लगातार संक्रमण फैलाने वाले विषाणवीय और वाहक कारकों की भूमिका आरएनए संरचना में देखे गए बदलावों के माध्यम से स्पष्ट हुई है।
  • खुरपका मुंहपका रोग निदेशालय के शोधकर्ता डॉ. सर्वानन सुब्रमण्यम ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “इस रोग पर सफलतापूर्वक नियंत्रण के लिए संक्रमित पशु, वैक्सीन लगे पशु और रोगवाहक पशु में भेद करना बड़ी चुनौती है। पशु को जब इसका टीका लगाया जाता है, तो वायरस प्रोटीन तुरंत ही सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरु कर देते हैं। पहली बार इस अध्ययन में वायरस के आनुवांशिक पदार्थ आरएनए में हुए उत्परिवर्ती और प्रतिजनी बदलावों के आधार पर संक्रमित और संक्रमणवाहक पशुओं में वायरस के पारिस्थितिकीय विकास का अध्ययन किया गया है।”
  • डॉ सर्वानन ने बताया कि “इस अध्ययन से पता चला है कि पचास प्रतिशत से अधिक संक्रमित पशु स्थायी संक्रमण वाहक बन जाते हैं। अभी तक नए स्वस्थ पशुओं में रोग पैदा करने के लिए संक्रमण वाहकों की भूमिका स्पष्ट रूप से समझ में नहीं आई थी। इस अध्ययन से वाहक अवस्था के दौरान विषाणु में वाहक के अंदर और पशुओं के झुंड के भीतर उसमें होने वाले विकास को समझने में सहायता मिली है।”

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

चेनाप घाटी

  • चमोली जिले में समुद्रतल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर सोना शिखर के पास स्थित चेनाप घाटी गूगल पर तो है, लेकिन उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में नहीं। जबकि, यह घाटी भी विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी से किसी भी मायने में कमतर नहीं है। खास बात यह कि बंगाल के ट्रैकर यहां बहुतायत में पहुंचते हैं, लेकिन उत्तराखंड के लोगों को ठीक से इसके बारे में जानकारी तक नहीं है। इससे भी बड़ी विडंबना देखिए कि पर्यटन विभाग ने दो वर्ष पूर्व इसे 'ट्रैक ऑफ द इयर' घोषित करने को जो कार्ययोजना भेजी थी, उसे भी आज तक मंजूरी नहीं मिली।
  • चेनाप घाटी पहुंचने के लिए बदरीनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव जोशीमठ से चाई गांव तक 10 किमी की दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती है। यहां से आगे 18 किमी का सफर थैंग गांव से होते हुए पैदल होता है। घाटी में पहुंचते ही पांच वर्ग किमी क्षेत्र में फैले मखमली बुग्यालों (घास के मैदान) के बीच खिले रंग-बिरंगे फूल पर्यटकों को सम्मोहित कर देते हैं। अभी तक चेनाप घाटी में 315 प्रजाति के फूल चिह्नित किए जा चुके हैं। जून से लेकर अक्टूबर तक पूरी घाटी बहुरंगी फूलों का गुलदस्ता-सी नजर आती है।
  • घाटी का सबसे बड़ा आकर्षण हैं, यहां प्राकृतिक रूप से बनी मेड़ और क्यारियां। ऐसा प्रतीत होता है, मानो किसी कुशल काश्तकार ने फूलों को करीने से सजाया है। खासकर एक-एक किमी लंबी देव पुष्प ब्रह्मकमल की क्यारियां तो अद्भुत सम्मोहन बिखेरती हैं। जिन्हें 'फुलाना' नाम दिया गया है।
  • चेनाप घाटी में मेलारी टॉप से हिमालय की दर्जनों गगनचुंबी चोटियों का भी दीदार होता है। इसके अलावा यह घाटी अपनी अनूठी जैव विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। भांति-भांति के हिमालयी वन्य जीव, परिंदे, तितलियां और औषधीय जड़ी-बूटियां चेनाप घाटी को समृद्धि प्रदान करते हैं।

:: विविध ::

'सैनफरमीन फेस्टिवल

  • स्पेन के पैम्पलोना शहर में होने वाले सालाना 'सैनफरमीन फेस्टिवल' का प्रारंभ हो गया है। स्पेन में यूं तो कई पर्व मनाए जाते हैं, लेकिन 'बुल रन’एक खास आकर्षण का केंद्र होता है। इस फेस्टिवल को प्रचलित करने का श्रेय साहित्यकार अर्नेस्ट हेमिंगवे को जाता है।
  • स्पेन का 'बुल रन' फेस्टिवल, सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इस पर्व में विदेशी सैलानियों का भी जमावड़ा लगता है।

CBI के अतिरिक्त निदेशक पद से हटाए गए नागेश्वर राव

  • एम नागेश्वर राव को CBI के अतिरिक्त निदेशक पद से हटाकर डीजी फायर सर्विस, नागरिक रक्षा और होम गार्ड नियुक्त किया गया है। पहले यह पद सीबीआइ के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा को दिया गया था लेकिन उन्होंने चार्ज संभालने से इनकार करते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।

मुस्लिम देश ट्यूनीसिया में नकाब पर लगा प्रतिबंध

  • अफ्रीका के मुस्लिम देश ट्यूनीसिया ने शुक्रवार को महिलाओं के चेहरे को ढंकने वाले नकाब के पहनने पर रोक लगा दी। यह कदम कदम आतंकी हमलों से सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है।

लेखक मणिशंकर मुखर्जी कोलकाता के नये शेरिफ

  • कलकत्ता उच्च न्यायालय की सिफारिश पर लेखक मणिशंकर मुखर्जी को शहर का नया शेरिफ नियुक्त किया गया है। कोलकाता की प्रमुख हस्तियों में से एक को एक वर्ष के लिए यह राजनीतिक उपाधि दी जाती है। जेम्स मैक राबी को 1775 में कलकत्ता का पहला शेरिफ नियुक्त किया गया था।

रोहित शर्मा ने वर्ल्ड कप 2019 में रचा इतिहास, बना दिया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

  • भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ वर्ल्ड कप 2019 (World Cup 2019) में अपना पांचवां शतक लगाया। इसके साथ ही वो विश्व कप इतिहास में किसी भी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। रोहित ने श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज कुमार संगकारा का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ये उपलब्धि अपने नाम किया है।

बुमराह वनडे में सबसे तेजी से 100 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने

  • जसप्रीत बुमराह वनडे क्रिकेट में दूसरे सबसे तेज 100 विकेट चटकाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज बुमराह ने 57 पारियों में 100 विकेट पूरे किए। उनसे पहले ये कारनामा मोहम्मद शमी ने किया था। शमी ने मात्र 56 पारियों में 100 विकेट चटकाए थे।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • किस राज्य में अपराध अंकेक्षण की अनूठी पहल की शुरुआत की गई है? (बिहार)
  • किस स्थान पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 178 फिट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया है? (वाराणसी- प्रधान प्रधानमंत्री द्वारा अनावरण)
  • हाल ही में किस भारतीय शहर को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है? (जयपुर)
  • ‘ऑपरेशन विजय’/ कारगिल की 20 वीं वर्षगांठ को किस थीम के साथ मनाया जा रहा है? ('रिमेम्बर, रिजॉइस ऐंड रिन्यू')
  • किस देश के द्वारा रूस से खरीदी हुई पहले s-400 मिसाइल प्रणाली की तैनाती की जाएगी? (तुर्की)
  • कतर और जर्मनी की मध्यस्थता में अमेरिका और तालिबान के मध्य शांति समझौते हेतु प्रस्तावित वार्ता कहां आयोजित की जाएगी? (दोहा)
  • बजट 2019-20 में खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों के विकास के लिये कौन से नए कार्यक्रम/ पहल की शुरुआत की गई है? राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड (एनएसईबी)
  • विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी के समान विशेषता वाली चेनाप घाटी किस राज्य में स्थित है? (चमोली-उत्तराखंड)
  • किस देश में विश्व प्रसिद्ध ‘सैनफरमीन फेस्टिवल’ फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है? (स्पेन)
  • हाल ही में किसको CBI के अतिरिक्त निदेशक पद से हटा दिया गया है? (एम नागेश्वर राव)
  • हाल ही में किस देश के द्वारा नकाब पर प्रतिबंध लगाया गया है? (ट्यूनीशिया)
  • हाल ही में किसे कोलकाता का नया शेरिफ नियुक्त किया गया है? (लेखक मणिशंकर मुखर्जी)
  • हाल ही में किस बल्लेबाज ने विश्व कप के इतिहास में किसी भी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगाने की उपलब्धि हासिल की ? (रोहित शर्मा)
  • हाल ही में किस खिलाड़ी में वनडे क्रिकेट में दूसरे सबसे तेज 100 विकेट चटकाने की उपलब्धि हासिल की? (जसप्रीत बुमराह)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें