(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (05 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (05 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

विदेशी नागरिकों के लिए बनेगा डिटेंशन सेंटर

  • उत्तराखंड में जल्द ही अवैध रूप से आने वाले विदेशी नागरिकों के लिए डिटेंशन सेंटर (नजरबंद रखने के लिए केंद्र) बनाने की तैयारी चल रही है। अब तक ऐसा कोई सेंटर न होने के कारण विदेशी नागरिकों को प्रारंभिक पूछताछ के बाद संबंधित दूतावासों को सौंप दिया जाता है।
  • उत्तराखंड एक सीमांत राज्य है। यहां की सीमाएं चीन व नेपाल से मिलती हैं। इस नाते यह सामरिक दृष्टि से भी बेहद अहम है। इसके अलावा यहां का नैसर्गिक सौंदर्य देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बीते कुछ समय से यहां अवैध रूप से आने वाले विदेशी नागरिकों की आमद बढ़ी है। चाहे वे यूरोप, अमेरिका अथवा अन्य देशों से आए नागरिक हों या फिर अवैध रूप से यहां आने वाले बंग्लादेशी।
  • देश के सभी राज्यों में अवैध रूप से आने वाले अथवा किसी संदिग्ध गतिविधि में लिप्त पाए जाने वाले विदेशियों को जेल की जगह डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय संधियों के तहत विदेशी नागरिक को संगीन जुर्म में ही जेल में रखा जाता है। अवैध रूप से प्रवेश करने अथवा अन्य मामलों में संबंधित दूतावास को सूचित कर इन नागरिकों को सौंप दिया जाता है।

पृष्ठभूमि

  • बीते कुछ वर्षो से उत्तराखंड में अवैध रूप से विदेशी नागरिकों की आमद बढ़ी है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी विदेशी पकड़े गए हैं। डिटेंशन सेंटर न होने के कारण पूछताछ के बाद इन्हें संबंधित दूतावासों को सौंपा गया है। इसके अलावा अवैध बांग्लादेशियों के पकड़े जाने की स्थिति में इन्हें रखने को जगह नहीं है। इसे देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड से विदेशी नागरिकों के लिए डिटेंशन सेंटर खोलने को कहा है। इसके लिए जल्द ही जमीन चिह्नित करने और निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की अपेक्षा भी की गई है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

तिब्बती मुद्दा अब राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं : दलाई लामा

  • तिब्बतियों के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा है कि तिब्बती मुद्दा अब राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं रहा। बहरहाल, दलाई लामा ने इसपर जोर दिया कि तिब्बत की सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषायी पहचान के संरक्षण पर ध्यान देने की जरुरत है। दलाई लामा ने सवाल किया कि राजनीतिक स्वतंत्रता मुख्य तौर पर लोगों की खुशी के लिए होती है लेकिन क्या वह अकेले खुशी की गारंटी हो सकती है।
  • उन्होंने समाचार पत्रिका ‘द वीक’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘चीन में शीर्ष नेताओं में यह भावना बढ़ रही है कि उनकी नीतियां तिब्बत मुद्दे को गत 70 वर्षों में हल नहीं कर पायी हैं। इसलिए उन्हें अधिक यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। यद्यपि तिब्बत एक स्वतंत्र देश था आज चीन का तिब्बत पर राजनीतिक रूप से कब्जा है।’’
  • उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान परिस्थितियों में मैं कुछ समय से कह रहा हूं कि तिब्बत की सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषायी पहचान के संरक्षण पर ध्यान देने की जरुरत है। अब यह राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष नहीं रहा।’’
  • उन्होंने इसमें यह भी कहा कि तिब्बती लोग जब तक अपनी हजारों वर्ष पुरानी विरासत, धर्म और पहचान को संरक्षित रख पाएंगे, वह उन्हें आंतरिक शांति और खुशी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके लिए भारतीय संघ की उसकी विविधता में एकता की प्रशंसा करता हूं। इसी तरह से तिब्बत की सांस्कृतिक, भाषायी और धार्मिक पहचान को बरकरार रखते हुए चीनी जन गणराज्य और तिब्बत सह अस्तित्व में रह सकते हैं।

कड़ी शर्तों के साथ IMF ने पाकिस्तान को दिया कर्ज

  • आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को आखिरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बड़ा सहारा मिल गया है। आइएमएफ ने पाकिस्तान को छह अरब डॉलर (करीब 41 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज दिए जाने पर मुहर लगा दी है। आइएमएफ ने इसके लिए कड़ी शर्ते भी लगाई हैं। इनके तहत पाकिस्तान को आगामी तीन वर्षो में खर्चो में कटौती के कड़े उपाय करने होंगे।
  • IMF के प्रवक्ता गैरी राइस ने बुधवार को कहा, 'IMF के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान की आर्थिक योजना की सहायता के लिए छह अरब डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी है। यह कर्ज इस देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों की जीवन दशा को बेहतर करने के मकसद से दिया गया है।'
  • उन्होंने बताया कि छह अरब डॉलर की इस आर्थिक मदद के तहत पाकिस्तान को भुगतान संकट का समाधान करने के लिए तत्काल एक अरब डॉलर की रकम दी जाएगी। बाकी राशि एक कार्यक्रम के तहत तीन वर्ष की तय अवधि के दौरान दी जाएगी।
  • इस अवधि के दौरान चार बार तिमाही और इतने ही बार अर्ध वार्षिक समीक्षा भी की जाएगी। इससे जाहिर होता है कि आने वाले तीन वर्षो के दौरान पाकिस्तान को खर्चो में कटौती के कड़े उपाय करने होंगे।

पृष्ठभूमि

  • पाकिस्तान साल 1950 में आइएमएफ का सदस्य बना था। तब से पाकिस्तान इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन से 21 बार आर्थिक मदद पा चुका है। यह 22वां मौका है, जब उसे आइएमएफ से बेलआउट पैकेज मंजूर हुआ है।
  • सत्ता में आने के बाद इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले साल अगस्त में बेलआउट पैकेज के लिए IMF से गुहार लगाई थी। बेलआउट पैकेज पर लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों में पिछले माह सहमति बनी थी।

इन देशों से भी मिली मदद

  1. चीन ने जमा और वाणिज्यिक कर्ज के तौर पर 4.6 करोड़ डॉलर दिए
  2. सऊदी अरब ने तीन अरब डॉलर नकद और 3.2 अरब डॉलर का तेल दिया
  3. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से दो अरब डॉलर मिले
  4. कतर भी तीन अरब डॉलर की आर्थिक मदद की घोषणा कर चुका है

कुलभूषण जाधव मामले में इस महीने के आखिर में आ सकता है फैसला

  • जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में इस महीने के आखिरी में फैसला आ सकता है।
  • कुलभूषण जाधव मामले में फैसले को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इस मामले में मौखिक सबमिशन पूरी हो गई है। फैसले की घोषणा अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय द्वारा की जानी है। उनके द्वारा ही तिथि की घोषणा की जाएगी।

पृष्ठभूमि

  • पाकिस्तानी सेना की अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर भारतीय नागरिक जाधव को मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने इसके खिलाफ उसी साल मई में आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। आईसीजे की 10 सदस्यीय पीठ ने 18 मई 2017 में पाकिस्तान को मामले में न्यायिक निर्णय आने तक जाधव को सजा देने से रोक दिया था।

ट्रंप प्रशासन 2020 जनगणना में शामिल नहीं करेगा नागरिकता पर सवाल

  • ट्रंप प्रशासन ने 2020 को होने वाली जनगणना में नागरिकता से जुड़ा सवाल शामिल नहीं करने का फैसला लिया है। सरकार का यह फैसला सिविल अधिकार समूहों के लिए बड़ी जीत है जो लगातार यह दलील दे रहे थे कि यह सवाल आव्रजकों को जनगणना का हिस्सा बनने से रोकेगा।
  • ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस सवाल को जनगणना में जोड़ने के सरकारी प्रयास पर रोक लगा दी थी। इस संबंध में व्हाइट हाउस का कहना है कि इससे अल्पसंख्यक मतदाताओं की सुरक्षा बढ़ेगी वहीं विपक्षियों का कहना है कि इस सवाल के कारण आव्रजक जनगणना में हिस्सा नहीं लेंगे। उनका कहना है कि नागरिकता से जुड़ा सवाल 1950 से ही जनगणना में शामिल नहीं किया गया।
  • इस सवाल को जनगणना में शामिल करने के पक्षधर रहे वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस का कहना है कि भले ही वह 2020 की जनगणना को आगे बढ़ा रहे हैं लेकिन वह अदालत के फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। रॉस ने कहा, ‘‘मैं सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं लेकिन 2020 जनगणना में नागरिकता से जुड़े सवाल को शामिल करने के मेरे फैसले पर रोक लगाने के निर्णय से सहमत नहीं हूं।’’

चीन पहुंचीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, नौ द्विपक्षीय समझौते किए

  • चीन के तीन दिवसीय दौरे पर गुरुवार को बीजिंग पहुंचीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनकी चीन के प्रधानमंत्री ली कछ्यांग के साथ द्विपक्षीय मसलों पर वार्ता हुई। दोनों देशों के बीच नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
  • दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक हुई वार्ता के बाद ऊर्जा, आर्थिक, प्रौद्योगिकी सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन के क्षेत्र में नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
  • एक समझौते के तहत म्यांमार से बांग्लादेश में पलायन करने वाले रोहिंग्‍या मुस्लिमों के लिए चीन ढाई हजार टन चावल मुहैया कराएगा। हसीना का राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत चीन के दूसरे शीर्ष नेताओं से भी मिलने का कार्यक्रम है।
  • द्विपक्षीय वार्ता के दौरान हसीना पर चीन की ओर यह दबाव बनाए जाने की चर्चा है कि वह बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार (बीसीआइएम) आर्थिक गलियारे को आगे बढ़ाने में तेजी दिखाएं। चीन की यह परियोजना गति नहीं पकड़ पाई है।
  • वह अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत बीसीआइएम को आगे बढ़ाने की फिराक में है। 2800 किमी लंबी इस परियोजना के तहत चीन के युन्नान प्रांत के कुनमिंग शहर को म्यांमार के मांडले, बांग्लादेश की राजधानी ढाका और कोलकाता से जोड़ने की योजना है।

सैन्य बजट से मेक्सिको सीमा पर दीवार नहीं बनवा पाएगा अमेरिका, ट्रंप को लगा बड़ा झटका

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने की योजना पर झटका लगा है। सैन फ्रांसिस्को की एक अपीलीय अदालत ने दीवार निर्माण के लिए सैन्य बजट से ढाई अरब डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपये) लेने की योजना पर रोक लगा दी है।
  • अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि यह संघीय कानून का उल्लंघन प्रतीत होता है। अदालत ने ट्रंप प्रशासन की उन दलीलों को भी खारिज कर दिया कि इस तरह का खर्च लोगों के हित के लिए आवश्यक है। ट्रंप प्रशासन की इस योजना को दो गैर लाभकारी संगठनों ने चुनौती दी थी।

पृष्ठभूमि

  • सीमा पर दीवार का निर्माण ट्रंप की महत्वाकांक्षी परियोजना है। उनकी दलील है कि मेक्सिको सीमा पर दीवार खड़ी होने से शरणार्थी अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल नहीं हो सकेंगे। इसके लिए उन्होंने संसद से 6.7 अरब डॉलर (करीब 46 हजार करोड़ रुपये) का फंड मांगा था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इस साल के शुरू में अमेरिका में 35 दिन तक शटडाडन रहा था।
  • पिछली फरवरी में ट्रंप ने इस मुद्दे पर देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी ताकि दीवार के निर्माण के लिए सैन्य और अन्य स्रोतों से रकम का प्रबंध किया जा सके।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

आधार व अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक-2019

  • बैंक में खाता खोलने और मोबाइल फोन की सिम लेने के लिए ‘आधार' जरूरी नहीं होगा। यानी इन सेवाओं के लिए आधार का इस्तेमाल अब स्वैच्छिक होगा। इससे संबंधित संशोधन विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार पूरी तरह सुरक्षित है और इसकी उपयोगिता को देश की जनता ने भी स्वीकार किया है।
  • इससे पहले रविशंकर प्रसाद ने आधार व अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक-2019 पेश करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक विधेयक में संशोधन किया जा रहा है। आधार पूर्व यूपीए सरकार के समय शुरू हुआ था, लेकिन एनडीए सरकार आने पर इसे कानून की शक्ल दी गई।
  • देश में 123.8 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड हैं। 69 करोड़ मोबाइल फोन कनेक्शन आधार से जुड़े हैं। विधेयक में सुनिश्चित किया गया है कि आधार नहीं होने पर सेवा से वंचित नहीं किया जा सकता है। आधार संबंधी सूचना जाहिर करने के लिए संबंधित व्यक्ति से अनुमति लेनी होगी।
  • डाटा संरक्षण कानून बनाने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। दो वर्षों से इस पर व्यापक चर्चा चल रही है। सरकार डाटा संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है और इस पर विधेयक लाने का विचार किया जा रहा है।
  • विधेयक में प्रावधान है कि आधार संख्या के ऑफलाइन सत्यापन का प्रमाणन केवल धारक की सहमति से ही किया जा सकता है। प्रमाणन से इनकार पर सेवाओं से वंचित करने की शिकायतों का निवारण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा आधार बनवाने वाले बच्चों का 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर उनके पास अपनी आधार संख्या रद्द करने का विकल्प भी होगा।
  • आधार के इस्तेमाल को अत्यंत सुरक्षित बनया गया है। इसके डाटा का दुरुपयोग करने पर दोषी व्यक्ति को जेल और एक करोड़ जुर्माने का प्रावधान है। जबकि, आधार के डाटा को सार्वजनिक करने पर जेल और दस हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इस डाटा को उस सूरत में साझा किया जा सकता है जब कोई सुरक्षा से जुड़ा मामला हो या फिर कोर्ट का आदेश हो।

:: आर्थिक समाचार ::

आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 में टैक्स बढ़ाने हेतु सुझाव

  • सरकार चाहती है कि टैक्स से आने वाला राजस्व बढ़ाया जाए। इसके लिए करदाताओं को प्रेरित किया जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 में इसके लिए अनोखे सुझाव दिए गए हैं। कहा गया है कि देश के हर जिले के सबसे बड़े 10 करदाताओं को खास सुविधाएं देकर अलग पहचान दी जाएगी। इन सुविधाओं में इमिग्रेशन काउंटर पर राजनयिक जैसी सुविधाएं, हवाई अड्डों पर एक्प्रेस बोर्डिंग शामिल है। दिलचस्प यह है कि सड़कों, भवनों तथा स्कूलों का नामकरण ऐसे करदाताओं के नाम पर करना भी शामिल है।
  • सर्वेक्षण में कहा गया है कि चूंकि लोग प्रायः अपने सामाजिक रुतबे को दिखाने के लिए खास उपभोग में शामिल होते हैं। इसलिए जिले के 10 सबसे बड़े करदाताओं के नाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं और उन्हें समुचित पहचान दिलाई जा सकती है। इसके तहत जो सुविधाएं ऐसे करदाताओं को दी जा सकती हैं, उनमें अहवाईअड्डों पर तेज बोर्डिंग की सुविधा, सड़क और टोल बूथ पर फास्ट-लेन की सुविधा, इमिग्रेशन काउंटर पर विशेष राजनयिक जैसे लेन, आदि शामिल हो सकते हैं।
  • इसके अलावा एक दशक के सबसे बड़े करदाता को विशेष पहचान दिलाने के लिए महत्वपूर्ण भवनों, स्मारकों, सड़कों, रेलगाड़ियों, पहलों, स्कूलों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और हवाईअड्डों के नाम उनके नाम पर रखे जा सकते हैं। सर्वेक्षण में कहा गया है कि इसके पीछे की सोच ऐसे क्लब्स की खास सदस्यता प्रदान करने का है, जिससे न सिर्फ सामाजिक रुतबे का पता चले, बल्कि सम्मान भी मिले। ऐसे कदमों से ऐसी सामाजिक मान्यता को भी बढ़ावा मिलेगा कि ईमानदारी से टैक्स का भुगतान करना सम्मान के योग्य बात है।
  • संसद में पेश किए गए सर्वेक्षण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी सुझाव दिया कि टैक्स का भुगतान करने को सम्मानित काम की पहचान दिलाने के लिए निर्माण परियोजनाओं पर ऐसे साइन बोर्ड लगाने चाहिए, जिन पर लिखा हो कि 'टैक्स के पैसे से काम हो रहा है'। इससे करदाताओं में यह भावना बढ़ेगी कि जो टैक्स वह देते हैं, वह व्यर्थ काम में बर्बाद नहीं होता है।
  • इसी तरह से अन्य प्रकार के करदाताओं के द्वारा चुकाए गए टैक्स को भी सार्वजनिक किया जा सकता है। ऐसे करदाताओं में स्वरोजगार करने वाले हो सकते हैं। इनके द्वारा चुकाए गए करों को एसएमएस, बिलबोर्ड, आदि के जरिए पंचायतों और जिलों में प्रचारित किया जा सकता है। इससे नौकरी करने वालों के बीच कायम यह भ्रम दूर होगा कि उनसे अधिक कर लिया जा रहा है और दूसरे प्रकार के करदाताओं से कम कर लिया जा रहा है।

तीन इकाइयां बेचने को तैयार सेल

  • सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने अपनी तीन विशेष इस्पात निर्माण इकाइयों के प्रस्तावित रणनीतिक विनिवेश के लिए वैश्विक अभिरुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए हैं। सेल की ये तीन इकाइयां हैं - भद्रावती में विश्वेश्वरैया आयरन ऐंड स्टील संयंत्र, तमिलनाडु में सेलम स्टील संयंत्र और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में अलॉय स्टील संयंत्र। लेनदेन की सलाहकार एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड ने अपने प्रारंभिक सूचना ज्ञापन के जरिये स्पष्ट किया है कि किसी भी इकाई के लिए लिया गया ऋण किसी भी विनिवेशित इकाई को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव नहीं है। सेल ने इन तीनों कंपनियों केलिए कॉरपोरेट स्तर पर ऋण लिया है और ब्याज लागत इकाई को आवंटित कर दी जाती है।
  • इन तीनों इकाइयों में से विश्वेश्वरैया आयरन ऐंड स्टील मिश्र इस्पात और पिग आयरन का निर्माण करती है, जबकि सलेम स्टील बढिय़ा दर्जे का स्टेनलेस स्टील निर्माण करती है। अपनी पूरी क्षमता पर ये तीनों संयंत्र प्रतिदिन 1,400-1,500 टन इस्पात निर्माण करते हैं।

पृष्ठभूमि

  • ये तीनों इकाइयां वित्त वर्ष 15 से वित्त वर्ष 19 के बीच पिछले पांच वर्षों से नुकसान दर्ज कर रही हैं। 2017 में इन तीन इकाइयों के कर्मचारी मुनाफा दर्ज करने के लिए सरकार से एक और साल दिए जाने की मांग करते हुए एक दिन की हड़ताल पर चले गए थे।

:: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ::

फेरोसाइनाइड

  • नमक की प्रोसेसिंग में फेरोसाइनाइड का इस्तेमाल एंटी केकिंग एजेंट्स के रूप में किया जाता है और यह खाने के नजरिए से सुरक्षित है।
  • नई दिल्ली। प्रमुख नमक ब्रांड्स के इस्तेमाल को लेकर पैदा हुई सुरक्षा जोखिम की चिंता के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस आरोप को खारिज किया है कि प्रमुख ब्रांड्स के नमक में पोटैशियम फेरोसाइनाइड का स्तर बहुत ज्यादा है। FSSAI ने एक ट्वीट में कहा कि नमक की प्रोसेसिंग में फेरोसाइनाइड का इस्तेमाल एंटी केकिंग एजेंट्स के रूप में किया जाता है और यह खाने के नजरिए से सुरक्षित है।
  • मीडिया में प्रस्तुत की गई टेस्ट रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी मौजूदगी FSSAI द्वारा तय की गई 10 मिलीग्राम प्रति किलो की सीमा के दायरे में है। यह अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानक कोडेक्स की सीमा से भी कम है। कोडेक्स के द्वारा तय की गई सीमा 14 मिलीग्राम प्रति किलो है।
  • एंटी केकिंग एजेंट का मतलब यह है यह पदार्थ नमक को ढेला बनने से रोकता है। उधर IMA ने अपने ट्वीट में कहा कि वह FSSAI के बयान का समर्थन करता है।

पृष्ठभूमि

  • पिछले सप्ताह गोधम ग्रेंस एंड फार्म पोडक्ट्स के चेयरमैन शिव शंकर गुप्ता के बयान के बाद प्रतिष्ठित नमक ब्रांड्स में पोटैशियम फेरोसाइनाइड की सीमा से अधिक मिलावट का मामला चर्चा में आ गया था। उन्होंने कहा था कि प्रमुख नमक ब्रांड्स में पोटैशियम फेरोसाइनाइड का स्तर बहुत ज्यादा है।

फसलों को कीट और रोगों से बचाने के लिए ड्रोन का प्रयोग

  • फसलों को कीट और रोगों से बचाने के लिए किसान अब न सिर्फ ड्रोन के जरिये निगरानी कर सकेंगे बल्कि रोग और कीट प्रभावित हिस्से पर कीटनाशक का छिड़काव भी कर सकेंगे। प्रेसीजर एग्रीकल्चर के लिए आइआइटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग ने एग्रो हेलीकॉप्टर ड्रोन बनाया है, जिसमें मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरे हैं। इनके जरिये फसलों के स्वास्थ्य का जायजा लेकर रोग, कीट व फसलों के उत्पादन का पता लगाया जा सकता है। ड्रोन की खास बात ये है कि छिड़काव के लिए दस किलो पेस्टीसाइड (कीटनाशक) लेकर उड़ सकता है।
  • आइआइटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग ने ड्रोन पर रंग प्रतिबिंब देख सकने वाला हाईटेक कैमरा लगाकर एग्रीकल्चर सर्वे का स्वरूप बदल दिया है। यह दस से 15 फीट ऊपर से खेतों की फोटोग्राफी करके उसकी कंपोजिट (कई पिक्चर को जोड़कर बड़ी इमेज) इमेज बनाता है। इससे यह पता चलता है कि खेत के किस हिस्से में कीट या रोग का प्रकोप है और कौन सा भाग स्वस्थ है। इसमें पांच लीटर का पेट्रोल टैंक लगाया गया है। इस ईंधन से यह दो घंटे उड़कर इमेज बनाने के साथ पेस्टीसाइड का छिड़काव कर सकता है। पहले खेतों की ऐसी इमेज बनाने का काम सेटेलाइट से ही संभव था और इस्तेमाल करने में कई चुनौतियां भी आती थीं जबकि 6 फीट गुणा 4 फीट गुणा 3 फीट के बॉक्स में आने वाले ड्रोन ने कृषि तकनीक के क्षेत्र में स्मार्ट वर्क करने के कई नए आयाम खोल दिए हैं।
  • इसमें 4.4 किलोवाट का इंजन लगाया गया है। सर्वो मोटर के जरिए ड्रोन में लगे ब्लेड उसे हवा में संतुलित रखते हैं। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अभिषेक ने बताया कि इस तकनीक से फसल नुकसान कम करके किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल किया गया है, इससे यह केवल उस जगह ही छिड़काव करेगा जहां कीट व रोग होंगे। यह रंग व आकार से रोग व कीट की पहचान करेगा। वैसे जरूरत पडऩे पर पूरे खेत में भी इसके जरिए छिड़काव किया जा सकता है। यह रिमोट व कंप्यूटर दोनों से उड़ाया जा सकता है।
  • आइआइटी कानपुर में एग्र्रो हेलीकॉप्टर ड्रोन के मॉडल से परीक्षण सफल रहा। अब सरकार की मांग व कृषि विभाग की जरूरत पर इस तकनीक पर आगे काम किया जाएगा।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

दिल्ली तथा पांच अन्य शहर वायु प्रदूषक ‘नाइट्रोजन ऑक्साइड’ के हॉटस्पॉट्स

  • राष्ट्रीय राजधानी सहित देश के अनेक शहर ‘ नाइट्रोजन ऑक्साइड’ के बढ़ते स्तरों के प्रमुख हॉटस्पॉट्स हैं।
  • नाइट्रोजन ऑक्साइड एक खतरनाक प्रदूषक है जो ओजोन निर्माण के लिए जिम्मेदार है। ओजोन एक प्राणघातक गैस है और बेहद कम समय के लिए भी इसके संपर्क में आने से श्वसन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इससे अस्थमा हो सकता है और यहां तक कि व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती तक होना पड़ सकता है।
  • ओजोन गैस सीधे किसी स्रोत से उत्सर्जित नहीं होती बल्कि वायुमंडल में मौजूद गैसों और सूर्य की रोशनी में उच्च तापमान में रिएक्शन होने से निर्मित होती है।

पृष्ठभूमि

  • पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले स्वयंसेवी संगठन ग्रीसपीस इंडिया के एक विश्लेषण में कहा गया है कि सैटेलाइट से प्राप्त आकड़े यह दिखाते हैं कि यातायात और औद्योगिक समूह दिल्ली, बेंगलूरु, मुंबई, कोलकाता,चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों को नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) के सबसे खराब हॉटस्पॉट्स के रूप में विकसित कर रहे हैं। इन शहरों में वाहनों की बड़ी संख्या है और डीजल की खपत अधित है।
  • फरवरी 2018 से मई 2019 के बीच एकत्रित किए गए आकड़ों के अनुसार कोयले की खपत के मामले में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मध्यप्रदेश के सिंगरौली, छत्तीसगढ़ के कोरबा, ओडिशा के तलचर,महाराष्ट्र के चंद्रपुर ,गुजरात के मुन्द्रा और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र एनओएक्स उत्सर्जन के मामले में समान तौर पर प्रदूषण फैला रहे है। ग्री
  • नपीस इंडिया की वरिष्ठ कैंपेनर पुजारिनी सेन कहते हैं,‘‘पिछले कुछ वर्षों में अनेक अध्ययनों में पता चला है कि पीएम 2.5, एनओएक्स और ओ3 प्रदूषक मानव स्वास्थ्य में अहम प्रभाव डालते हैं। ये खासतौर पर खतरनाक वायु प्रदूषक हैं जो लगातार संपर्क में रहने से श्वसन संबंधी बीमारियां पैदा करते हैं और फेफडों को क्षतिग्रस्त करते हैं। वहीं लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से हार्ट अटैक और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।’

हिम तेंदुआ

  • गंगोत्री नेशनल पार्क हिम तेंदुआ के लिए मुफीद साबित हो रहा है। गंगोत्री नेशनल पार्क में हाल में हिम तेंदुआ के कई वीडियो सामने आए हैं। इसी सप्ताह नेलांग घाटी में नागा के पास भारत तिब्बत पुलिस सीमा के जवानों (हिमवीरों) ने भी हिम तेंदुआ को वीडियो में कैद किया है। पार्क के कैमरा ट्रैप में भी नर हिम तेंदुआ, मादा हिम तेंदुआ और शवक भी नजर आए हैं।
  • गंगोत्री नेशनल पार्क में हिम तेंदुआ, अरगली भेड़, भरल, भूरा भालू, सेराव, लाल लोमड़ी, कस्तुरी मृग, हिमालयी थार आदि वन्य जीव हैं। हिमालयी मोनाल, पहाड़ी राजालाल, हिमालयी गिद्ध, हिमालयी कुक्कट, हिमालयी तित्तर समेत कई पक्षी यहां प्रवास करते हैं। कुछ समय से यहां हिम तेंदुआ की मौजूदगी बढ़ी है। हिम तेंदुआ सिर्फ गंगोत्री नेशनल पार्क और वन्यजीव संस्थान के कैमरा ट्रैप में ही नहीं, बल्कि पर्यटकों और आइटीबीपी, सेना, सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों ने भी हिम तेंदुआ का दीदार किया हैं।
  • गंगोत्री नेशनल पार्क हिम तेंदुआ के लिए काफी मुफीद है। यहां वन्य जीवों की अच्छी संख्या है। पार्क व वन्य जीव संस्थान की ओर से करीब तीन सौ कैमरा ट्रैप लगाए गए थे। यहां वन्यजीवों का जो संतुलन है वह काफी अच्छा है। हिम तेंदुआ के लिए पार्क में पर्याप्त भोजन मिल पाता है।

प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक

  • सूखे की वजह से अधिकांश राज्यों में खेती पर संकट है। इस स्थिति से निपटने के लिए प्लास्टिक मल्चिंग की नई तकनीक सामने आई है। प्रति एकड़ 15 से 20 हजार रुपए की लागत में प्लास्टिंग मल्चिंग कर 30 प्रतिशत तक ज्यादा उपज पाई जा सकती है। इस तकनीक से खेत में पानी को अधिक समय तक रोका जा सकता है। इससे खेत की नमी भी बनी रहती है। फलों और सब्जियों के लिए यह तकनीक ज्यादा कारगर है।
  • कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक प्लास्टिक मल्चिंग में एक ही पौधे को चारों तरफ से प्लास्टिक फिल्म या पॉलीथीन से ढक दिया जाता है। प्लास्टिक फिल्म किसान नजदीकी बाजार से खरीद सकते हैं। हालांकि किसान स्टोर, बिग हॉट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफार्म से भी प्लास्टिक फिल्म आर्डर की जा सकती है। किसान ई-स्टोर के सीईओ गौरांग पटेल बताते हैं कि मल्चिंग की तकनीक बेहद आसान हैं। किसान सेवा केंद्रों से इसके बारे में जानकारी ली जा सकती है। इन्हीं केंद्रों से किसान प्लास्टिक फिल्म का आर्डर दे सकती हैं।
  • खेत में फसलों के हिसाब से क्यारियों के अलग-अलग आकार की वजह से मल्चिंग की लागत कम ज्यादा हो सकती है। चौड़ी क्यारियों के लिए प्लास्टिक फिल्म ज्यादा खरीदन होगी। प्रति एकड़ लगभग 15 से 20 हजार रुपये की लागत हो सकती है और मिटटी चढ़ाने में यदि उपकरणों का प्रयोग करे तो वो खर्चा भी होता है।
  • मल्चिंग की तकनीकी मिट्टी के कटाव को भी रोकती है। खेत में खरपतवार का कम करती है और फसल को कीटों आदि से सुरक्षित रखने के लिए सहायक होती है।

:: विविध ::

पोजनान एथलेटिक्स ग्रां प्री

  • भारत की फर्राटा धाविका हिमा दास ने पोलैंड में पोजनान एथलेटिक्स ग्रां प्री में महिलाओं की 200 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीता जबकि गोला फेंक में राष्ट्रीय रेकॉर्डधारक ताजिंदर पाल सिंह तूर ने कांस्य पदक हासिल किया।
  • मोहम्मद अनस पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में 20.75 सेकंड का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहे। के एस जीवन ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 47.25 सेकंड का समय लिया।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • पोजनान एथलेटिक्स ग्रां प्री में किस खिलाड़ी ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता? (हिमा दास)
  • पोजनान एथलेटिक्स ग्रां प्री में किस खिलाड़ी ने गोला फेंक में कांस्य पदक हासिल किया? (तजिंदर पाल सिंह तूर)
  • हाल ही में ग्रीनपीस द्वारा जारी रिपोर्ट में किन शहरों को नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) के सबसे खराब हॉटस्पॉट्स के रूप में घोषित किया गया? (दिल्ली, बेंगलूरु, मुंबई, कोलकाता,चेन्नई और हैदराबाद)
  • हाल ही में चर्चा में आए फेरोसाइनाइड को खाद्य पदार्थों में किस रूप में प्रयोग किया जाता है? (एंटी केकिंग एजेंट्स- नमक की प्रोसेसिंग में प्रयोग)
  • हाल ही में सेल के द्वारा अपनी कौन सी इकाइयों के विनिवेश हेतु वैश्विक अभिरुचि पत्र आमंत्रित किए गए हैं? (भद्रावती में विश्वेश्वरैया आयरन ऐंड स्टील संयंत्र, तमिलनाडु में सेलम स्टील संयंत्र और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में अलॉय स्टील संयंत्र)
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना के तहत अमेरिका द्वारा किस देश की सीमा पर दीवार बनाने हेतु कवायद चल रही है? (मैक्सिको)
  • हाल ही में कौन सी संस्था/ देश के द्वारा पाकिस्तान को छह अरब डॉलर (करीब 41 हजार करोड़ रुपये) के कर्ज देने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है? (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष-IMF)
  • हाल ही में किस राज्य में विदेशी नागरिकों के लिए डिटेंशन सेंटर (नजरबंद रखने के लिए केंद्र) बनाने की कवायद चल रही है ? (उत्तराखंड)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

<< मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें