(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (03 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (03 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

'स्ट्राइड' योजना

  • आम जनजीवन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी ने स्ट्राइड नाम की एक नई शोध योजना शुरू करने का एलान किया है। इसमें अलग-अलग विषयों और क्षेत्र से जुड़े नए शोध कार्यो को शामिल किया जाएगा। इसके तहत पचास लाख से लेकर पांच करोड़ तक वित्तीय मदद दी जाएगी। यूजीसी की इस पहल को देश में शोध की एक नई संस्कृति को विकसित करने से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मुताबिक इस नई पहल से विश्वविद्यालय सहित दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध को काफी मजबूती मिलेगी। इस योजना को आठ जुलाई को लांच किया जा सकता है।
  • योजना के तहत मंजूर किए जाने वाले सभी शोध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के होंगे। यह देश को आर्थिक मजबूती देने के साथ विकास में मदद देंगे। यूजीसी ने इसे लेकर एक सलाहकार कमेटी का भी गठन किया है, जो यूजीसी के उपाध्यक्ष प्रोफेसर भूषण पटव‌र्द्धन की अध्यक्षता में काम करेगी। कमेटी इस दौरान आने वाले शोध प्रस्तावों को जांचेगी और अंतिम रूप देगी।
  • योजना के वित्तीय मदद का निर्धारण शोध कार्यो के स्वरूप पर तय होगा। इसमें सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान और विकास को गति देने वाले शोध कार्यो को प्रमुखता से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत ऐसे शोध कार्यो को पचास लाख से लेकर एक करोड़ तक की वित्तीय मदद दी जाएगी।
  • योजना के दूसरे चरण में विश्वविद्यालय और कालेजों की नई प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मदद दी जाएगी। इन्हें एक करोड़ तक की वित्तीय मदद दी जाएगी। योजना का जो तीसरा पहलू होगा, उसके तहत इतिहास, दर्शनशास्त्र, पत्रकारिता सहित जन सामान्य से जुड़े अलग-अलग विषयों में शोध कार्यो को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत पांच करोड़ तक की वित्तीय मदद दी जाएगी।

हैदराबाद हवाईअड्डे ने शुरू की 'डिजी यात्रा'

  • राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने हवाईअड्डे पर यात्रियों के प्रवेश के लिये परीक्षण आधार पर चेहरा पहचान (एफआर) प्रणाली शुरू की है.
  • आने वाले दिनों में इसे कई हवाईअड्डों पर शुरू करने की योजना है. इस व्यवस्था से कागज रहित यात्रा का रास्ता साफ हो गया है. हवाईअड्डों पर प्रवेश के लिये विभिन्न केंद्रों पर पहचान पत्रों की जांच की जरूरत नहीं होगी.
  • यह परीक्षण केंद्र सरकार के डिजी यात्रा कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है यह पूरी तरह स्वैच्छिक है.
  • सूत्रों के अनुसार, पहले दिन एक जुलाई को स्वैच्छिक रूप से 180 यात्रियों ने डिजी यात्रा के लिये पंजीकरण कराया. डिजी यात्रा कार्यक्रम हवाईअड्डों पर यात्रियों के डिजिटल पंजीकरण से जुड़ा है. डिजी यात्रा से कागज रहित यात्रा होगी और विभिन्न केंद्रों पर पहचान पत्रों की जांच की जरूरत नहीं पडे़गी.
  • डिजी यात्रा के कई लाभ हैं. हवाई यात्रा के लिए आपको आईडी प्रूफ या बोर्डिंग पास की जरूरत नही रह जाएगी. सरकार ने कुछ महीने पहले 'डिजी यात्रा' के नियम जारी किए थे. इसके तहत यात्रियों को हवाई सफर के लिए किसी तरह के टिकट या आईडी प्रूफ की जरूरत नहीं पड़ेगी. उनकी पहचान बायोमेट्रिक अथॉन्टिकेशन या फेशियर रिकॉग्निशन से होगी. यह सुविधा पहले सिर्फ घरेलू उड़ान के लिए शुरू की जा रही है.
  • यात्री स्वैच्छिक आधार पर इस सेवा का फायदा उठा सकेंगे. इसका मतलब यह है कि सभी हवाईअड्डों पर पेपर टिकट और आईडी प्रूफ से एंट्री की सुविधा भी जारी रहेगी. जो यात्री डीजी यात्रा का फायदा नहीं उठाना चाहते, वे पुराने तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं.

जल शक्ति अभियान के अधिकांश काम मनरेगा के तहत

  • सरकार के महत्वाकांक्षी जल शक्ति अभियान की नैया मनरेगा के सहारे पार होगी। इस अभियान के दौरान जल संरक्षण के अधिकांश काम मनरेगा के तहत ही कराए जाएंगे। मनरेगा के तहत बीते पांच साल में 38 लाख से अधिक तालाब और पांच लाख से अधिक चैक डैम बन चुके हैं, इसलिए अभियान के तहत यह सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा कि ये तालाब और चैक डैम बारिश के पानी से भर जाएं।
  • सूत्रों के अनुसार सरकार ने जल शक्ति अभियान के तहत पानी बचाने के लिए कुल पांच प्रकार के कार्यो की योजना बनाई है, जिसमें से चार काम मनरेगा के जरिये कराए जाएंगे। जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग, परंपरागत तालाबों और अन्य जलाशयों की मरम्मत, बोरवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर और वृक्षारोपण का काम मनरेगा के तहत कराया जाएगा जबकि सिर्फ वाटरशेड डेवलपमेंट का काम इंटीग्रेटेड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत कराया जाएगा।
  • सूत्रों ने कहा कि पानी की कमी का सामना कर रहे 256 जिलों के 1593 ब्लॉक में इस अभियान के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए तैनात किए गए अधिकारियों को इन कार्यो की सूची सौंप दी गई है।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि वर्ष 2014 से 2019 के दौरान मनरेगा के तहत 20.03 लाख तालाब, 5.14 लाख कुएं, 5.22 लाख चैक डैम, 2.02 लाख तटबंध और 18.10 लाख खेत तालाब बनाए गए हैं।
  • सूत्रों का कहना है कि जिन तालाबों की संरचना तकनीकी रूप से ऐसी है कि जिसके चलते उन तक बारिश का पानी नहीं पहुंच पाता, उन्हें अब मनरेगा के तहत दुरुस्त किया जाएगा। कुल मिलाकर अब फोकस नए तालाब बनाने के बजाय, मौजूदा तालाबों को भरने पर होगा।
  • मंत्रालय का कहना है कि 2014 में मनरेगा की पहली अनुसूची में बदलाव किया गया था। इसके तहत कम से कम 60 प्रतिशत राशि कृषि और संबद्ध गतिविधियों पर खर्च करने का प्रावधान है। इसका परिणाम यह हुआ कि मनरेगा के तहत फिलहाल जितने प्रकार के काम करने की अनुमति है उसमें से 75 प्रतिशत काम जल सुरक्षा और जल संरक्षण के प्रयासों से संबंधित हैं।
  • इसका नतीजा यह हुआ है कि बीते पांच साल में 143 लाख हेक्टेयर जमीन को फायदा हुआ है। मंत्रालय का कहना है कि मनरेगा जल शक्ति अभियान में एक प्रमुख भागीदार है और यह इसे सफल बनाने के लिए समर्पित है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

अमेरिका ने भारत को दिया नाटो देश जैसा दर्जा, रक्षा सौदों में आसानी होगी

  • अमेरिकी संसद ने भारत को नाटो देशों के समान दर्जा देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब रक्षा संबंधों के मामले में अमेरिका भारत के साथ नाटो के अपने सहयोगी देशों, इजरायल और साउथ कोरिया की तर्ज पर ही डील करेगा। वित्त वर्ष 2020 के लिए नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट को अमेरिकी सेनेट ने पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। अब इसमें संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।
  • सेनेटर जॉन कॉर्निन और मार्क वॉर्नर की ओर से पेश संशोधन विधेयक में कहा गया था कि हिंद महासागर में भारत के साथ मानवीय सहयोग, आतंक के खिलाफ संघर्ष, काउंटर-पाइरेसी और समुद्री सुरक्षा पर काम करने की जरूरत है।
  • अमेरिका का यह प्रस्ताव उसके खुद के फायदे के लिए है। इससे वह भारत को वे सभी हथियार और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर कर सकेगा, जिन्हें सिर्फ नाटो देशों को ही सप्लाई किया जा सकता है। लिहाजा यह एकतरफा प्रस्ताव है जो भारत के साथ होने वाली हथियारों की खरीद-फरोख्त को आसान बनाएगा। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नाटो देशों का दर्जा पाने के बाद भारत पर क्या शर्तें आएंगी।
  • इस फैसले के बाद भी भारत अपने रक्षा संबंधी साजो सामान खरीदने के लिए आजाद है। हद से हद भारत यह वादा करने के लिए बाध्य है कि जो हथियार या टेक्नोलॉजी वह अमेरिका से लेगा उसका इस्तेमाल वह खुद ही करेगा।
  • नाटो में 29 सदस्य देश हैं। इसका उद्देश्य इसके सदस्य राष्ट्रों की राजनीतिक स्वतंत्रता और सैन्य सुरक्षा बनाए रखना है। विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए नाटो प्रतिबद्ध है, यदि राजनयिक कोशिशें फेल हो जाती हैं तो यह समाधान करने के लिए सैन्य शक्ति का सहारा भी लेता है।

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ‘BLA’ अमेरिका द्वारा आतंकी संगठन घोषित

  • बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग राष्ट्र घोषित करने वाले बलूचिस्तान समर्थकों को मंगलवार को अमेरिका से झटका लगा है। अलग राष्ट्र के लिए लड़ रहे बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी BLA पर अमेरिका ने आतंकी संगठन की मुहर लगा दी है।
  • पाकिस्तान में कई आतंकी वारदातों में शामिल BLA को पाकिस्तान पहले ही आतंकी संगठन करार दे चुका था और अमेरिका से भी इसे आतंकी संगठन करार देने की मांग कर रहा था। मंगलवार को अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि BLA के हथियारयुक्त अलगाववादी संगठन है जिसने पाकिस्तान के बलोच क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नागरिकों को अपना निशाना बनाया है। ऐसे में अमेरिका में कोई अगर बीएलए को समर्थन देगा उसे अपराधी माना जाएगा और उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
  • अमेरिका से प्रतिबंध लगने के बाद इस संगठन से जुड़े लोग, इसके साजिशकर्ता, फंड जुटाने वाले और इसके कार्यक्रमों के आयोजक भी अब अपराधी माने जाएंगे और उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा।
  • पाकिस्तान में बीएलए पर साल 2006 से प्रतिबंध है और हाल के वर्षों में इस पर कई आतंकी हमलों के आरोप लगे हैं। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पाकिस्तान में आतंकी वारदातों में कमी आएगी।
  • BLA पर पाकिस्तान में कई आतंकी हमले करने का आरोप है, इन्हीं आतंकी वारदातों को देखते हुए अमेरिका ने यह बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान काफी समय सेअमेरिका से बीएलए को आतंकी संगठन घोषित करने की मांग कर रहा था।

फल एवं सब्जी के बाद अब नेपाल में भारतीय डिब्बा बंद दूध और एनर्जी ड्रिंक पर भी प्रतिबंध

  • नेपाल सरकार ने भारत से नेपाल में निर्यात होने वाले डिब्बा बंद दूध और एनर्जी ड्रिंक में खतरनाक रसायन होने का दावा करते हुए इसपर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। अब भारत में दूध से बना कोई भी पदार्थ और एनर्जी ड्रिंक्स नेपाल नहीं जाएगा। इसके पहले सब्जी और फलों पर प्रतिबंध लगाया गया था। लैब टेस्ट के बाद ही उसे भंसार में पास किया जा रहा है।
  • भैरहवा कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि सोमवार को नेपाल सरकार से पत्र प्राप्त होने के बाद भारत से आने वाले दूध, पेय पदार्थ और एनर्जी ड्रिंक्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। डिब्बा बंद दूध और एनर्जी ड्रिंक्स में खतरनाक रसायन और केमिकल की शिकायत आ रही है। अगले आदेश तक इसे भंसार से पास नहीं किया जाएगा।
  • भारत से नेपाल में दूध और एनर्जी ड्रिंक का सालाना करीब 30 करोड़ का कारोबार है। नेपाल के व्यापारी नगद भुगतान कर इनका आयात करते हैं। इससे भारतीय व्यापारियों को तो दिक्कत होगी ही, नेपाल में सालों से इस व्यापार में पैर जमाए व्यापारियों के कारोबार पर भी असर पड़ेगा। नेपाल के महानगरों में इनकी बड़ी खपत है। भारत में चेन्नई, तमिलनाडु, नोएडा, दिल्ली, गुजरात आदि राज्यों से हर महीने करीब 20 ट्रक दूध एवं पेय पदार्थ नेपाल भेजा जाता है।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

इनर लाइन परमिट

  • सुप्रीम कोर्ट ने नगालैंड जैसे राज्यों में दूसरे राज्य से प्रवेश के लिए इनर लाइन परमिट अनिवार्य करने का अधिकार देने वाले कानून को चुनौती देने वाली अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा, 'हम इस पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं।'
  • याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि राज्य के भीतर ही नागरिकों के आवागमन को सीमित करने का अधिकार राज्यों को देने वाला यह कानून मनमाना और अनुचित है और इससे संविधान के अनुच्छेद 14,15,19 और 21 का उल्लंघन होता है।
  • उपाध्याय का तर्क था कि नगालैंड में सिर्फ आठ फीसद हिंदू आबादी है और राज्य में प्रवेश के लिए इनर लाइन परमिट की अनिवार्यता का नियम संविधान के प्रावधान के खिलाफ है।

लोकसभा ने भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद संशोधन विधेयक 2019 को दी मंजूरी

  • भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे मेडिकल कौंसिल आफ इंडिया (एमसीआइ) को निलंबित रखने और उसकी जगह बोर्ड आफ गवर्नर्स (बीओजी) को दो साल तक काम करने का वैधानिक दर्जा देने वाला विधेयक लोकसभा में ध्वनिमत से पास हो गया।
  • स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि यह देश में मेडिकल शिक्षा में सुधारों की अभी शुरुआत भर है और आगे आने वाले सालों में और भी क्रांतिकारी सुधार होंगे।
  • बीओजी की व्यवस्था केवल दो साल के लिए की गई है और सरकार इस बीच एनएमसी के गठन के लिए अलग से विधेयक लेकर आएगी।

पृष्ठभूमि

पिछले साल सितंबर में सरकार को एमसीआइ भंग कर बीओजी के गठन का फैसला करना पड़ा था। एमसीआइ देश में मेडिकल शिक्षा में सुधार और विकास का सबसे बड़ा रोड़ा बन गया था और भ्रष्टाचार का पर्याय माने जाने लगा था। एमसीआइ में सुधार की सुप्रीम कोर्ट की कोशिशें भी सफल नहीं हो सकी।सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ओवरसाइट कमेटी के सदस्यों के इस्तीफे के बाद सरकार के पास अध्यादेश के जरिये एमसीआइ को निलंबित कर बीओजी का गठन करना पड़ा था।

सीधे धन हस्तांतरित करने और मुफ्त सुविधाएं देने की घोषणा न्यायिक समीक्षा के दायरे में

  • सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले और चुनाव के दौरान सीधे धन हस्तांतरित करने और मुफ्त सुविधाएं देने की घोषणा करने पर प्रतिबंध के लिए दायर याचिका पर मंगलवार को केंद्र, चुनाव आयोग और पांच राज्यों को नोटिस जारी किए।
  • जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने पेंटापति पुल्ला राव की याचिका पर ये नोटिस जारी किए। राव ने हालिया लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश की एलुरू सीट से जनसेना पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था।
  • याचिका में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों द्वारा घोषित अन्य कार्यक्रमों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि इन घोषणाओं की वजह से केंद्र और राज्यों में सत्तारूढ़ दलों को लोकसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ प्राप्त करने में मदद मिली।
  • पीठ ने इस तरह की घोषणाओं के बारे में दिशानिर्देश तैयार करने के अनुरोध पर विचार करने का निर्णय किया है। राव की ओर से अधिवक्ता संतोष पाल और श्रवण कुमार ने दलील दी कि चुनाव से पहले सीधे नकदी हस्तांतरित करने की योजनाएं और मुफ्त सुविधाएं प्रदान करने जैसी घोषणा चुनावी कदाचार के दायरे में आती हैं।
  • याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए जाएं कि स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकने वाले ऐसे कार्यक्रमों को सत्तारूढ़ दल चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से कम से कम छह महीने पहले लागू करने की अवधि निर्धारित करें। पेशे से अर्थशास्त्री राव ने कहा कि ऐसी सभी योजनाओं को असंवैधानिक और संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112 और 202 के खिलाफ घोषित किया जाए।

:: आर्थिक समाचार ::

निर्यात प्रोमोशन फोरम

  • कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने सहकारी क्षेत्र निर्यात प्रोमोशन फोरम के गठन का निर्णय लिया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यह घोषणा मंगलवार को एक संयुक्त प्रेसवार्ता में की। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2022 तक मौजूदा निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया गया है।
  • राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) में कोआपरेटिव सेक्टर एक्सपोर्ट्स प्रोमोशन फोरम का गठन किया जाएगा, जो देश के 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सहकारी क्षेत्र के निर्यात को बढ़ाने के लिए काम करेगा। सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पहली बार अंतरराष्ट्रीय सहकारी ट्रेड फेयर का 11 अक्तूबर से 13 अक्तूबर के बीच प्रगति मैदान में आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश विदेश के लगभग पांच से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
  • देश में कुल आठ लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं हैं, जिसमें 94 फीसद संस्थाओं में 15 करोड़ किसान सदस्य हैं। गोयल ने बताया कि इसके बावजूद कृषि उत्पादों की निर्यात में हिस्सेदारी बहुत कम है। इसे प्रोत्साहित करने की सख्त जरूरत है, जिसके लिए ट्रेड फेयर का आयोजन किया गया है।
  • गोयल ने कहा कि कृषि निर्यात से किसानों की आमदनी को 2022 तक दोगुना करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसी मकसद से विभिन्न मंत्रालयों के बीच साझा समन्वय हो रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर से अपनी सहकारी संस्थाओं को विदेशी ग्राहकों की जरूरत का पता चलेगा। इस फेयर का आयोजन वाणिज्य, कृषि और विदेश मंत्रालय सहकारी संस्थाओं के सहयोग से कर रहा है।

:: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ::

डिजिटल करेंसी-लिब्रा

  • दुनिया की सबसे लोकप्रिय सोशल साइट फेसबुक लोगों को जोड़ने के साथ आपका लेनदेन भी आसान बनाने जा रही है। कहीं भी अपना भुगतान बिना करेंसी चेंज के कर सकते हैं। फेसबुक की डिजिटल करेंसी लिब्रा को लेकर दावे तो बहुत किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों को इसकी राह में रोड़े भी कम नहीं दिख रहे। इसके पहले डिजिटल करेंसी बिटकॉइन तेजी से लोकप्रिय हुई थी लेकिन किसी देश के केंद्रीय बैंक से मान्यता न होने और भुगतान नेटवर्क न होने से यह विफल हो गई।
  • माना जा रहा है कि लिब्रा अपनी खूबियों के चलते दुनिया भर में वित्तीय प्रणाली से दूर और अछूते लोगों का प्रभावी समावेशन करा पाएगी। हालांकि अभी इसकी स्थिरता और वैधानिकता पर सवाल बना हुआ है। अभी विश्व बैंक की ओर से इसके भुगतान शुल्क का मुद्दा भी है। लेकिन फेसबुक का कहना है कि इसकी यह लागत लगभग शून्य होगी।

क्या होगा फायदा

  • अगर कोई व्यक्ति दूसरे देश में जाता है या किसी दूसरे देश से किसी के पास पैसा आता है तो उसे उस देश की करेंसी में परिवर्तन कराना होता है। इसके चलते यदि आप दूसरे देश में जाते हैं तो आपको करेंसी बदलने की जरूरत नहीं होगी।

कैसे बनाएगा बाजार

  • इसका सबसे बड़ा फायदा है कि यह एम पैसा, भीम, मास्टर और वीसा कार्ड की तर्ज पर व्यक्ति से व्यक्ति पेमेंट करेगा। मोबाइल पेंमेट की तरह भी काम करेगा। इससे लोगों को बैंक में जाने की जरूरत नहीं होगी।

क्या है लिब्रा

  • फेसबुक की डिजिटल करेंसी (क्रिप्टो करेंसी) है। यह सार्वभौमिक, स्थायी और आसानी से लोगों और कारोबार के बीच स्थानांतरित की जा सकने वाली मुद्रा है। इसके लिए स्थायी पेमेंट नेटवर्क की गठन की जरूरत नहीं होगी। फेसबुक के साथ इस दिशा में कई कंपनियां जुड़ चुकी हैं।

कहां लटका है मुद्दा

  • इस करेंसी का सबसे बड़ा मसला भुगतान शुल्क है, जिसे विश्व बैंक को तय करना है। परदेस से आने वाली रकम की विनियम का औसत शुल्क वर्तमान में सात फीसद है। कुछ देशों में रकम भेजने के लिए लोगों को 10 फीसद तक शुल्क चुकाना पड़ रहा है। हालांकि फेसबुक का दावा है कि इससे लेनदेन का शुल्क न बराबर होगा।

क्या है क्रिप्टो करेंसी

  • क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल करेंसी है। यह एक कंप्यूटर मोड से दूसरे कंप्यूटर मोड को दी जा सकती है। इसे आभासी मुद्रा कह सकते हैं।

वैधानिकता का सवाल

  • वैसे तो इस करेंसी के इस्तेमाल से देश विदेश में कहीं भुगतान में आसानी होगी लेकिन इसकी स्थिरता और वैधानिकता को लेकर व्यापारियों में अभी आशंका है। क्योंकि किसी भी क्रिप्टो करेंसी को किसी देश के केंद्रीय बैंक ने मान्यता नहीं दी है। हालांकि फेसबुक को अपने बड़े प्लेटफॉर्म और ब्रांड का भरोसा है।

भारत और अफ्रीकी देश निगाह में

  • फेसबुक अपनी इस करेंसी के लिए भारत और अफ्रीकी देशों जैसे विकासशील देशों पर निगाहें जमा रखी हैं। गरीब लोगों की बड़ी आबादी है जो परंपरागत बैंक खाते का महंगा रखरखाव वहन नहीं कर सकती है। ये लोग तेजी से मोबाइल ऑनलाइन और एप से बैंकिंग कर रहे हैं। हालांकि भारत सहित कई देशों ने क्रिप्टो करेंसी को मान्यता नहीं दी है।

गगनयान: इसरो ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए रूसी कंपनी से किया करार

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान ‘गगनयान’ के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के चयन में सहयोग, उनके मेडिकल परीक्षण और अंतरिक्ष प्रशिक्षण को लेकर रूसी कंपनी ग्लावकोसमोस के साथ समझौता किया है। ग्लावकोसमोस रूसी प्रक्षेपण सेवा प्रदाता है और सरकारी कंपनी रोकोसमोस की सहायक कंपनी है।
  • पिछले महीने 27 जून को इस अनुबंध पर ग्लावकोसमोस की प्रथम उप-महानिदेशक नतालिया लोकतेवा और इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) के निदेशक यू अय्यर ने दस्तखत किए। ग्लावकोसमोस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वह एचएसएफसी को भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के लिए उम्मीदवारों के चयन में परामर्श सहयोग, उनके मेडिकल परीक्षण और अंतरिक्ष उड़ान संबंधी प्रशिक्षण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस मिशन की घोषणा की थी। इसके बाद इसरो ने तीन सदस्यीय चालक दल की अंतरिक्ष यात्रा के लिए मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र स्थापित किया है। इसरो अध्यक्ष के. सीवन ने कहा था कि गगनयान 2021 में प्रक्षेपित किया जाने वाला मिशन है । इस मिशन में एक महिला अंतरिक्ष यात्री को भेजे जाने की संभावना है

:: विविध ::

दिल्ली व विजयवाड़ा में पहले आधार सेवा केंद्र की शुरुआत

  • यूआइडीएआइ ने दिल्ली व विजयवाड़ा में अपने पहले आधार सेवा केंद्र की शुरुआत कर दी है। साल के अंत तक ऐसे 114 केंद्रों की स्थापना की योजना है।
  • इन आधार केंद्रों पर आधार पंजीकरण व सूचनाओं में परिवर्तन आदि कार्य किए जाएंगे। ये केंद्र यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) के अधीन होंगे और वही इनका संचालन भी करेगा। बैंक, पोस्टऑफिस और अन्य सरकारी परिसरों में संचालित हजारों आधार केंद्रों पर भी काम जारी रहेगा। यूआइडीएआइ पासपोर्ट सेवा केंद्र की तर्ज पर देश के 53 शहरों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना करना चाहता है। इस पर करीब 300-400 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • हाल ही में आम जनजीवन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिए कौन सी योजना की शुरुआत की गई है? (स्ट्राइड)
  • किस संस्था के द्वारा स्ट्राइड योजना की शुरुआत की गई है? (यूजीसी)
  • हाल ही में किस हवाई अड्डे पर 'डिजी यात्रा' प्रणाली की शुरुआत की गई है? (राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा-हैदराबाद)
  • हाल ही में किस देश की संसद ने भारत को नाटो देशों के समान दर्जा देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है? (अमेरिका)
  • हाल ही में किस देश के द्वारा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है? (अमेरिका)
  • किस देश के द्वारा भारत से निर्यात होने वाले दूध, एनर्जी ड्रिंक, सब्जी और फलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है? (नेपाल)
  • मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को निलंबित करने और उसकी जगह बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को वैधानिक दर्जा देने हेतु कौन सा विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया गया है? (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद संशोधन विधेयक 2019)
  • हाल ही में कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार द्वारा किस एजेंसी की स्थापना की गई है? (राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम-एनसीडीसी)
  • किस दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी के द्वारा डिजिटल करेंसी लिब्रा को लांच किया जाएगा? (फेसबुक)
  • इसरो ने अपने पहले मानव युक्त अंतरिक्ष अभियान गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों के चयन हेतु किस अंतरिक्ष कंपनी के साथ समझौता किया है? (ग्लावकोसमोस-रोकोसमोस,रूस की सहायक कंपनी)
  • हाल ही में यूआइडीएआइ ने किन स्थानों पर अपने पहले आधार सेवा केंद्र की शुरुआत की है? (दिल्ली व विजयवाड़ा)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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