(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (01 और 02 जुलाई 2019)

दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर


(दैनिक समसामयिकी और प्रिलिम्स बूस्टर) यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में समाचार पत्रों का संकलन (01 और 02 जुलाई 2019)


:: राष्ट्रीय समाचार ::

प्रथम भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला (आईआईसीटीएफ)

  • कृषि निर्यात को दोगुना करने और भारतीय किसानों और कृषि उत्पादों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत करने के लक्ष्य वाली कृषि निर्यात नीति, 2018 के अनुरूप प्रथम भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला (आईआईसीटीएफ) प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 11 से 13 अक्तूबर, 2019 तक आयोजित होने जा रहा है। एनसीडीसी द्वारा निर्देशित यह मेला एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन (एनईडीएसी), तीन मंत्रालयों, चार राज्य सरकारों और अऩेक शीर्ष स्तरीय भारतीय सहकारी संगठनों की सहायता से आयोजित किया जा रहा है।
  • इस तीन दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में भारतीय सहकारी समितियों और अंतर्राष्ट्रीय सहकारी संगठनों के भाग लेने की संभावना है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय खरीदार सहकारी, कॉर्पोरेट, निजी, सरकार से हो सकते हैं, लेकिन आईआईसीटीएफ प्रदर्शकों/विक्रेताओं/खरीदारों को शामिल करता है, जो कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की पूर्ण मूल्य श्रृंखलाओँ, कोल्ड चेन, डेयरी, जिन्सों, निर्यात, प्रौद्योगिकी, जलवायु के अनुरूप कृषि, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, मशीनरी, ब्रांड का प्रचार, विपणन, सहकारी-बैंकिंग, कृषि-तकनीक, साइबर-सुरक्षा, मवेशी, मत्स्य पालन, हथकरघा, हस्तशिल्प, कपड़ा, उपभोक्ता सामान, खुदरा आतिथ्य, बीमा, वित्त, ऋण, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला समूहों के उत्पाद और क्षमता विकास जैसे कोआपरेटिव-टू-कोआपरेटिव व्यापार पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
  • इस व्यापार मेले का उद्देश्य भारत और विदेशों में कोआपरेटिव-टू-कोआपरेटिव व्यापार को बढ़ावा देना है, जिससे ग्रामीण और कृषि समृद्धि में वृद्धि हो सके। इस मेले के दौरान सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, बी2 बी बैठकों, सी2सी बैठकों, बिक्री संवर्धन, विपणन और उत्पादों के प्रदर्शन के साथ व्यापार, नेटवर्किंग, नीति प्रचार आदि का आयोजन किया जाएगा। इसकी बदौलत प्रतिभागियों को भारत और विदेश के सहकारी संगठनों के साथ व्यापार की संभावनाओं का पता लगाने और सहयोग करने के अपार अवसर प्राप्त होंगे।
  • यह व्यापार मेला भारत और विदेश के उद्योग और व्यापारिक घरानों को गठबंधन करने, व्यापार नेटवर्किंग करने, प्रोडक्ट सोर्सिंग और सबसे बढ़कर उत्पादों और सेवा प्रदाताओं की विस्तृत श्रृंखला के प्राथमिक उत्पादकों के साथ बातचीत करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। आईआईसीटीएफ के बारे में अधिक जानकारी वेबसाइट www.iictf.in या www.ictf.co.in से प्राप्त की जा सकती है। मेले के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण चालू है।
  • निर्यात नीति में परिकल्पित कृषि निर्यात को वर्तमान में 30 बिलियन डॉलर+ से दोगुना करते हुए 2022 तक 60 बिलियन डॉलर + तक ले जाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सहकारी क्षेत्र को कृषि बड़ी भूमिका निभानी होगी। इसी के लिए हाल ही में एनसीडीसी में एक सहकारी क्षेत्र निर्यात संवर्धन मंच स्थापित किया गया है। अनुमानित तौर पर 94 प्रतिशत भारतीय किसान कम से कम किसी एक सहकारी संस्था के सदस्य हैं। आईआईसीटीएफ सहकारी समितियों द्वारा अपने सदस्यों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के साथ निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख मंच होगा। इन सदस्यों में मुख्य रूप से किसान, कारीगर, महिलाएं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति आदि शामिल हैं।
  • प्रमुख जिन्सों/अधिक संभावनाओं वाले मूल्य श्रृंखला उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के कार्य को, हितदाता संस्थाओं की प्रविष्टियों की भागीदारी सहित विशिष्ट प्रचार पहलों के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है। इनसे किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि-निर्यात नीति 2018 के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने को निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट बना देश का पहला ट्रांसशिपमेंट हब

  • दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट देश का पहला ट्रांसशिपमेंट हब बन गया है। इससे छोटे शहरों के निर्यातकों को हवाई मार्ग के जरिए वैश्विक बाजार में उनके उत्पाद भेजने में आसानी होगी।
  • आईजीआई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) के प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईजीआई एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा हवाईअड्डा बन गया है जिसके पास पूरी तरह से समर्पित ट्रांसाशिपमेंट एक्सिलेंस सेंटर है।
  • राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति, 2016 में देश के बड़े हवाई अड्डों को ‘एयर कार्गो ट्रांसशिपमेंट सेंटर’ के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। डायल का यह कदम उसी दिशा में एक पहल है। सीमा शुल्क विभाग ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। उसने इस सेंटर के संचालन के लिए कुछ मानक तय किए हैं।
  • इस सेंटर के शुरू होने से छोटे शहरों के निर्यातक दिल्ली के रास्ते अपने प्रोडक्ट देश के अन्य हिस्सों के साथ ही विदेशों में भी आसानी से भेज सकेंगे। इस सेंटर की स्थापना एयरपोर्ट एक बड़े भूभाग पर की गई है। इससे 24 घंटे माल के ट्रांसशिपमेंट में आसानी होगी। एक शहर से किसी एयरलाइन में आने वाला माल ट्रांसशिपमेंट से होता हुआ बिना किसी दिक्कत के दूसरे शहरों को जाने वाली दूसरी एयरलाइन के विमान में स्थानांतरित किया जा सकेगा। सेंटर शुरू होने के बाद आने वाले समय में आईजीआई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े हब के तौर पर विकसित हो सकता है

गुरुग्राम में बनेगा ‘सूर्यपुत्र देशों’ का मुख्यालय

  • सूर्यपुत्र की कार्ययोजना पर अब तक 75 सदस्य देश हस्ताक्षर कर चुके हैं और इनमें से 54 देशों की संसद से इसे मंजूरी भी मिल गई है। आइएसए के कामकाज का संचालन राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान स्थित संगठन के अस्थायी सचिवालय से किया जा रहा है।
  • आधुनिक भवन निर्माण कला का विशिष्ट नमूना पेश करने वाली इस इमारत के आसपास कुछ कृत्रिम जलाशयों के अलावा इमारत की छत पर एक बगीचा (रूफ गार्डन) भी बनाया जाएगा।
  • गुरुग्राम में बनने वाला 100 से ज्यादा ‘सूर्यपुत्र’ देशों का मुख्यालय पूरी तरह से हरित भवन होगा। इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आइएसए) की इस चार मंजिला इमारत में ऊर्जा एवं जल संरक्षण सहित पर्यावरण संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया जाएगा। दो साल में यह बनकर तैयार हो जाएगी। आइएसए के मुख्यालय की भवन निर्माण कार्ययोजना के मुताबिक विशेष आकार वाली इसकी इमारत पृथ्वी की तरह होगी जिसे चारों ओर से सदस्य देशों के हाथों की एक आकृति का सहारा दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर सौर ऊर्जा की प्रचुर संभावना वाले 121 देशों ने आइएसए का नवंबर 2015 में गठन किया था। अंतरसरकारी संगठन के रूप में गठित आइएसए का मकसद कर्क एवं मकर रेखा के आसपास स्थित सदस्य देशों में सौर ऊर्जा का अधिकतम दोहन कर जीवाश्म ईंधन पर ऊर्जा की निर्भरता में कमी लाना है। मोदी ने आइएसए के सदस्य देशों को ‘सूर्यपुत्र’ का नाम दिया था। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण संबंधी पेरिस समझौते के तहत 2030 तक सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने के लिए 1000 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश लक्ष्य की प्राप्ति में सूर्यपुत्र देशों के संयुक्त प्रयासों को आइएसए के माध्यम से फलीभूत बनाना है।

सूर्यपुत्र की कार्ययोजना पर अब तक 75 सदस्य देश हस्ताक्षर कर चुके हैं और इनमें से 54 देशों की संसद से इसे मंजूरी भी मिल गई है। आइएसए के कामकाज का संचालन राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान स्थित संगठन के अस्थायी सचिवालय से किया जा रहा है।

30 जून 2020 तक पूरे भारत में ‘एक राष्‍ट्र एक राशन कार्ड’ योजना लागू

  • केन्‍द्रीय उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान ने आज कहा कि सरकार 30 जून 2020 तक पूरे भारत में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना लागू करेगी। सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने और फ्वांट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के माध्‍यम से खाद्यान्‍न वितरण की व्‍यवस्‍था अपने अंतिम चरण में है।
  • वर्तमान में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, तेलंगाना और त्रिपुरा ऐसे 10 राज्‍य हैं, जहां खाद्यान्‍न वितरण का 100 प्रतिशत कार्य पीओएस मशीनों के जरिए हो रहा है और इन राज्‍यों में सार्वजनिक वितरण की सभी दुकानों को इंटरनेट से जोड़ा जा चुका है।
  • इन राज्‍यों में लाभार्थी सार्वजनिक वितरण की किसी भी दुकान से अनाज प्राप्‍त कर सकता है। आशा है कि 15 अगस्‍त, 2019 से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, गुजरात एवं महाराष्‍ट्र राज्‍यों के लाभार्थी दोनों राज्‍यों में स्थि‍त किसी भी दुकान से अनाज प्राप्‍त कर सकेंगे।
  • एक राष्‍ट्र एक राशन कार्ड योजना को पूरे देश में कार्यान्वित करने के लिए युद्धस्‍तर पर कार्य जारी है। इसके लिए सभी राशन कार्डों के आंकड़ों को एक सर्वर से जोड़ा जाएगा। 30 जून, 2020 के बाद लाभार्थी देश के किसी भी हिस्‍से में और किसी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अनाज प्राप्‍त कर सकेगा।
  • पूरी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिपो ऑनलाइन प्रणाली (डीओएस) के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभों को लोगों तक पहुंचाने में कोई अवरोध न हो। चार महीनों के अंदर एफसीआई राज्‍य सरकारों को डीओएस के साथ जोड़ने के लिए इंटरनेट गेट-वे उपलब्‍ध कराएगा। इसके दो महीनों के अंदर राज्‍य सरकारें अपनी भंडारण प्रणाली को डीओएस के साथ जोड़ सकेंगी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चावल का सुदृढीकरण और इसका वितरण’

  • खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चावल का सुदृढीकरण और इसका वितरण’, जिसे 14 फरवरी 2019 को प्रशासनिक अनुमोदन दिया गया था, के लिए एक नई केन्‍द्रीय प्रायोजित पायलट स्‍कीम का कार्यान्‍वयन करेगा। पायलट स्‍कीम को 2019-20 से आरंभ तीन वर्ष की अवधि के लिए 147.61 करोड़ रुपए के कुल बजट परिव्‍यय के साथ स्‍वीकृति दी गई है। पायलट स्‍कीम का वित्‍त पोषण भारत सरकार द्वारा पूर्वोत्‍तर, पहाड़ी एवं द्वीपीय राज्‍यों के संबंध में 90:10 के अनुपात में एवं शेष अन्‍य राज्‍यों के लिए 75:25 के अनुपात में किया जाएगा।
  • पायलट स्‍कीम का फोकस 15 जिलों (प्रति राज्‍य एक जिला) पर होगा। वर्तमान में, नौ राज्‍यों ने स्‍कीम को आरंभ करने के प्रति सहमति जताई है एवं जिलों की पहचान की है। ये राज्‍य हैं आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्‍ट्र, उत्‍तर प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु एवं असम। शेष राज्‍यों से जिलों को चुनने और चावल में पोषक तत्‍वों के मिश्रण के लिए एजेंसी/मिलों को चुनने के लिए आग्रह किया गया है। इसे सरकार के 100 दिनों के एजेंडा में रखा गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहले ही आंगनवाड़ी केन्‍द्रों एवं मिड डे मील स्‍कीम में पोषक तत्‍वों के साथ चावल उपलब्‍ध करा रहे हैं।

नेशनल रिसर्च फाउंडेशन

  • उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध को बढ़ावा देने की सरकार की पहल को नई शिक्षा नीति से भी ताकत मिली है। नीति में इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का एक अनुसंधान फाउंडेशन बनाने की सिफारिश की गई है। जहां शोध से जुड़े कामों का आकलन और उन्हें बढ़ावा देने जैसे काम होंगे। इनमें प्रासंगिक और सामाजिक रूप से उपयोगी अनुसंधान को प्रमुखता से शामिल करने की सिफारिश की गई है।
  • नई शिक्षा नीति के प्रस्तावित मसौदे में इसके साथ ही ऐसे उच्च शिक्षण संस्थानों को भी चिन्हित करने पर जोर दिया गया है, जहां मौजूदा समय में शोध कार्यो की गति बेहद सुस्त है। ऐसे में इन संस्थानों को नए सिरे से शोध को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही प्रतिष्ठित शोध संस्थानों से सेवानिवृत्त हो चुके विद्वानों का भी एक ग्रुप बनाने की बात कही गई है, जो समय-समय पर शोध से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राय देगा।
  • प्रस्तावित नीति के मुताबिक फाउंडेशन शोधकर्ताओं, सरकार, उद्योग और मंत्रालयों के बीच संपर्क का काम करेगा। साथ ही सभी क्षेत्रों में होने वाले शोध कार्यो पर अपनी पैनी नजर भी रखेगा। मौजूदा समय में सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों में होने वाले शोध कार्यो का आपस में कोई भी तालमेल नहीं है।
  • विश्वस्तरीय दर्जा रखने वाले संस्थानों का चयन उनके शोध प्रदर्शन को देखते हुए किया जाता है। फिलहाल इस प्रस्तावित नीति को लेकर सरकार अभी लोगों की राय लेने में जुटी है। इसके तहत 31 जुलाई तक राय दी जा सकती है।

बच्चों व महिलाओं को कुपोषण से उबारने के लिए योजनाओं की निगरानी और समीक्षा

  • सरकार ने बच्चों व महिलाओं को कुपोषण से उबारने के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की निगरानी और समीक्षा शुरू कर दी है। इनमें पोषण अभियान या राष्ट्रीय पोषाहार मिशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना (PMMVY) और आंगनबाड़ी सेवा योजना शामिल हैं।
  • नीति आयोग की तकनीकी इकाई राष्ट्रीय पोषण मिशन के प्रभाव की सामयिक समीक्षा करेगी। 'मिशन के तहत संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी और समीक्षा के लिए राष्ट्रीय पोषण संसाधन केंद्र-केंद्रीय परियोजना निगरानी इकाई (NNRC-CBMU) की स्थापना की गई है।'
  • PMMVY की नियमित निगरानी मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन (MIS) के जरिये की जाएगी। 'सरकार ने आंगनबाड़ी के कार्यो को और बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय, राज्य, जिला, खंड व गांव स्तर पर निगरानी प्रणाली विकसित की है।' किशोरियों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की निगरानी के लिए भी राष्ट्रीय, राज्य, जिला, खंड व गांव स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है।
  • उल्लेखनीय है कि वैश्विक पोषण रिपोर्ट-2018 के अनुसार भारत में कुपोषित बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां 4.46 करोड़ बच्चे कुपोषण की वजह से बौने रह गए हैं।

पीवी नरसिम्हाराव कंथनपल्ली सुजाला स्रवंती परियोजना

  • सरकारी पर्यावरण समिति ने तेलंगाना के जयशंकर भूपालापैली जिले में गोदावरी नदी पर 2,121 करोड़ रुपये के बांध के निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है।
  • पीवी नरसिम्हाराव कंथनपल्ली सुजाला स्रवंती परियोजना के तहत गोदावरी नदी के ऊपर 23 मीटर ऊंचा और 1,132 मीटर लंबा बांध बनना है।
  • इस बांध के बनने से तीन जिलों जयशंकर भूपालापैली, नालगोंडा और खामम में रबी के मौसम में सिंचाई की सुविधा होगी। पर्यावरण संबंधी शर्तों को लागू करने के लिए केंद्र सरकार की बनाई पर्यावरण समिति ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की अंतिम मंजूरी से पहले अपनी सिफारिशें दी थीं।

2024 तक प्रत्येक परिवार को नल से जल मुहैया कराने का लक्ष्य

  • सरकार ने 2030 तक देश में सभी परिवारों को पाइपलाइन के जरिये ‘नल से जल’ मुहैया कराने के लक्ष्य को छह साल पहले ही 2024 में हासिल कर लिये जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने भारत के लिये 2030 तक सभी घरों को नल से जल मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया था। सरकार यह काम 2024 तक पूरा कर लेगी।
  • जल संसाधन के संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिये सरकार ने पानी की कमी वाले जिलों की पहचान कर इनमें जलस्तर को बेहतर बनाने, जलशोधन के व्यापक उपाय करने और पानी को रिजार्च करने की पहल की गयी है।
  • नीति आयोग की ‘‘स्ट्रेटजी फॉर न्यू इंडिया एट दर रेट आफ 75’’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार पानी की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 2001 में 1816 घन मीटर से 2011 में घटकर 1544 घन मीटर हो गयी है।
  • जल प्रबंधन के मामले में सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके तहत केन्द्र सरकार राज्यों को सभी प्रकार की तकनीकी मदद भी मुहैया करा रही है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली पर राज्यों द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक 17,25,808 ग्रामीण बसावटों में से 13,98,292 बसावटों में मौजूदा मानदंडों के अनुसार सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिये ढांचागत अवसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।
  • तटीय क्षेत्रों में पेजयल संकट को दूर करने के लिये कुछ तमिलनाडु और पुदुचेरी में समुद्र जल को पेयजल बनाने के सफल प्रयोग हुये हैं। गुजरात में भी ऐसे प्रयोग चल रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि समुद्र जल को पेयजल बनाने में ऊर्जा की अत्यधिक खपत को देखते हुये कम ऊर्जा व्यय वाली तकनीक की खोज पर काम जारी है।
  • देश की विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिये 17 लिंक चिन्हित किये गये हैं। इन पर काम शुरु करने के लिये राज्य सरकारों के साथ सहमति कायम की जा रही है।

:: अंतराष्ट्रीय समाचार ::

स्विस बैंकों में भारतीयों का धन: भारत खिसककर 74वें स्थान पर पहुंचा, ब्रिटेन अब भी सबसे ऊपर

  • स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा रखे जाने वाले धन के मामले में भारत का स्थान एक पायदान नीचे फिसलकर 74वें स्थान पर आ गया है। जबकि ब्रिटेन अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
  • दुनियाभर के लोगों ने जितना धन स्विटजरलैंड के बैंकों में जमा कराया है उसका मात्र 0.07 प्रतिशत धन ही भारतीयों का वहां जमा है। पिछले साल इस सूची में भारत का स्थान 73वां था जबकि उससे पिछले साल यह 88वें पर था।
  • केंद्रीय बैंक के आंकड़ों का आकलन दिखाता है कि भारतीयों या भारतीय कंपनियों ने स्विस बैंकों में कम पैसा जमा कराया है। दुनियाभर के ग्राहकों द्वारा स्विस बैंकों में जमा कराए गए कुल धन का यह मात्र 0.07 प्रतिशत है।
  • ब्रिटेन इस सूची में शीर्ष पर है। 2018 के अंत तक ब्रिटेन के निवासियों या कंपनियों ने स्विस बैंकों में जमा कराए कुल विदेशियों के धन का करीब 26 प्रतिशत जमा किया है।
  • ब्रिटेन के बाद इस सूची में क्रमश: अमेरिका, वेस्ट इंडीज, फ्रांस और हांगकांग का स्थान है।
  • शीर्ष पांच देशों द्वारा स्विस बैंक में जमा कराया गया धन कुल विदेशियों द्वारा जमा कराए गए धन के 50 प्रतिशत से अधिक है। जबकि शीर्ष-15 देशों की सूची में यह धन 75 प्रतिशत के आसपास पहुंच जाता है जबकि शीर्ष-30 की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत है।
  • शीर्ष-10 की सूची में बहमास, जर्मनी, लक्जमबर्ग, केमैन आईलैंड और सिंगापुर शामिल है।

ईरान ने किया तय सीमा से ज्यादा संवर्धित यूरेनियम का किया भंडारण

  • ईरान ने आखिर मान लिया है कि उसने 2015 में हुए परमाणु करार का उल्लंघन कर तय सीमा से ज्यादा संवर्धित यूरेनियम का भंडारण किया है। ईरान ने दुनिया के छह शक्तिशाली देशों अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और जर्मनी के साथ करार किया था। लेकिन गत वर्ष मई में इस करार से अमेरिका हट गया था और ईरान पर सख्त प्रतिबंध थोप दिए थे। अमेरिका ने आशंका जताई है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में जुटा है।
  • ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद जरीफ ने सोमवार को कहा कि उनके देश ने संवर्धित यूरेनियम के भंडारण की सीमा का उल्लंघन करते हुए 300 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (यूएफ6) का भंडारण किया है। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब करार पर हस्ताक्षर करने वाले बाकी यूरोपीय देशों ने ईरान से अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु करार के साथ बने रहने की अपील की है।
  • जरीफ के बयान पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) ने कहा है कि उसके जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या ईरान ने वाकई अनुमति से ज्यादा संवर्धित यूरेनियम का भंडारण किया है? वे इस बारे में जल्द ही अपनी रिपोर्ट एसेंजी को सौंप देंगे।
  • आइएईए ने गत बुधवार को यह कहा था कि ईरान के पास मोटे तौर पर 200 किलोग्राम निम्न स्तर पर संवर्धित यूरेनियम है। यह परमाणु समझौते के तहत तय सीमा 202.8 किलोग्राम से कुछ कम है।
  • परमाणु करार को बनाए रखने को लेकर वियना में गत शुक्रवार को हुई बातचीत के बाद ईरान ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन की सीमा का उल्लंघन नहीं करने को लेकर यूरोपीय देशों का प्रस्ताव बेहद मामूली है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने यूरोपीय देशों से आग्रह किया कि वे प्रयास तेज करें क्योंकि समझौते को बनाए रखने के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है।

पाकिस्तान को विश्व बैंक व कतर से 1,222 मिलियन डॉलर का कर्ज मिला

  • पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को शनिवार को विश्वबैंक व कतर के कर्ज का सहारा मिला। कराची में नागरिक व सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विकास के लिए विश्व बैंक ने 722 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 4978.21 करोड़ भारतीय रुपये) के कर्ज को मंजूरी दे दी।
  • वहीं, कतर ने पिछले सप्ताह तीन बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा के तहत पहली किस्त के रूप में 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 3447.51 करोड़ भारतीय रुपये) जारी कर दिए।एक्सप्रेस ट्रिब्यून की शनिवार की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व बैंक द्वारा अनुमोदित 722 मिलियन अमेरिकी डॉलर के कर्ज में से 652 मिलियन का इस्तेमाल कराची के विकास में किया जाएगा, जबकि 70 मिलियन का उपयोग देश के उत्तर-पश्चिमी राज्य खैबर पख्तूनख्वाह में पर्यटन सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा।
  • उधर, कतर द्वारा जारी की गई पहली किस्त बैंक ऑफ पाकिस्तान में जमा हो गई है। इससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा कोष को बल मिलेगा। अमीर तमीम बिन अहमद अल थानी के इस्लामाबाद दौरे के बाद कतर ने पिछले सप्ताह यह घोषणा की थी कि वह जमा व प्रत्यक्ष निवेश के रूप में तीन बिलियन डॉलर का निवेश करेगा।
  • स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुख्य वक्ता आबिद कमर ने डॉन को बताया कि कतर से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर बतौर जमा प्राप्त हुए हैं। कतर के विदेश मंत्री ने कहा कि तीन बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश के साथ कतर-पाकिस्तान की आर्थिक साझेदारी नौ अरब अमेरिकी डॉलर की हो जाएगी।

:: राजव्यवस्था एवं महत्वपूर्ण विधेयक ::

केंद्रीय शैक्षणिक संस्था (शिक्षक के काडर में आरक्षण) विधेयक-2019

  • केंद्रीय शैक्षणिक संस्था (शिक्षक के काडर में आरक्षण) विधेयक-2019 सोमवार को लोकसभा में पारित हो गया। इसमें केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में सीधी भर्ती में विभागवार आरक्षण की बजाय संस्थान को इकाई मानने और 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को लागू करने का प्रावधान है।
  • इस विधेयक में किए गए प्रावधानों से केंद्रीय शैक्षणिक संस्थाओं व शिक्षकों के काडर में अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्गों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को उचित आरक्षण मिल पाएगा।
  • पहले विश्वविद्यालय को इकाई मानकर ही शिक्षकों के पदों पर आरक्षण का प्रावधान था। मगर, बाद में एक याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभागों को इकाई मानकर आरक्षण निर्धारित करने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट में भी इस फैसले पर राहत नहीं मिलने के बाद सरकार ने बीते मार्च में अध्यादेश के जरिए इस बदलाव को लागू कर दिया था। इसी अध्यादेश की जगह अब यह विधेयक लाया गया है।

पूरा नगालैंड में छह महीने के लिए आफ्सपा के तहत

  • पूरे नगालैंड राज्य को विवादास्पद आफ्सपा के तहत और छह महीने के लिए, दिसम्बर अंत तक ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया गया है जो कि सुरक्षा बलों को कहीं भी अभियान संचालित करने और बिना किसी पूर्व सूचना के किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार देता है। सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) कानून नगालैंड में कई दशकों से लागू है।
  • गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार का विचार है कि क्षेत्र जिसमें पूरा नगालैंड आता है, वह एक ऐसी ‘‘अशांत और खतरनाक स्थिति’’ में है कि नागरिक प्रशासन की सहायता में सशस्त्र बल का इस्तेमाल जरूरी है।
  • रविवार को जारी अधिसूचना में कहा गया, ‘‘अब, इसलिए सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 (1958 के नम्बर 28) की धारा तीन द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार घोषणा करती है कि उक्त पूरा राज्य उक्त अधिनियम के लिए 30 जून, 2019 से छह महीने की अवधि के लिए एक 'अशांत क्षेत्र' होगा।’’
  • नगालैंड को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित रखने का निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि हत्याएं, लूट और उगाही राज्य के विभिन्न हिस्सों में जारी है। इसने वहां तैनात सुरक्षा बलों की सुविधा के लिए इस कदम को जरूरी बना दिया। पूर्वोत्तर के साथ ही जम्मू कश्मीर से विभिन्न संगठनों की ओर से विवादास्पद सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) कानून (आफ्सपा) को निरस्त करने की मांग होती रही है, उनका कहना है कि यह सुरक्षा बलों को ‘‘व्यापक अधिकार’’ देता है।

खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण : उपभोक्ताओं को सचेत करने के नए मसविदा नियम

  • भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने खाद्य पदार्थों के पैकेजिंग नियमों में बदलाव की तैयारी की है। नए नियमों के तहत खाद्य कंपनियों को अपनी पैकेट पर सामने की ओर लाल रंग में उच्च वसा, चीनी और नमक की मात्रा का उल्लेख करना होगा। इसका मकसद उपभोक्ताओं को इन खाद्य पदार्थों को लेकर सचेत करना है। एफएसएसएआइ के मुताबिक, नया मसविदा अधिसूचना के लिए तैयार है और यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमन 2011 की जगह लेगा। प्राधिकरण का कहना है कि नियमों में बदलाव का मकसद नागरिकों को खाद्य उत्पादों की संरचना को लेकर ज्यादा जानकारी उपलब्ध कराना है।
  • एफएसएसएआइ ने 25 जून को जारी बयान में कहा कि पैकिंग के दौरान डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों पर आरडीए (रिकमंडेड डायटरी अलाउंस) के अंशदान का उल्लेख करना होगा। इसके तहत खाद्य कंपनियों को पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारियों का खुलासा करना होगा। इसमें कैलोरी (ऊर्जा), संतृप्त वसा, ट्रांस-फैट, एडेड शुगर और सोडियम की मात्रा का उल्लेख पैकेट पर सामने की ओर करना होगा।
  • इसके अलावा कंपनियों को अनुशंसित आहार भत्ता (आरडीए) के लिए प्रतिशत योगदान का भी उल्लेख करना होगा। ज्यादा नमक वाले खाने, ज्यादा चर्बी वाले खाने और ज्यादा चीनी वाले खाने डिब्बों पर लाल रंग के स्टिकर लगाने होंगे। लाल रंग की कोडिंग पर एफएसएसएआइ ने कहा है कि इसकी मदद से लोग आसानी से जान सकेंगे कि जो वो खाना खरीद रहे हैं, उसमें कौन सी सामग्री का उपयोग हुआ है। डिब्बा बंद खाने के नियम को तीन साल के अंदर ही लागू करने की योजना तैयार की जा रही है।
  • मसविदा नियमों की अधिसूचना जारी होने के 30 दिन के भीतर सभी हितधारकों को अपनी आपत्तियां और सुझाव जमा कराने होंगे। अंतिम फैसला किए जाने से पहले उद्योग संगठनों की चिंताओं पर भी चर्चा की जाएगी। नियामक ने कहा कि जारी होने के बाद नियमों को सभी कंपनियां चरणबद्ध तरीके से एक साल के भीतर अनिवार्य रूप से लागू करेंगी। बड़ा बदलाव उत्पादन और इस्तेमाल की तिथियों को लेकर किया जाएगा। प्राधिकरण ने अपने बयान में कहा है कि अभी कंपनियां उत्पाद के निर्माण और एक्सपायरी तिथियां अलग-अलग जगह लिखती हैं। नए नियमों के तहत कंपनियों को पैकेट पर निर्माण और एक्सपायरी डेट एक ही जगह अंकित करना जरूरी होगा। अभी पैकेट पर पीछे की तरफ पोषण संबंधी जानकारियां होती हैं, जिसे बदलना होगा। पैकेजिंग को लेकर बदलाव प्रस्ताव पर अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संगठन ने सरकार को पत्र लिखा है कि नियामक का प्रस्तावित नियम न तो वैज्ञानिक है और न ही व्यवहारिक है। प्राधिकरण को उपभोक्ताओं को अपनी खुराक और जीवनशैली के अनुरूप उपयुक्त खानपान को लेकर जागरूक करना चाहिए।

पृष्ठभूमि

भारत में मोटापा और डायबिटीज की समस्या बढ़ने के कारण सरकार ने दो साल पहले नियमों में बदलाव की शुरुआत की थी। साथ ही सरकार ने देश भर में कथित जंक फूड पर ‘फैट टैक्स’ लगाने पर भी विचार शुरू किया। एफएसएसएआई ने कहा कि नए ‘लेबलिंग एवं डिस्प्ले’ विनियमों के लिए मसविदा तैयार है। नए नियम खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम, 2011 की जगह लेंगे। एफएसएसएआइ ने कहा कि डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों में कितनी मात्रा में क्या-क्या चीजें मिलाई गई हैं, इसकी जानकारी नागरिकों को देने के लिए ये नियम लाए जा रहे हैं। जिसका मकसद उपभोक्ताओं को सेहतमंद खाद्य पदार्थ का विकल्प देना है।

:: आर्थिक समाचार ::

मई, 2019 में आठ कोर उद्योगों की वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत रही

  • आठ कोर उद्योगों का संयुक्‍त सूचकांक मई, 2019 में 138.7 अंक रहा, जो मई, 2018 में दर्ज किए गए सूचकांक के मुकाबले 5.1 प्रतिशत ज्यादा है। दूसरे शब्‍दों में, मई, 2019 में आठ कोर उद्योगों की वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत आंकी गई है। वहीं, वर्ष 2019-20 की अप्रैल-मई अवधि के दौरान आठ कोर उद्योगों की संचयी उत्‍पादन वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही।
  • औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भारांक (वेटेज) का 40.27 प्रतिशत हिस्सा आठ कोर उद्योगों में शामिल होता है।

कोयला

  • मई, 2019 में कोयला उत्‍पादन (भारांक: 10.33%) मई, 2018 के मुकाबले 1.8 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल-मई, 2019-20 में कोयला उत्‍पादन की वृद्धि दर पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत अधिक रही।

कच्‍चा तेल

  • मई, 2019 के दौरान कच्‍चे तेल का उत्‍पादन (भारांक: 8.98%) मई, 2018 की तुलना में 6.9 प्रतिशत गिर गया। अप्रैल-मई, 2019-20 में कच्‍चे तेल का उत्‍पादन बीते वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.8 प्रतिशत कम रहा।

प्राकृतिक गैस

  • मई, 2019 में प्राकृतिक गैस के उत्‍पादन की वृद्धि दर (भारांक: 6.88%) मई, 2018 के मुकाबले 0.0 प्रतिशत आंकी गई। अप्रैल-मई, 2019-20 में प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत गिर गया।

रिफाइनरी उत्‍पाद

  • पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्‍पादों का उत्‍पादन (भारांक: 28.04%) मई 2019 में 1.5 प्रतिशत गिर गया। अप्रैल-मई, 2019-20 में पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्‍पादों का उत्‍पादन पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.3 प्रतिशत अधिक रहा।

उर्वरक

  • मई, 2019 के दौरान उर्वरक उत्‍पादन (भारांक: 2.63%) 1.0 प्रतिशत गिर गया। अप्रैल-मई 2019-20 में उर्वरक उत्‍पादन बीते वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.6 प्रतिशत कम रहा।

इस्‍पात

  • मई, 2019 में इस्‍पात उत्‍पादन (भारांक: 17.92%) 19.9 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल-मई, 2019-20 में इस्‍पात उत्‍पादन पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 19.4 प्रतिशत ज्‍यादा रहा।

सीमेंट

  • मई, 2019 के दौरान सीमेंट उत्‍पादन (भारांक: 5.37%) मई 2018 के मुकाबले 2.8 प्रतिशत ज्यादा रहा। अप्रैल-मई, 2019-20 के दौरान सीमेंट उत्‍पादन बीते वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत अधिक रहा।

बिजली

  • मई, 2019 के दौरान बिजली उत्‍पादन (भारांक: 19.85%) मई 2018 के मुकाबले 7.2 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल-मई, 2019-20 में बिजली उत्‍पादन पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 6.6 प्रतिशत अधिक रहा।

विनिर्माण क्षेत्र की सुस्त रफ्तार, जून में 52.1 पर पहुंचा PMI इंडेक्स

  • देश के विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन जून में सुस्त रहा है। जून माह में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ धीरे रही है। कंपनियों के परचेजिंग मैनेजरों के बीच किए जाने वाले मंथली सर्वे में यह बात सामने आई है। फिलहाल जून में आईएचएस मार्किट इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स ( PMI ) 52.1 अंक पर रहा है। वहीं, मई में पीएमआई इंडेक्स 52.7 पर था।
  • मई की तुलना में पीएमआई सेक्टर में गिरावट देखी गई है। ग्रोथ की रफ्तार में यह कमी नए ऑर्डर की संख्या में वृद्धि कम रहने के कारण उत्पादन और रोजगारों के सृजन में कमी के चलते हुई है। पिछले 23 महीनों से मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 50 के आंकड़े से ऊपर रहा है। पीएमआई का आंकड़ा 50 से ऊपर रहने पर क्षेत्र में विस्तार, जबकि नीचे रहने पर संकुचन दर्शाता है।
  • अगर हम अप्रैल माह की बात करें तो विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन का इंडेक्स निक्केई 51.8 फीसदी पर था। जबकि मार्च में यह 52.6 पर था। अप्रैल और मार्च की तुलना में इसमें काफी गिरावट देखी गई है। आईएचएस मार्किट में प्रधान अर्थशास्त्री पॉलिना डे लिमा ने कहा, 'फैक्ट्री ऑर्डर्स, उत्पादन, रोजगार और निर्यात का स्तर में वृद्धि देखी गई, लेकिन घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय मांग में कमी आने से इन सबके ग्रोथ की रफ्तार में सुस्ती रही है।'
  • सर्वेक्षण के मुताबिक, उपभोक्ता वस्तुएं ग्रोथ का अहम स्रोत रही हैं, जिसके कारण बिक्री, उत्पादन एवं रोजगारों में वृद्धि दर्ज की गई। इंटरमीडियट गुड्स कैटिगरी में उत्पादन तथा नए ऑर्डर्स में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन रोजगारों स्थिरता रही है।

:: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ::

'स्ट्रम अटाका' मिसाइल

  • लड़ाई की किसी भी परिस्थिति में खुद को पूरी तरह से तैयार रखने के लिए भारत ने रूस से एंटी टैंक मिसाइल खरीदने का सौदा किया है। बालाकोट स्ट्राइक के बाद पैदा हुए तनाव जैसी किसी भी परिस्थिति में खुद को पूरी तरह से तैयार रखने के लिए भारत रूस से 'स्ट्रम अटाका' मिसाइल खरीदेगा। यह मिसाइलें भारतीय वायुसेना के रूस निर्मित हमलावर हेलीकॉप्टर एमआई 35 के लिए खरीदी जाएंगीं।
  • 'रूस से अटाका मिसाइल खरीदने की डील आपातकालीन नियम के तहत साइन की गई है, जिसके तहत डील साइन होने के 3 महीने के अंदर भारत को एंटी टैंक मिसाइलें मिलेंगीं।' नई मिसाइलों के साथ भारत के एमआई 35 हेलीकॉप्टर दुश्मन के टैकों और अन्य कई तरह के बख्तरबंद वाहनों को ध्वस्त करने में सक्षम हो जाएंगे।
  • भारत के एमआई 35 हेलीकॉप्टरों की मौजूदा फ्लीट अमेरिकी 'अपाचे' हेलीकॉप्टरों से बदली जानी है हालांकि भारत ने रूस से एंटी टैंक मिसाइल को लंबे समय के लिए खरीदा है। ऐसे में संभावना ये भी जताई जा रही है कि कुछ समय तक अपाचे और एमआई 35 भारतीय वायुसेना में एक साथ सेवा दे सकते हैं।

:: पर्यावरण और पारिस्थितिकी ::

जलवायु परिवर्तन से संकट में धान की खेती, तापमान बढ़ने से घटती चावल की उत्पादकता

  • जलवायु परिवर्तन का भारी असर धान की खेती पर दिखने लगा है। तापमान बढ़ने से चावल की घटती उत्पादकता चिंता का सबब बन गया है। खाद्य सुरक्षा में धान (चावल) की हिस्सेदारी सबसे अधिक होने से कृषि वैज्ञानिक इस चुनौती से लगातार जूझ रहे हैं। इसीलिए सरकार का पूरा जोर धान की खेती की जगह मोटे अनाज वाली फसलों पर है। आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा का दायित्व भी चावल की बजाय अब ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे मोटे अनाज पर होगा।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का आकलन करने और इसकी चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की कई एजेंसियों ने अध्ययन किया है। दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट फार ड्राइलैंड एग्रीकल्चर, समेत राज्यों के कृषि विश्वविद्यालयों ने अध्ययन रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है। इसमें 2020, 2050 और 2080 तक देश की खाद्य सुरक्षा के लिए खाद्यान्न की जरूरत और सीमित होते प्राकृतिक संसाधनों में पैदावार की रफ्तार शामिल है।
  • मानसून आधारित खरीफ सीजन की पांच प्रमुख फसलों पर जलवायु परिवर्तन का बड़ा असर पड़ रहा है। अध्ययन रिपोर्ट में चार दशकों की अवधि को शामिल किया गया है। इस दौरान इन प्रमुख फसलों की उत्पादकता, तापमान और बारिश का अध्ययन किया गया है। इसका आकलन पांच सौ जिलों में अलग-अलग जगहों पर किया गया।
  • मौसम विभाग के हिसाब से मानसून क्षेत्रों में होने वाली बारिश में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इस दौरान कुछ जगहों पर अत्यधिक बारिश होती रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से संबद्ध शोध संस्थानों के अध्ययन में बताया गया है कि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में धान व गेहूं जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता पर जलवायु परिवर्तन का विपरीत असर पड़ने लगा है। जबकि मध्य गंगा के मैदानी क्षेत्रों में मक्के की खेती प्रभावित हो रही है।
  • जेनेटिक एंड प्लांट ब्रीडिंग के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर आरबी सिंह का कहना है 'धान की उत्पादकता यानी टोटल फैक्टर आफ प्रोडक्टिविटी (टीएफपी) ग्रोथ रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जलवायु परिवर्तन के चलते मौसम की अनिश्चितता सबसे बड़ा खतरा बन गई है। सारी कोशिशों के बाद उत्पादकता का न बढ़ पाना चिंता का विषय है।
  • भारत में एक से डेढ़ डिग्री सेंटीग्रेट तक तापमान बढ़ा है, जो खतरे का सूचक है।' आईसीएआर के महानिदेशक डाक्टर त्रिलोचन महापात्र ने कहा 'देश में धान की 50 फीसद खेती असिंचित क्षेत्रों में होती है, जो तापमान बढ़ने और बारिश की अनिश्चितता का शिकार हो सकती है। इसके लिए खेती के पैटर्न को बदलने की जरूरत पर काम चल रहा है।'
  • दूसरी ओर एन्वायरमेंटल रिसर्च लेटर में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में भी यही बात कही गई है। इसके मुताबिक धान की खेती पर जलवायु परिवर्तन के काले बादल छाने लगे हैं। पत्रिका में किसानों को मशविरा दिया गया है कि इस खतरे को समय से भांपते हुए वैकल्पिक फसलों की खेती पर जोर देना चाहिए।
  • धान की खेती में अत्यधिक पानी की जरूरत होती है, जो लगातार घट रहा है। एक वैज्ञानिक अध्ययन में कहा गया है कि एक किलो चावल तैयार करने में तीन से पांच हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ती है।
  • दूसरी सुझाव है कि देश में एग्रो क्लाइमेटिक जोन के हिसाब से खेती होनी चाहिए। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में चावल (धान) की हिस्सेदारी 44 फीसद है। खरीफ सीजन में खाद्यान्न के कुल पैदावार में 73 फीसद चावल की खेती होती है। जबकि मक्का 15 फीसद, बाजरा 8 फीसद और बाजरा 2.5 फीसद होती है।
  • अध्ययन में कहा गया है कि खाद्यान्न सुरक्षा के लिए चावल की जगह अन्य फसलों की खेती के प्रसार को बढ़ाना होगा। मोटे अनाज वाली इन्हीं फसलों पर खाद्य सुरक्षा का दारोमदार है।

जापान वाणिज्यिक रूप से व्हेल का शिकार शुरू करने के लिए आयोग से हटा

  • जापान 60 से अधिक सालों की सदस्यता के बाद रविवार को अंतर्राष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग से अलग हो गया। जापान की योजना संरक्षणवादी समूहों व एंटी व्हेलिंग देशों की आलोचनाओं के बीच फिर से वाणिज्यिक रूप से व्हेल का शिकार शुरू करने की है। समाचार एजेंसी क्योदो की रिपोर्ट के मुताबिक, वाणिज्यिक रूप से व्हेल के शिकार को फिर से शुरू करने के लिए तीन दशकों की पैरवी के बाद जापान आईडब्ल्यूसी से बाहर हुआ है।
  • दुनियाभर में व्हेल के शिकार पर रोक लगाने के लिए इंटरनैशनल वेलिंग कमिशन का गठन किया गया है और यह 1986 से प्रभावी है।

:: विविध ::

कृष्णास्वामी नटराजन बने भारतीय तटरक्षक बल के नये प्रमुख

  • भारतीय तटरक्षक बल (indian coast gaurd) के नये मुखिया के रुप में कृष्णास्वामी नटराजन (Krishnaswamy Natarajan)को नियुक्त किया गया है।

चौधरी नफे सिंह राठी भारतीय शैली कुश्ती संघ के नये अध्यक्ष

  • हरियाणा के बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक चौधरी नफे सिंह राठी को भारतीय शैली कुश्ती संघ का रविवार को अध्यक्ष चुन लिया गया।

20वें आइफा अवॉर्ड का आयोजन नेपाल में होगा

  • भारत के 20वें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकेडमी (आइफा) अवार्ड का आयोजन अगस्त में नेपाल में किया जाएगा, जिससे खराब स्थिति में चल रहे नेपाल के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिल सकता है। 2015 में आए भयानक भूकंप के बाद इस देश का पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

डीआइजी अपर्णा के नाम जुड़ा एक और कीर्तिमान, डेनाली पर्वत पर लहराया तिरंगा

  • भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) के सीमाद्वार परिसर में उप महानिरीक्षक के पद पर तैनात यूपी कैडर की आइपीएस 44 वर्षीय अपर्णा कुमार के नाम एक और कीर्तिमान जुड़ गया है। उन्होंने अलास्का के डेनाली पर्वत पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचा है। अपर्णा देश की पहली महिला आइपीएस हैं, जिन्होंने सेवन समिट यानी विश्व के सात उच्च शिखरों का आरोहण किया है। दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा फहराने वाली भी वह पहली महिला वर्दीधारी हैं।
  • अपर्णा कुमार ने जिन शिखर पर झंडा फहराया है, उनमें माउंट एवरेस्ट (एशिया), माउंट किलिमंजारों (तंजानिया, अफ्रीका), माउंट एल्ब्रस (यूरोप), कार्सटेंस पिरामिड (इंडोनेशिया), विन्सन मैसिफ (अंटार्कटिका), माउंट एकांकागुआ (दक्षिणी अमेरिका), माउंट डेनाली (अलास्का) शामिल हैं। वह दक्षिणी ध्रुव पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं।

एनएस विश्वनाथन दोबारा बने RBI के डिप्टी गवर्नर, 4 जुलाई से प्रभावी होगी नियुक्ति

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के इस्तीफे के बाद रिजर्व बैंक ने डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन को नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है।कार्मिक मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आदेश के अनुसार कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने विश्वनाथन की एक साल के लिए और डिप्टी गवर्नर पद पर पुन: नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्त चार जुलाई से ही प्रभावी होगी। उनका मौजूदा कार्यकाल तीन जुलाई को पूरा हो रहा है। विश्वनाथन के अलावा इस समय बी पी कानूनगो और एम के जैन केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर हैं।

स्पेन रिकॉर्ड पांचवीं बार बना अंडर-21 यूरो चैंपियन

फेबियन रुइज और दानी ओलमो के दम पर स्पेन ने गत चैंपियन जर्मनी को 2-1 से मात देकर रिकॉर्ड पांचवीं बार यूरोपियन अंडर-21 चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। इसके साथ ही स्पेन ने 2017 में जर्मनी के हाथों फाइनल में मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया।

:: प्रिलिमिस बूस्टर ::

  • प्रथम भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला (आईआईसीटीएफ) का आयोजन कहाँ किया जा रहा है? (प्रगति मैदान, नई दिल्ली -11 से 13 अक्तूबर, 2019)
  • हाल ही में कौन सा एयरपोर्ट देश का पहला ट्रांसशिपमेंट हब बन गया है? (इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय -आईजीआई एयरपोर्ट,दिल्ली)
  • सूर्यपुत्र देशों के मुख्यालय का निर्माण कहाँ करवाया जा रहा है? (गुरुग्राम- हरियाणा)
  • किस तिथि तक पूरे भारत में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना लागू हो जाएगी? (30 जून 2020 तक)
  • पीवी नरसिम्हाराव कंथनपल्ली सुजाला स्रवंती परियोजना किस नदी पर बनाई जा रही है? (गोदावरी नदी)
  • सरकार द्वारा किस तिथि तक देश में सभी परिवारों को पाइपलाइन के जरिये ‘नल से जल’ मुहैया कराने के लक्ष्य रखा गया है? (2024)
  • स्विस बैंक की रिपोर्ट के अनुसार स्विस बैंकों में रखे वाले धन के मामले में भारत का स्थान कौन सा है? (74वें स्थान-ब्रिटेन प्रथम)
  • हाल ही में किस राज्य में अफस्पा कानून को 6 महीने का विस्तार प्रदान किया गया है? (नागालैंड)
  • केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में सीधी भर्ती में आरक्षण और 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को लागू करने के क्रम में किस विधेयक को संसद में प्रस्तुत किया गया है? केंद्रीय शैक्षणिक संस्था (शिक्षक के काडर में आरक्षण) विधेयक-2019
  • मई, 2019 में आठ कोर उद्योगों की वृद्धि दर क्या रही? (5.1 प्रतिशत)
  • भारत सरकार द्वारा हाल ही में रूस से कौन सी मिसाइलों की खरीद हेतु समझौता किया गया है? (स्ट्रम अटाका मिसाइल)
  • हाल ही में कौन सा देश अंतर्राष्ट्रीय व्हेलिंग आयोग से अलग हो गया? (जापान)
  • हाल ही में किसे तटरक्षक बल का प्रमुख नियुक्त किया गया है? (कृष्णास्वामी नटराजन)
  • हाल ही में किसे भारतीय शैली कुश्ती संघ का अध्यक्ष चुना गया है? (नफे सिंह राठी)
  • 20वें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म अकेडमी (आइफा) अवार्ड का आयोजन कहाँ किया जाने वाला है? (नेपाल)
  • सेवन समिट यानी विश्व के सात उच्च शिखरों का आरोहण करने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी कौन है?  (अपर्णा)
  • हाल ही में किसे रिजर्व बैंक का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है? (एन एस विश्वनाथन)
  • हाल ही में कौन सा देश अंडर-21 यूरो चैंपियन बना? (स्पेन)

स्रोत साभार: Dainik Jagran (Rashtriya Sanskaran), Dainik Bhaskar (Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara (Rashtriya Sanskaran) Hindustan Dainik (Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times (Hindi & English), PTI, PIB

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